Bareilly News: बिहार का चंदन साइबर ठगों को मुहैया कराता था बैंक खाता, पुलिस ने किया गिरफ्तार
बरेली के फरीदपुर निवासी सेवानिवृत्त सैनिक से हुई साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने बिहार के एक युवक को गिरफ्तार किया है। वह साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था।
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बरेली में एक महिला ने खुद को सैन्य अधिकारी बताकर एक सेवानिवृत्त सैनिक से ऑनलाइन दोस्ती की और जमीन के कारोबार के बहाने नौ लाख आठ हजार रुपये ठग लिए। इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने बिहार निवासी चंदन दास को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
यह मामला दिसंबर 2025 का है। फरीदपुर के ताज कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त सैनिक रामप्रताप ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एक महिला ने व्हाट्सएप पर उनसे दोस्ती की और चैटिंग शुरू कर दी। महिला ने खुद को भारतीय सैन्य अधिकारी बताया और अपनी तैनाती विदेश में बताई थी। उसने भारत आकर जमीनों की खरीद-फरोख्त का कारोबार करने का झांसा दिया। इसके बाद महिला ने रामप्रताप से नौ लाख आठ हजार रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ठगों की तलाश कर रही थी। पुलिस की जांच में बिहार के बेगूसराय लाखन पट्टी निवासी मनीष दास और दरभंगा बहेरी बालगांव निवासी चंदन कुमार दास को चिह्नित किया गया। साइबर थाना इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि मनीष दास गिरफ्तारी के डर से कोर्ट में हाजिर हो गया था। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सोमवार को हरियाणा गुरुग्राम के पालम विहार में छिपे चंदन दास को गिरफ्तार कर लिया।
नौ महीने से रह रहा था गुरुग्राम में
पुलिस के अनुसार, बिहार के दरभंगा का मूल निवासी चंदन कुमार दास आठवीं तक पढ़ा है। वह परिवार के साथ विभिन्न राज्यों में मजदूरी करता है। चंदन ने बताया कि वह नौ महीने से गुरुग्राम में रह रहा था। एक कंपनी में डिलीवरी का काम करते समय उसकी मुलाकात राज नाम के युवक से हुई। राज के कहने पर उसने एक व्यक्ति का खाता खुलवाकर दिया, जिसमें राज का नंबर लिंक कराया गया।
इसके बदले राज ने उसे पांच हजार रुपये दिए। इसके बाद चंदन ने अलग-अलग राज्यों में काम करने वाले चौदह लोगों के खाते खुलवाकर राज को उपलब्ध कराए। चंदन ने अपना खाता भी खुलवाकर दिया था। कुछ दिन बाद साइबर ठगी की शिकायतें मिलने पर सभी खाते फ्रीज हो गए। इसके बाद से चंदन छिपकर रहने लगा था।
जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई
चंदन ने बताया कि पवन कुमार दास के दो बैंक खाते, प्रदीप, राजू, आदित्य धनोलिया, दीपक, मनीष दास और कृष्णदास के एक-एक बैंक खाते अलग-अलग बैंकों में खुलवाए गए थे। सेवानिवृत्त सैनिक रामप्रताप को झांसे में लेकर पवनदास, मनीषदास, कृष्णदास और चंदन दास आदि के खातों में रकम डलवाई गई थी। ये खाते गुरुग्राम और पटियाला की बैंकों में खोले गए थे।