Bareilly News: एक जुलाई से लागू होगी जी राम जी योजना, अब 125 दिन मिलेगा रोजगार
'जी राम जी' योजना 1 जुलाई से लागू होगी। यह मनरेगा की जगह लेगी। ग्रामीण मजदूरों को अब 100 की बजाय 125 दिन रोजगार मिलेगा। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक होगा। रोजगार के दिन बढ़ने से बरेली के 1.64 लाख से अधिक जॉब कार्ड धारकों की आय बढ़ेगी।
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केंद्र सरकार की विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (जी राम जी) योजना एक जुलाई से लागू होने जा रही है। यह मनरेगा का स्थान लेगी और इसके तहत ग्रामीण मजदूरों को अब 100 की बजाय 125 दिन रोजगार मिलेगा। सॉफ्टवेयर भी अपडेट हो जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शासन व जिला स्तर पर सारी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।
नई व्यवस्था के तहत, मजदूरों को हर सप्ताह मजदूरी का भुगतान करने का प्रावधान किया गया है, जिससे उन्हें समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी। बरेली जिले में मनरेगा के तहत 2.13 लाख पंजीकृत मजदूर हैं, जबकि सक्रिय जॉब कार्ड धारकों की संख्या एक लाख 64 हजार 799 है। अभी मजदूरों को 100 दिन का रोजगार और प्रतिदिन 252 रुपये की मजदूरी मिलती है। नई योजना में मजदूरी में कोई वृद्धि नहीं की गई लेकिन काम के दिन बढ़ने से ग्रामीणों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।
जी राम जी योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर विकसित करना भी है। इस बार यह प्रयास किया जा रहा है कि कृषि कार्य के समय जाब कार्ड धारकों को रोजगार नहीं दिया जाएगा। वजह कि इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य के लिए मजदूर नहीं मिलते हैं। योजना को विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ब्लॉकवार सक्रिय जॉबकार्ड धारक
भदपुरा 12884, भूता में 16884, बहेड़ी में 11713, भोजीपुरा में 9037, क्यारा में 3898, फरीदपुर में 9454, फतेहगंज पश्चिमी 9109, बिथरी चैनपुर में 9000, मझगवां में 10815, दमखोदा 10155, नवाबगंज में 23602, रामनगर में 7149, शेरगढ़ में 10900, आलमपुर जफराबाद में 11452 सक्रिय जॉबकार्ड धारक हैं।
प्रभारी डीसी मनरेगा चंद्र प्रकाश ने बताया कि एक जुलाई से योजना लागू होने के मद्देनजर प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। नई व्यवस्था से ग्रामीण मजदूरों को अधिक रोजगार, नियमित भुगतान व आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।