UP: सीएम योगी बोले- 'साइकिल' चलेगी तो दंगे होंगे, इसलिए जनता ने पंचर कर दी; सपा-कांग्रेस पर जमकर बरसे
Pilibhit News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पीलीभीत के पतरासा कुंवरपुर गांव में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। जानिए सीएम योगी के भाषण की बड़ी बातें...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीलीभीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के पतरासा कुंवरपुर गांव में 569.11 करोड़ रुपये की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने करीब ढाई हजार विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार पत्र सौंपे। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा। कहा कि सपा और कांग्रेस को सिर्फ मुसलमानों की चिंता है।
सपा-कांग्रेस ने वंचितों की कभी चिंता नहीं की: योगी
मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने वर्षों तक शासन किया, लेकिन बांग्लादेश से आए प्रताड़ित हिंदू परिवारों, गरीबों, दलितों और वंचितों की चिंता कभी नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों की राजनीति केवल तुष्टिकरण तक सीमित रही, जबकि भाजपा सरकार सभी वर्गों के लिए काम कर रही है।
देश के विभाजन का दर्द आज भी झेल रहे बंगाली परिवार: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का विभाजन दुर्भाग्यपूर्ण था और उसी का परिणाम है कि हजारों परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और बाद में बांग्लादेश में प्रताड़ना झेलने वाले हिंदू परिवारों को अब भारत में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिला है। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन के माध्यम से इन परिवारों को न्याय मिला है।
यह भी पढ़ें- UP News: पीलीभीत में सीएम योगी ने विस्थापित परिवारों को दी बड़ी सौगात, सौंपे भूमि अधिकार प्रमाण पत्र
ढाई हजार विस्थापित परिवारों को मिला अधिकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीलीभीत में लगभग 2,500 विस्थापित परिवारों यानी करीब 15 हजार लोगों को नागरिकता और भूमि अधिकार का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऐसे करीब 55 हजार परिवारों को चरणबद्ध तरीके से अधिकार दिलाने का अभियान चल रहा है। इसकी शुरुआत पीलीभीत से हुई। बाराबंकी, बहराइच में भी यह क्रम चल रहा है। अभी कुछ मामलों में वन विभाग और केंद्र सरकार की अनुमति मिलते ही अन्य परिवारों को भी लाभ दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी के नेता पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें समय पर उठने की आदत नहीं, जो दोपहर 12 बजे उठते हैं और शाम को जिम चले जाते हैं, उन्हें गरीबों की पीड़ा समझ में नहीं आती। उन्होंने कहा कि गरीबों और वंचितों की चिंता केवल भाजपा सरकार ने की है। भाजपा ने गरीबों की पीड़ा को संवेदना को जोड़ा है।
'सैफई का विकास हुआ, पीलीभीत उपेक्षित रहा'
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों ने केवल एक परिवार और एक क्षेत्र के विकास पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी ने वास्तव में पूरे प्रदेश के विकास पर काम किया होता तो पीलीभीत में पहले ही मेडिकल कॉलेज, बेहतर सड़कें, पर्यटन सुविधाएं और गरीबों को भूमि अधिकार मिल गए होते। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूरे प्रदेश के संतुलित विकास के लिए काम कर रही है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी प्रदेश और देश की प्रगति का आधार मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर होता है। बेहतर सड़कें, एक्सप्रेसवे, रेलवे और हवाई संपर्क आर्थिक विकास को गति देते हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा तैयार कर रही है, जिससे निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
पीलीभीत को मिली नई पहचान, विकास को मिली रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीलीभीत अब विकास की नई पहचान बन रहा है। मेडिकल कॉलेज, सड़क चौड़ीकरण, पर्यटन, जैव विविधता संरक्षण, युवाओं के लिए कौशल विकास और गरीबों को नागरिकता व भूमि अधिकार जैसी योजनाओं ने जिले को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रयास से केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ तेजी से जिले तक पहुंच रहा है।
गंगा एक्सप्रेसवे और आर्थिक कॉरिडोर से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं विकास की नई तस्वीर पेश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गोरखपुर से शामली तक बनने वाला आर्थिक कॉरिडोर पीलीभीत क्षेत्र को भी बेहतर संपर्क देगा। यह कॉरिडोर आगे पानीपत और सिलीगुड़ी तक जुड़ने वाली संपर्क व्यवस्था का हिस्सा बनेगा, जिससे व्यापार, परिवहन, उद्योग और निवेश को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से ही तेज प्रगति संभव है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व से पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व आज जिले की सबसे बड़ी पहचान बन चुका है। प्रदेश सरकार जैव विविधता संरक्षण के साथ पर्यटन सुविधाओं का भी विस्तार कर रही है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पीलीभीत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर सरकार आगे बढ़ रही है।
'कांग्रेस और सपा ने केवल तुष्टिकरण की राजनीति की'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद इन दलों ने हिंदू, सिख, जैन और अन्य प्रताड़ित समुदायों की चिंता नहीं की, बल्कि केवल मुसलमानों की राजनीति करते रहे। मुसलमानों की चिंता करते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसी धर्म या जाति के आधार पर नहीं, बल्कि गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नागरिकता और भूमि अधिकार जैसी योजनाओं का लाभ उन लोगों तक पहुंचाया जा रहा है, जिन्हें दशकों तक उनके अधिकारों से वंचित रखा गया।
गुंडा-माफिया पर योगी का हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में गुंडों और माफियाओं का आतंक था। वे गरीबों और व्यापारियों की जमीनों पर कब्जा करते थे, विकास कार्यों में बाधा डालते थे और आम लोगों का जीना दूभर कर देते थे। उन्होंने कहा कि पहले दंगे, कर्फ्यू और अपराध आम बात थे, लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद कानून व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है और किसी भी अपराधी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में "नो दंगा, नो कर्फ्यू, सब चंगा" का माहौल है। अपराधियों और माफियाओं में कानून का भय है, जबकि व्यापारी, महिलाएं, किसान और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के कल्याण के लिए है, न कि किसी गुंडे या माफिया को संरक्षण देने के लिए।
'पहले गोशाला की जमीन पर सपाइयों का था कब्जा'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में गोशालाओं की जमीन, सार्वजनिक संपत्तियों और गरीबों की भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले कुछ लोग राजनीतिक संरक्षण में गोशालाओं और अन्य सरकारी जमीनों पर कब्जा कर लेते थे, लेकिन अब ऐसी हरकतों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। जहां गोशाला बनी है वहां पहले किसी सपाई का ही कब्जा रहा होगा। जब कब्जे खाली करने की चेतावनी दी तो भाग गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता गोशालाओं की सुरक्षा, पशुधन संरक्षण और अवैध कब्जों को हटाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग सपाइयों के संरक्षण में जमीनों पर कब्जा, अराजकता और अवैध गतिविधियों में शामिल हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।