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Bareilly News: कार्रवाई के बाद बढ़ा ग्राफ, संस्थागत प्रसव का 75 फीसदी लक्ष्य पूरा

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jan 2026 03:01 AM IST
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Graph increased after action, 75 percent target of institutional delivery achieved
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आशा कार्यकर्ताओं की निगरानी शुरू होने के बाद बढ़ी संस्थागत प्रसव की संख्या
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बरेली। संस्थागत प्रसव में पिछड़ने से लाल सूची में शामिल ब्लॉकों में अब इसका ग्राफ बढ़ने लगा है। दावा है कि आशा कार्यकर्ताओं की निगरानी और प्रोत्साहन का सिलसिला शुरू होने से यह तेजी आई है। जिलाधिकारी ने सभी चिकित्साधिकारियों को इसे बरकरार रखने की हिदायत दी है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बहेड़ी, कुआडांडा, फतेहगंज पश्चिमी, रामनगर, भमोरा और बिथरी चैनपुर में वर्ष 2024 के सापेक्ष वर्ष 2025 में संस्थागत प्रसव की संख्या घटने पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने नाराजगी जताई थी। चिकित्साधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका संदिग्ध बताई थी। उनकी निगरानी के निर्देश दिए गए थे। चिकित्साधिकारियों की रिपोर्ट पर करीब 20 आशा कार्यकर्ता, संगिनी, सपोर्ट स्टाफ आदि की सेवा समाप्त की गई थी। सौंपे गए दायित्व का निर्वहन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।
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इसके बाद प्रसव की संख्या बढ़ी और वर्तमान में वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष 75 फीसदी से अधिक संस्थागत प्रसव का लक्ष्य पूरा हुआ। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक, आशा कार्यकर्ता सक्रिय हैं। गर्भवतियों से संपर्क कर निशुल्क स्वास्थ्य सेवा का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने की हिदायत दी है। ब्यूरो

चार माह में 17,767 हुए संस्थागत प्रसव
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025-26 में संस्थागत प्रसव का लक्ष्य करीब 65 हजार है। इसमें अप्रैल से जुलाई तक 9,774 संस्थागत प्रसव हुए थे। अगस्त से नवंबर तक संख्या 27,541 पहुंच गई। महज चार माह में ही 17,767 प्रसव हुए। सीएमओ का दावा है कि दिसंबर तक 75 फीसदी से ज्यादा का लक्ष्य पूरा हो गया है।


संस्थागत प्रसव के बाद होती है जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य की निगरानीसंस्थागत प्रसव से मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर निगरानी होती है। गर्भधारण से लेकर प्रसव तक सभी जांच और इलाज की सुविधाएं मिलती हैं। जननी सुरक्षा और मातृ वंदना योजना का लाभ मिलता है। प्रसव के बाद पोषण के लिए आर्थिक सहायता मिलती है। प्रसव पूर्व गर्भवतियों की एंटी नेटल केयर जांच और प्रसव के बाद बच्चे को जानलेवा रोगों से निजात के लिए नियमित टीकाकरण होता है।
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