Weather Update: बरेली में गरज-चमक के साथ तेज बारिश, आंधी से कहीं गिरे पेड़ तो कहीं दीवार
बरेली में बृहस्पतिवार को शाम के वक्त अचानक मौसम बदला और काले बादल छा गए। तेज आंधी चली। इसके बाद गरज-चमक के साथ जमकर बारिश हुई, जिससे लोगों को राहत मिली है। क्योंकि बीचे कई दिनों से भीषण गर्मी से लोग बेहाल थे। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज हुई है।
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बरेली में सप्ताह भर से 40 डिग्री के पार दर्ज हो रहा पारा और गर्म हवा का सितम बृहस्पतिवार की शाम आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश से थम गया। बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिली है। मौसम विभाग ने चार दिन बाद फिर सक्रिय विक्षोभ हावी होने से बादल मंडराने और अनुकूल माहौल बनने पर बारिश के आसार जताए हैं।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ अतुल कुमार के मुताबिक, उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू कश्मीर के पास चक्रवाती परिसंचरण से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के चक्रवाती परिसंचरण से ओडिशा तक आर्द्र पुरवा हवा की प्रतिक्रिया से वायुमंडलीय अस्थिरता, महाराष्ट्र पर बने प्रतिचक्रवाती परिसंचरण से आंधी-तूफान (70 किमी प्रति घंटे की गति) के साथ बारिश हुई। इससे लोगों को गर्मी से खासी राहत मिली। न्यूनतम पारा सामान्य से नीचे पहुंचने से लू की स्थिति समाप्त हो गई।
बेमौसम बारिश से राहत के बाद मई के शुरुआती तीन दिन में पारे में 4-6 डिग्री सेल्सियस की बढ़त मुमकिन है। पांच मई को अगले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से फिर बारिश के अनुकूल माहौल बनेगा। इससे पारे में गिरावट होगी। बृहस्पतिवार को अधिकतम पारा 35.1 और न्यूनतम 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
कहीं पेड़ गिरे तो कहीं बाउंड्री
आंधी के साथ हुई बारिश से शहर और देहात में कई जगह पेड़ गिरे। कोहाड़ापीर में सराफा कारोबारी राजीव गुप्ता के प्रतिष्ठान की बाउंड्री गिरने से एक बाइक दब गई। होर्डिंग्स, बैनर हवा से उड़कर दूर जा गिरे। इससे यातायात प्रभावित रहा। कुछ जगहों पर छोटे-छोटे ओले गिरने की भी सूचना मिली।
डिहाइड्रेशन, डायरिया से मिलेगी हल्की राहत
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक, पारा सामान्य से अधिक होने से बच्चों की सेहत बिगड़ रही थी। बृहस्पतिवार को डायरिया और हिडहाइड्रेशन से पीड़ित 30 बच्चे वार्ड में भर्ती रहे। हालांकि, बारिश के साथ तापमान में आई गिरावट से ओपीडी और वार्ड में बच्चों की कतार कम होने के आसार हैं।
