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UP: सिक्सलेन बनाए जा रहे बरेली-मथुरा हाईवे पर संकेतक-चेतावनी बोर्ड नदारद... हर कदम पर हादसे का डर

संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 25 Jan 2026 04:34 PM IST
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सार

सिक्सलेन किए जा रहे बरेली-मथुरा हाईवे पर अनदेखी के चलते राहगीरों की जान जोखिम में है। हाईवे पर चेतावनी बोर्ड और संकेतक नदारद हैं। अंधे कट और गहरे गड्ढे हादसे की संभावना को और बढ़ा रहे हैं। बरेली के देवचरा और भमोरा में बाइपास निर्माण के कारण हालात ज्यादा खराब हैं। 

lack of signboards and warning signs on the Bareilly-Mathura highway increases the risk of accidents
बरेली-मथुरा हाईवे पर हो रहा निर्माण कार्य - फोटो : संवाद
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) बरेली-मथुरा हाईवे का निर्माण फेस-4 में करा रहा है। हाईवे को फोर से सिक्सलेन करने के लिए दोनों ओर खोदाई करके मिट्टी डाली जा रही है। देवचरा-भमोरा के बीच बन रहे बाइपास पर फ्लाईओवर निर्माण कराया जा रहा है। हाईवे को कई स्थानों पर एक लेन कर दिया गया है। चेतावनी और संकेतक न होने के कारण वन-वे पर अचानक आने वाले कट को कई बार वाहन चालक समझ ही नहीं पाते। मकरंदपुर, सरदार नगर, चांडपुर, बिशारतगंज रोड, आंवला रोड, दातागंज रोड पर हादसे का डर रहता है। 

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ग्रामीण बोले- मिट्टी खोदकर कर दिए गहरे गड्ढे 
दिन-रात मिट्टी लेकर दौड़ रहे डंपरों ने स्थिति को और भी बिगाड़ दिया है। बारिश के बाद सड़क पर फिसलन हो गई। देवचरा-भमोरा के बीच बनाए जा रहे 650 करोड़ के बाइपास ने समस्या को ज्यादा बढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाइपास के लिए कई स्थानों पर मिट्टी खोदकर सात-आठ फुट गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं। जिन स्थानों पर हाईवे को निर्माण के कारण सिंगल लेन किया गया है वहां भी चेतावनी और संकेतक बोर्ड नहीं लगाए गए हैं।
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स्कूल-कॉलेजों के आसपास भी बेपरवाही
हाईवे पर बाइपास निर्माण के दौरान स्कूल-कॉलेजों के आसपास भी बेपरवाही दिखाई दे रही है। यहां भी संकेतक और चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। बरेली से देवचरा और भमोरा तक हाईवे के दोनों ओर 15 से ज्यादा छोटे-बड़े शिक्षण संस्थानों के अलावा परिषदीय स्कूल भी हैं। छात्र-छात्राओं को खतरे के बीच हाईवे पार करना पड़ता है। 

मिट्टी के लिए खेतों में 10 फुट तक कर दी खोदाई 
मकरंदपुर, सरदारनगर, चांडपुर समेत कई गांवों के खेतों में गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। 10 फुट तक के गहरे खनन के कारण आसपास के किसानों में गुस्सा है। किसानों का कहना है कि विरोध और अधिकारियों से शिकायत के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा। 

मनोज कुमार ने बताया कि रात-दिन मिट्टी भरे डंपर दौड़ रहे हैं। कई जगह हाईवे पर अचानक कट आ जाता है। कई जगह वन-वे कर दिया गया है। संकेतक और चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। योगेश कुमार ने बताया कि बारिश के बाद कीचड़ व फिसलन ने खतरा और भी बढ़ा दिया है। जिन स्थानों पर मिट्टी का डलाव किया गया था वहां स्थिति ज्यादा खराब है। कई जगह मिट्टी के ढेर लगा दिए गए हैं। 

परमेंद्र चौहान ने बताया कि रामगंगा से लेकर भमोरा तक स्थिति बेहद खराब है। स्कूल-कॉलेजों के आसपास भी संकेतक और चेतावनी बोर्ड न लगाना लापरवाही का उदाहरण है। हादसों का खतरा बना रहता है। किशकेंद्र सिहं ने कहा कि पिछले दिनों हाईवे पर डंपर की टक्कर से एंबुलेंस चालक की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं गया। बरेली-बदायूं के बीच रात में यात्रा खतरनाक हो गई है। 

बरेली-मथुरा हाईवे के चौड़ीकरण और देवचरा-भमोरा के बीच बाइपास व फ्लाईओवर निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। आवश्यकता के अनुसार जल्द संकेतक और चेतावनी बोर्ड लगवाए जाएंगे। अगर कहीं पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। - उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक एनएचएआई

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