UP News: नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा सरकार को बताया शिक्षा विरोधी, जौहर यूनिवर्सिटी प्रकरण पर दिया बड़ा बयान
उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा विरोधी मानसिकता के साथ काम कर रही है। उन्होंने रामपुर के जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त किए जाने के आदेश को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई के आदेश को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार देते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। बरेली के सर्किट हाउस पहुंचने पर प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि गरीब और पिछड़े वर्ग के छात्रों की शिक्षा के उद्देश्य से स्थापित जौहर यूनिवर्सिटी को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है। अगर प्रशासन ने कार्रवाई नहीं रोकी तो पार्टी राज्यपाल से मुलाकात करेगी और न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाएगी।
माता प्रसाद पांडे ने कहा कि जिस भूमि पर जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण हुआ, वहां न जिला पंचायत थी और न नगर पंचायत। वर्ष 2024 में क्षेत्र का विस्तार कर संबंधित गांवों को स्थानीय निकाय में शामिल किया गया। ऐसे में 48 बीघा जमीन पर यह कहकर कार्रवाई करना कि भवन का नक्शा स्वीकृत नहीं कराया गया, पूरी तरह अनुचित है। तर्क था कि स्थानीय निकाय का अस्तित्व ही नहीं था तो नक्शा पास कराने का प्रश्न ही नहीं उठता।
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राजनीतिक कारणों से आजम को फंसाने का आरोप
आरोप लगाया कि सपा नेता आजम खान को पहले राजनीतिक कारणों से मुकदमों में फंसाया, अब उनकी ओर से स्थापित शैक्षणिक संस्थान को भी खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा विरोधी मानसिकता के साथ काम कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाएं कराना सरकार और उसके मंत्रियों की जिम्मेदारी थी, लेकिन इसमें पूरी तरह विफल रही। इसलिए छात्र और युवा सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हैं। कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेंगे।
दिल्ली पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
माता प्रसाद पांडे ने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। कहा कि कहा कि प्रदर्शन के दौरान सादा कपड़ों में मौजूद लोगों ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया और मारपीट की। कहा कि यदि लाखों छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं तो सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए, न कि दमनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। बोले, संविधान निर्माण के समय 'जन गण मन' को राष्ट्रगान और 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रीय गीत का सम्मान दिया गया था।
आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक रूप से भयभीत है। प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकारें गरीबों और किसानों की बजाय बड़े उद्योगपतियों के हित में काम कर रही हैं। पूंजीपतियों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए जाते हैं, जबकि किसानों के छोटे-छोटे कर्ज भी माफ नहीं किए जाते।