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रुहेलखंड विश्वविद्यालय: एमटेक की फीस 40 हजार रुपये हुई कम, पीएचडी के लिए यूजीसी के नए नियमों का होगा पालन

संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Thu, 26 Mar 2026 03:11 AM IST
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सार

बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने एमटेक करने वाले विद्यार्थियों को बड़ा तोहफा दिया है।विश्वविद्यालय प्रशासन ने एमटेक की फीस एक लाख से घटाकर 80,000 प्रतिवर्ष कर दी गई है। 

MTech fees reduced new UGC rules to be followed for PhD in MJPRU bareilly
रुहेलखंड विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू) में बुधवार को कार्य परिषद (एक्जीक्यूटिव काउंसिल) की बैठक हुई। इसमें एमटेक की फीस कम करने, पीएचडी कोर्स के दौरान यूजीसी की नई गाइडलाइन के अनुपालन, शिक्षकों की नियुक्ति, शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की पदोन्नति जैसे निर्णयों का अनुमोदन किया गया।

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बैठक में एआई पॉलिसी 2026 के तहत विश्वविद्यालय को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी 2026 का ड्रॉफ्ट प्रस्तुत किया गया। दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा के अंतर्गत संचालित किए जाने वाले पाठ्यक्रमों के फीस स्ट्रक्चर के विषय में बताया गया। 
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एमटेक की फीस एक लाख से घटाकर 80,000 प्रतिवर्ष कर दी गई है। संगठक कॉलेज के शिक्षकों के वेतन में 5% की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया। शोध उपाधि एवं नियम के तहत विभिन्न विषयों में संपन्न हुई सफल मौखिक परीक्षा के आधार पर 13 शोधार्थियों को शोध उपाधि देने की जानकारी दी गई। साथ ही यूजीसी के नोटिफिकेशन के अनुसार शोध प्रबंध जमा करने के नए नियमों को लागू किया गया।

बैठक में राज्यपाल द्वारा नामित सदस्य प्रो. अजीत सिंह नैन, कुलपति प्रो. केपी सिंह, कुलसचिव हरीश चंद, वित्त अधिकारी विनोद कुमार, प्रो. विजय बहादुर सिंह यादव, प्रो. दुष्यंत कुमार, डॉ. संजीव कुमार सक्सेना, डॉ. रामकेवल, डॉ. विमल कुमार, डॉ. सौरभ वर्मा एवं डॉ. आशीष जैन व अन्य मौजूद रहे।

प्रो. श्याम बिहारी को दी श्रद्धांजलि
बैठक से पहले रुविवि के इतिहास विभाग के दिवंगत प्रोफेसर, कार्यपरिषद के सदस्य व विधायक रहे श्याम बिहारी लाल के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया। बैठक में राज्यपाल द्वारा चार में से तीन सदस्य घनश्याम खंडेलवाल, प्रो. अजीत सिंह नैन, प्रो. रजनी रंजन सिंह नामित किए गए। इसमें से मात्र एक ही सदस्य कार्यपरिषद में पहुंच सके। विवि के सभी निर्णयों पर चर्चा या कमेंट होने के बजाए इन्हें एकतरफा स्वीकार किया गया। इस पर स्थानीय नामित सदस्य घनश्याम खंडेलवाल ने बताया कि मार्च में क्लोजिंग के चलते नहीं आ सके।

डॉ. महेश सिंह बनेंगे रुविवि के पुस्तकालय अध्यक्ष
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय का अध्यक्ष पद प्रो. श्याम बिहारी लाल के गुजर जाने के बाद से प्रो. संजय मिश्रा संभाल रहे थे। लेकिन अब इसे एनआईटी पटना में वर्षों तक डिप्टी लाइब्रेरियन के पद पर रहे डॉ. महेश सिंह संभालेंगे। इनके बाद उपपुस्तकालय अध्यक्ष पद के लिए मुरादाबाद के एक निजी विवि में कार्यरत रहीं डॉ. विनीता जैन होंगी। शारीरिक शिक्षा में बिना विभाग के स्थापित हुए नियुक्ति पाने वाले मेरठ के एक निजी विश्वविद्यालय में कार्यरत रहे डॉ. संदीप कुमार चौधरी एसोसिएट प्रोफेसर नियुक्त हुए।

विधि विभाग में भी हुई दो नियुक्ति
विवि के विधि विभाग में दो पदों पर नियुक्ति हुई है। ये नियुक्ति बीस मार्च को हुए साक्षात्कार के आधार पर की गई। इसमें एक निजी कॉलेज के शिक्षक विवेक गुप्ता को प्रोफेसर नियुक्त किया गया। वहीं, डॉ. अरुण प्रकाश एसोसिएट प्रोफेसर होंगे।

वर्षों बाद मिली पदोन्नति
पदोन्नति में अर्थशास्त्र विभाग की डॉ. अनीता त्यागी को करीब नौ साल बाद पदोन्नति मिली। विधि विभाग के डॉ. अमित सिंह को छह साल बाद प्रोफेसर पद मिला। वहीं, वर्षों से प्रमोशन का इंतजार कर रहे डॉ. सुभाष को डिप्टी लाइब्रेरियन बनाया गया।

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