वीजा फर्जीवाड़ा: बरेली में नाइजीरिया का छात्र युसूफ भेजा गया जेल, फोन और लैपटॉप की होगी फॉरेंसिक जांच
नाइजीरिया और सूडान के दो छात्रों ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) लुधियाना का फर्जी पंजीकरण प्रमाणपत्र बनाया था। वीजा अवधि बढ़ाने के लिए ऑनलाइन आवेदन के दौरान इसका इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा करने का प्रयास किया। बरेली पुलिस की जांच में इसका खुलासा हुआ तो दोनों छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद आरोपी नाइजीरिया के छात्र युसूफ बाला को गिरफ्तार किया गया। बुधवार को उसे जेल भेज दिया गया।
विस्तार
बरेली में वीजा अवधि में विस्तार के लिए फर्जीवाड़ा के आरोपी नाइजीरिया के छात्र युसूफ बाला को बारादरी थाना पुलिस ने बुधवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। फर्जीवाड़ा में युसूफ का सहयोग करने वाले छात्र अयूब की गिरफ्तारी के लिए अब बृहस्पतिवार को पुलिस टीम पंजाब जाएगी। कुछ औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण बुधवार को पुलिस टीम की रवानगी नहीं हो सकी।
बुधवार को आरोपी छात्र को कोर्ट में पेश करने से पहले आईबी और एटीएस की टीमों ने भी उससे पूछताछ कर आतंकी कनेक्शन तलाशने की कोशिश की। छात्र का कोई आतंकी कनेक्शन अब तक सामने नहीं आया है। उसके मोबाइल और लैपटॉप को कब्जे में ले लिया गया है। इसको जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। यूसुफ ने सिटी यूनिवर्सिटी लुधियाना, पंजाब में 31 जनवरी को बीसीए कोर्स में प्रवेश लिया था। इसके बाद 19 जुलाई को महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड यूनिवर्सिटी, बरेली में बीएमएस प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया। उसकी वीजा अवधि 22 दिसंबर 2025 तक वैध है।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय में लिया था प्रवेश
युसूफ ने छात्र वीजा की अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन किया, जिसके संबंध में गोपनीय जांच एवं जानकारी से यह पाया गया कि युसूफ द्वारा पूर्व में जब सिटी यूनिवर्सिटी लुधियाना से रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बीएमएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया गया तो नियम अनुसार विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) अमृतसर से स्थानांतरण पंजीकरण प्रमाण/अनुमोदन प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाना था, लेकिन उसके द्वारा बिना अनुमोदन प्रमाणपत्र के ही रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में प्रवेश ले लिया गया। इसके बाद छात्र ने वीजा अवधि के विस्तार के लिए आवेदन किया। इसके लिए एफआरआरओ लुधियाना का फर्जी पंजीकरण प्रमाणपत्र अपलोड किया।
एसपी सिटी मनुष पारीक ने बताया कि जांच की जा रही है। यूसुफ का सहयोग करने वाले छात्र को भी गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी। यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में उसके साथ रहने वाले कुछ विदेशी छात्रों से भी पूछताछ की गई है।
एक ही लैपटॉप को 17 छात्र करते थे इस्तेमाल
इंस्पेक्टर बारादरी ने धनंजय पांडेय ने बताया कि एक ही लैपटॉप का नाइजीरिया के 17 छात्र इस्तेमाल कर रहे थे। फर्जीवाड़ा के आरोपी छात्र यूसुफ के करीबी नाइजीरिया निवासी एक बीटेक के छात्र से भी पूछताछ की गई है। अन्य विदेशी छात्रों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। लैपटॉप और मोबाइल से अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। छात्र की विदेश यात्राओं के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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