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UP: यूक्रेन में लापता बरेली के दीपक का अब तक सुराग नहीं, परिजन कर रहे सुरक्षित वापसी की कामना
Wed, 29 Jul 2026 10:44 AM IST
Mukesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Wed, 29 Jul 2026 10:44 AM IST
सार
यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर हुए हमले के बाद लापता बरेली के दीपक कुमार गुप्ता का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। चार दिन बीत चुके हैं। उनके परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। वहीं कंपनी कार्यालय से भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल रही है।
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दीपक कुमार
- फोटो : स्रोत- परिजन
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विस्तार
यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर शनिवार को हुए हमले के बाद भारतीय व्यापारिक जहाज एमवी एजीएन रैग्नार से एक भारतीय सीमैन लापता हो गया है। बरेली के बिथरी चैनपुर क्षेत्र के भरतौल गांव निवासी दीपक कुमार गुप्ता का मंगलवार देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। उनका परिवार और ग्रामीण लगातार सुरक्षित वापसी की कामना कर रहे हैं।
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दीपक के बड़े भाई संदीप गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली स्थित शिपिंग कंपनी के कार्यालय में संपर्क किया। हालांकि, उन्हें वहां से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई। इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है। मंगलवार को दीपक के घर पर पड़ोसियों और रिश्तेदारों का तांता लगा रहा। सभी ने परिजनों को ढाढ़स बंधाया।
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दीपक के पिता उद्धव साह ने बताया कि अभी तक किसी अनहोनी की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, इसलिए बेटे के सुरक्षित होने की उम्मीद बनी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि जहाज के अन्य क्रू मेंबरों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। एक बार बचाव अभियान जारी होने की जानकारी मिली थी, लेकिन उसके बाद से कोई फोन नहीं उठा।
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एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि मीडिया से लापता होने की सूचना मिली है। उन्होंने एलआईयू से जानकारी जुटाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि अधिकृत जानकारी मिलने पर उसे सार्वजनिक किया जाएगा। परिजनों ने झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार से भी संपर्क किया है और अब वे विदेश मंत्रालय तथा दूतावास से आधिकारिक सूचना का इंतजार कर रहे हैं।
रोमानिया में मिलने की भ्रामक खबर
मंगलवार सुबह एक अंतरराष्ट्रीय समाचार पोर्टल पर दोनों लापता भारतीय युवकों के रोमानिया में सुरक्षित मिलने का दावा किया गया था। इस खबर में न तो नाम थे और न ही कोई तस्वीर, जिससे भ्रम की स्थिति बनी रही। सूचना मिलते ही ग्रामीण दीपक के घर पहुंचे और परिजनों को बताया।
परिवार ने दिल्ली में मौजूद संदीप से दूतावास के माध्यम से पुष्टि कराने का प्रयास किया, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रीतराम ने ऐसी खबरों को भ्रामक बताया और आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी सूचना पर भरोसा न करने की सलाह दी।
मंगलवार सुबह एक अंतरराष्ट्रीय समाचार पोर्टल पर दोनों लापता भारतीय युवकों के रोमानिया में सुरक्षित मिलने का दावा किया गया था। इस खबर में न तो नाम थे और न ही कोई तस्वीर, जिससे भ्रम की स्थिति बनी रही। सूचना मिलते ही ग्रामीण दीपक के घर पहुंचे और परिजनों को बताया।
परिवार ने दिल्ली में मौजूद संदीप से दूतावास के माध्यम से पुष्टि कराने का प्रयास किया, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रीतराम ने ऐसी खबरों को भ्रामक बताया और आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी सूचना पर भरोसा न करने की सलाह दी।
यूक्रेन के साथ संपर्क में भारत
भारत ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर मालवाहक जहाज पर हुए हमले के बाद लापता दो भारतीय नाविकों की तलाश जारी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत इस मामले में यूक्रेन के स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। जायसवाल ने कहा कि 25 जुलाई को ओडेसा बंदरगाह पर एमवी एजीएन रैगनर जहाज पर हमला हुआ था।
भारत ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर मालवाहक जहाज पर हुए हमले के बाद लापता दो भारतीय नाविकों की तलाश जारी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत इस मामले में यूक्रेन के स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। जायसवाल ने कहा कि 25 जुलाई को ओडेसा बंदरगाह पर एमवी एजीएन रैगनर जहाज पर हमला हुआ था।