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आयुष्मान योजना का हाल: बरेली में मरीजों की जेब काट रहे निजी अस्पताल, सीएमओ के पास पहुंच रहीं शिकायतें

अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 08 Feb 2026 02:02 PM IST
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सार

बरेली के निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों से भी उपचार का शुल्क वसूला जा रहा है। इस तरह की शिकायत जनसुनवाई पोर्टल समेत सीएमओ के पास पहुंच रही हैं। जांच में आरोप पुष्ट होने पर अस्पताल प्रबंधक मरीजों को रकम लौटा रहा है। 

Private hospitals are charging money from Ayushman cardholder patients in Bareilly
आयुष्मान कार्ड - फोटो : अमर उजाला/एजेंसी
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विस्तार

बरेली के निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों से वसूली का सिलसिला थम नहीं रहा। आए दिन निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की शिकायतें शासन के पास पहुंच रही हैं। अस्पतालों की यह मनमानी जहां मरीजों की जेब पर भारी पड़ रही है, वहीं निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, आयुष्मान लाभार्थियों के इलाज में बरेली जिला प्रदेश में अव्वल है। इसका स्याह पहलू यह है कि यहां शिकायतों की भरमार है। 

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शासन के निर्देश पर शुक्रवार को सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने टीम के साथ शहर में संचालित चार अस्पतालों का निरीक्षण किया। ग्लेन कैंसर अस्पताल, श्री भोलानाथ अस्पताल में आयुष्मान लाभार्थी के नकद इलाज की पोल खुली। नारायणा अस्पताल के आईसीयू में एक्सपायरी इंजेक्शन, दवाएं मिलीं। ये मामले महज बानगी भर हैं। पूर्व में भी आयुष्मान लाभार्थियों के नकद इलाज के कई मामले आ चुके हैं। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर अस्पतालों को मरीजों के रुपये लौटाने पड़े थे। कड़ी कार्रवाई न होने से शिकायतों का क्रम जारी है। 
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निजी अस्पताल रुपये मांगे तो टोल फ्री नंबर पर करें शिकायत
योजना के जिला समन्वयक डॉ. अनुराग अग्रवाल के मुताबिक, इलाज कैशलेस होता है। निजी अस्पताल लाभार्थी से जांच, दवा या अन्य मद में रुपये नहीं ले सकते हैं। अगर कोई अस्पताल ऐसा कर रहा है तो तत्काल इसकी शिकायत टोल फ्री नंबर 180018004444 पर कर सकते हैं। सीएमओ कार्यालय और आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। आरोपों के संबंध में बतौर साक्ष्य दवा, जांच आदि की रसीदें होनी चाहिए।

केस- 1
बदायूं के दातागंज तहसील के गांव दियोरी निवासी शिशुपाल ने 27 नवंबर 2025 को बेटे कृष्णा को भोजीपुरा स्थित एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। शाम को डिस्चार्ज करा लिया। आईसीयू स्टाफ ने इलाज के नाम पर 10,500 रुपये लिए थे। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की। जांच में पुष्टि के बाद मेडिकल कॉलेज ने रुपये लौटाए।

केस- 2
सिमरा बोरीपुर निवासी संजय देव सिंह की मां रामेश्वरी देवी का इलाज आयुष्मान योजना के तहत 10 अक्तूबर 2025 को श्री गंगाचरण अस्पताल में हुआ था। जांच और दवा के लिए उनसे 8,324 रुपये लिए गए थे। सीएमओ कार्यालय में शिकायत हुई तो जांच टीम गठित की गई। आरोपों की पुष्टि के बाद अस्पताल प्रबंधन ने शिकायतकर्ता को रुपये लौटाए।

केस- 3
पीलीभीत बाइपास स्थित सनराइज अस्पताल में भमोरा के झिंझरी निवासी उर्वेश से 2.70 लाख रुपये वसूले गए थे। उनकी मौत के बाद पत्नी लक्ष्मी की शिकायत पर हुई जांच में आरोपों की पुष्टि हुई। तब रुपये लौटाने समेत साचीज को रिपोर्ट भेजकर अस्पताल प्रबंधन पर नियमानुसार दस से 20 गुना जुर्माना वसूलने और आयुष्मान पैनल से संबद्धता समाप्त करने की संस्तुति की गई।

केस- 4
भुता के भगवंतपुर निवासी शमशुल हसन का इलाज आयुष्मान योजना के तहत अलहिंद अस्पताल में आठ से 18 जून 2025 तक हुआ था। आयुष्मान कार्ड को दरकिनार कर अस्पताल प्रबंधन पर 53 हजार रुपये वसूलने का आरोप लगा। जांच में आरोप पुष्ट हुए तो अस्पताल प्रबंधन ने रुपये लौटाए। अन्य आरोपों के संबंध में साचीज से कार्रवाई की संस्तुति की गई थी।

सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि औचक निरीक्षण जारी रहेगा। जिन अस्पतालों में प्रोटोकॉल का उल्लंघन मिलेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई समेत आयुष्मान योजना से संबद्धता निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी।  
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