Bareilly News: सोशल मीडिया पर शिक्षकों को किया बदनाम, छात्रों के कारनामों से अभिभावक भी हैरान
बरेली में सालभर में साइबर थाने पहुंची शिकायतों की जांच के बाद कुछ छात्रों के ऐसे कारनामे सामने आए हैं, जिसे जानकर शिक्षक और अभिभावक भी हैरान रह गए। छात्रों ने अपने शिक्षकों को ही सोशल मीडिया पर बदनाम करने का प्रयास किया।
विस्तार
बरेली के प्रतिष्ठित स्कूलों में पढ़ रहे रसूखदारों के बच्चे कई ऐसे कारनामे भी कर दे रहे हैं, जिनका पता चलने पर अभिभावक और शिक्षक भी हैरान हैं। सालभर में साइबर थाने पहुंची शिकायतों की जांच के बाद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आ रही है। पता लगा है कि अच्छे परिवारों के बच्चे ही सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी के सहारे खुराफात कर रहे हैं। वह कभी शिक्षकों, कभी प्रधानाचार्य तो कभी अपने ही साथी को बदनाम कर रहे हैं। हालांकि मामला सामने आने पर शिकायतकर्ता या स्कूल प्रबंधन ही बदनामी के डर से कार्रवाई से तौबा कर लेता है।
गणित की टीचर ने डांटा तो किया बदनाम
एक नामी स्कूल में गणित की शिक्षिका के निजी फोटो सोशल मीडिया पर भद्दे कमेंट के साथ वायरल होने लगे। शिक्षिका की शिकायत पर इंस्टाग्राम आईडी की जांच के आधार पर एक व्यक्ति को उठाया गया। उसने पूछताछ में आईडी अपनी होने की बात स्वीकारी, लेकिन ये भी कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं किया। जांच में पता लगा कि उनका बेटा उस स्कूल में पढ़ता है, जहां शिक्षिका पढ़ाती हैं। कक्षा छह के इस छात्र को बुलाया गया तो भेद खुला। उसने बताया कि वह गणित में कमजोर है। टीचर उसे पीटती और डांटती हैं तो उसने बदला लेने के लिए ऐसा किया।
प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य को चला दिया किस्सा
एक नामी स्कूल की प्रधानाचार्य महिला और उप प्रधानाचार्य पुरुष हैं। कक्षा आठ के एक छात्र ने दोनों के फोटो वीडियो एआई से अश्लील बनाए। फिर रील पर भड़काऊ गाने के साथ ये वीडियो वायरल कर दिए। इसके लिए उसने एक नई इंस्टाग्राम आईडी भी बनाई। प्रधानाचार्य की शिकायत पर साइबर थाने की टीम ने जांच की। कैलिफोर्निया से आई रिपोर्ट में बच्चे की कारगुजारी सामने आ गई। मामला माफी मांगने और भविष्य में सुधार की चेतावनी पर खत्म कर दिया गया।
दोस्त के मोबाइल से उसकी प्रेमिका को किया बदनाम
एक खुराफाती छात्र ने अपने सहपाठी दोस्त का मोबाइल बहाने से लिया तो उसे इसी स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा के साथ अपने दोस्त के कुछ फोटो व वीडियो मिल गए। उसने होशियारी से उसे अपने मोबाइल में ट्रांसफर करके डाटा डिलीट कर दिया। फिर नई आईडी बनाकर दोनों के फोटो वीडियो एडिट करके वायरल कर दिए। मामले की जांच के बाद हकीकत खुली तो दोस्त ही धोखेबाज निकला। छात्र ने उस पर कार्रवाई तो नहीं की, लेकिन दोस्ती खत्म कर दी।
छात्रों की हरकत से स्कूल में आया भूचाल
एक स्कूल की चार शिक्षिकाओं के उसी स्कूल के शिक्षकों के साथ अश्लील फोटो-वीडियो भड़काऊ कंटेंट के साथ सोशल मीडिया वायरल होने लगे। इससे महिला और पुरुष दोनों वर्ग के शिक्षकों की निजी जिंदगी में भूचाल आ गया। मामले की शिकायत पर जांच की रिपोर्ट मिली तो उसी स्कूल के चार शैतान लड़कों की चौकड़ी बेनकाब हो गई। आठवीं कक्षा के इन छात्रों में से एक के घर का पासवर्ड यूज किया गया। दूसरे ने आईडी बनाई, तीसरे ने कंटेंट दिया और चौथे ने उसे वायरल किया। मामले में इन बच्चों के अभिभावक खासतौर से शर्मसार हुए।
सीओ साइबर क्राइम गौरव सिंह ने बताया कि अभिभावकों को इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि बच्चे मोबाइल पर क्या देख और सुन रहे हैं। तकनीक के इस दौर में बच्चों को मोबाइल से पूरी तरह अलग तो नहीं किया जा सकता, लेकिन उनकी निगरानी जरूर की जा सकती है। उनके दोस्तों की भी जानकारी रखनी चाहिए। निजता के उल्लंघन का मामला होने पर तत्काल पुलिस से शिकायत करनी चाहिए। तत्काल मदद के लिए 112 नंबर पर कॉल करें, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी समस्या बताई जा सकती है। नजदीकी थाने या साइबर क्राइम थाने से संपर्क करें, समस्या का समाधान किया जाएगा।