{"_id":"69b6923e342b75d51402b96e","slug":"prostitution-racket-busted-at-hotel-four-arrested-including-nepali-woman-in-bareilly-2026-03-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"होटल में गंदा धंधा: दर्द से कराहती थी किशोरी, दी जाती थीं ये दवाई; पीड़ित ने बयां किया दर्द, भाई से बात कर रोई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होटल में गंदा धंधा: दर्द से कराहती थी किशोरी, दी जाती थीं ये दवाई; पीड़ित ने बयां किया दर्द, भाई से बात कर रोई
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 15 Mar 2026 04:50 PM IST
विज्ञापन
सार
बरेली में होटल में रैकेट पकड़ा गया है। नेपाली युवती समेत चार गिरफ्तार किए गए हैं। वाराणसी की किशोरी को बेचने और रैकेट संचालकों की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। अब चिह्नित होटलों के मालिक व मैनेजर भाग गए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन
विस्तार
वाराणसी की 15 वर्षीय किशोरी को बरेली की सरगना को बेचकर देह व्यापार के दलदल में उतार दिया गया। यहां सेटेलाइट चौराहे के पास लिटिल क्राउन होटल में उससे जबरन देह व्यापार कराया जा रहा था। पुलिस ने दबिश देकर तीन महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें एक नेपाली युवती भी शामिल है। बारादरी थाने में सात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई है।
वाराणसी के चौबेपुर इलाके की निवासी किशोरी ने एसपी सिटी मानुष पारीक व सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव को बताया कि वह सातवीं कक्षा तक पढ़ी है। जनवरी के पहले सप्ताह में परिवार वालों ने डांट दिया तो वह गुस्से में घर से निकल आई।
Trending Videos
वाराणसी के चौबेपुर इलाके की निवासी किशोरी ने एसपी सिटी मानुष पारीक व सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव को बताया कि वह सातवीं कक्षा तक पढ़ी है। जनवरी के पहले सप्ताह में परिवार वालों ने डांट दिया तो वह गुस्से में घर से निकल आई।
विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी स्टेशन पर घूमते हुए उसे रिया नाम की युवती मिली। वह उसे फुसलाकर अपने घर ले गई और तीन दिन रखा। फिर रिया उसे बरेली लाई और यहां कैंट इलाके के गांव चनहेटी की रहने वाली बबली खान के हाथ बेच दिया। बबली, उसका पति खलील खान व बबली के दोस्त फरीदपुर के कुआंखेड़ा निवासी विनोद यादव ने उसे कैंट के चनेहटी गांव में मस्जिद के पास कमरे में रखा। ये लोग अक्सर उसे होटलों में ले जाकर जबरन देह व्यापार कराने लगे।
दुर्गावती नाम की नेपाली महिला, जसलीन नाम की पंजाबी महिला और सुरेश शर्मा नगर निवासी विनय भी बबली के ग्रुप में शामिल हैं। इन लोगों ने उसका फर्जी आधार कार्ड बनवा लिया था। उसे बालिग बताकर ग्राहकों को सौंपते थे, जबकि हकीकत में वह 15 साल की ही है।
बबली के कमरे से यह फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ है। किशोरी ने बताया कि शुक्रवार रात ये लोग उसे सेटेलाइट चौराहे के पास एक होटल में लेकर आए। यहां भी उससे अनैतिक कृत्य कराया जा रहा था। लघुशंका के बहाने वह होटल से भागकर पुलिस के पास पहुंच गई।
रैकेट संचालकों से सांठगांठ का भांडा फूटा, कई होटल मालिक व मैनेजर भागे
बरेली के सेटेलाइट चौराहे और पीलीभीत रोड के कई होटल अघोषित रूप से रैकेट संचालकों के साझीदार बने हुए हैं। वाराणसी की किशोरी को बेचने और रैकेट संचालकों की गिरफ्तारी के बाद ये सच्चाई सामने आई है। अब चिह्नित होटलों के मालिक व मैनेजर भाग गए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
बरेली के सेटेलाइट चौराहे और पीलीभीत रोड के कई होटल अघोषित रूप से रैकेट संचालकों के साझीदार बने हुए हैं। वाराणसी की किशोरी को बेचने और रैकेट संचालकों की गिरफ्तारी के बाद ये सच्चाई सामने आई है। अब चिह्नित होटलों के मालिक व मैनेजर भाग गए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
अधिकारियों ने आरोपियों से पूछताछ की तो पता लगा कि सेटेलाइट का होटल मूडी मून, लिटिल क्राउन, पीलीभीत बाइपास का ग्रीन एप्पल होटल व मामा-भांजा रेस्टोरेंट समेत कई अन्य होटल वालों से रैकेट संचालकों की मिलीभगत है। चिह्नित होटलों में गिरोह के लोग बेरोकटोक तरीके से आवागमन करते हैं। यहां घंटों के हिसाब से कमरा मिल जाता है। नाबालिगों के कागजात भी गंभीरता से चेक नहीं किए जाते हैं।
यही वजह रही जो उम्र और लंबाई में बेहद छोटी वाराणसी निवासी किशोरी को फर्जी आधार कार्ड से बालिग बनाकर पेश किया गया और होटल प्रबंधन ने जांच की जरूरत नहीं समझी। सीओ तृतीय ने बताया कि असली आधार कार्ड में पीड़िता की जन्मतिथि 2011 है, जबकि धंधेबाजों ने उसकी जन्मतिथि 2007 दर्शाकर फर्जी आधार कार्ड बनवा लिया था। होटल लिटिल क्राउन के संचालक भाग गए हैं। अन्य चिह्नित होटलों के संचालकों की भी तलाश की जा रही है।
पीड़ित ने बयां किया दर्द, भाई से बात करके फफक पड़ी
बरेली। एसपी सिटी ने जब पीड़ित किशोरी से उसके परिजनों का नंबर मांगा तो उसे याद नहीं था। उसके बताए पते के आधार पर पुलिस ने संपर्क किया तो पता लगा कि उसके परिवार ने भी बेटी की गुमशुदगी दर्ज करा रखी है। किशोरी के पिता दिव्यांग हैं और दो भाई मजदूरी करते हैं। जब किशोरी के एक भाई का मोबाइल नंबर जुटाकर कॉल की तो आवाज सुनते ही किशोरी फफफ पड़ी। भाई से कहा कि जल्दी आ जाओ। भाई ने अधिकारियों को बताया कि वह झांसी में है और रात तक बरेली आ जाएगा।
बरेली। एसपी सिटी ने जब पीड़ित किशोरी से उसके परिजनों का नंबर मांगा तो उसे याद नहीं था। उसके बताए पते के आधार पर पुलिस ने संपर्क किया तो पता लगा कि उसके परिवार ने भी बेटी की गुमशुदगी दर्ज करा रखी है। किशोरी के पिता दिव्यांग हैं और दो भाई मजदूरी करते हैं। जब किशोरी के एक भाई का मोबाइल नंबर जुटाकर कॉल की तो आवाज सुनते ही किशोरी फफफ पड़ी। भाई से कहा कि जल्दी आ जाओ। भाई ने अधिकारियों को बताया कि वह झांसी में है और रात तक बरेली आ जाएगा।
किशोरी ने बताया कि वह जब रोती या घर जाने को कहती तब बबली, विनोद और खलील उसकी पिटाई करते थे। लगातार ग्राहकों के आने से उसके शरीर में दर्द होता था तो ये लोग मेडिकल स्टोर से दर्द निवारक गोली लाकर देते थे। उसे सिर्फ खाना दिया जाता था। पूरी कमाई बबली रखती थी। उसे बबली ने दिखावे के लिए मोबाइल दे रखा था ताकि वह यूट्यूब आदि देखकर मन बहला ले। कई बार वह अच्छे व्यवहार वाले ग्राहकों के सामने रोती थी और यहां से निकलने में मदद मांगती थी तो वह लोग उसे अपने नंबर दे जाते थे। थोड़ी देर बाद बबली उसका फोन चेक करके सब डिलीट कर देती थी। वह अपनी इच्छा से किसी को कॉल भी नहीं कर सकती थी।
खरीद-फरोख्त करती है सरगना बबली खान उर्फ नेहा यादव
बबली खान ने स्वीकार किया कि वही इस गिरोह की सरगना है। कम उम्र की लड़कियों को खरीदकर उनसे देह व्यापार कराती है। रिया से उसने पीड़ित किशोरी को खरीदा था। उसके गिरोह के सदस्यों के काम भी बंटे हुए हैं। बबली ग्राहकों से सौदा तय करती है। लड़की को स्कूटी से लाने-ले जाने का काम विनोद, खलील खान, जसलीन व दुर्गावती का होता है। ये लोग लड़की को बीच में बैठाकर बाइक चलाते हैं ताकि वह भाग न सके। एसपी सिटी ने बताया कि बबली का असली नाम नेहा यादव है। खलील से निकाह के बाद उसने नाम बदल लिया है। विनोद ने आधार कार्ड में हेरफेर कराई थी।
बबली खान ने स्वीकार किया कि वही इस गिरोह की सरगना है। कम उम्र की लड़कियों को खरीदकर उनसे देह व्यापार कराती है। रिया से उसने पीड़ित किशोरी को खरीदा था। उसके गिरोह के सदस्यों के काम भी बंटे हुए हैं। बबली ग्राहकों से सौदा तय करती है। लड़की को स्कूटी से लाने-ले जाने का काम विनोद, खलील खान, जसलीन व दुर्गावती का होता है। ये लोग लड़की को बीच में बैठाकर बाइक चलाते हैं ताकि वह भाग न सके। एसपी सिटी ने बताया कि बबली का असली नाम नेहा यादव है। खलील से निकाह के बाद उसने नाम बदल लिया है। विनोद ने आधार कार्ड में हेरफेर कराई थी।
इंस्टाग्राम से पसंद कराते थे लड़की, व्हाट्सएप कॉल पर तय होता था भाव
किशोरी ने अधिकारियों को बताया कि विनोद यादव उसे चनेहटी के कमरे में बंधक बनाकर रखता था। बबली उसकी व अन्य लड़कियों की तस्वीर इंस्टाग्राम व टेलीग्राम जैसे अकाउंट पर ग्राहकों को भेजती थी। फिर उनके रूप-रंग के आधार पर व्हाट्सएप कॉल पर सौदा तय होता था। तय रकम एडवांस लेकर उनको ग्राहकों को सौंप देते थे और खुद बाहर पहरेदारी करते थे। पता लगा कि जालंधर की मूल निवासी जसलीन बिजनौर में आकर बस गई है। वह भी बबली की सहयोगी है और लड़कियां सप्लाई करती है। नेपाल की दुर्गावती जरूरतमंद थी। उसे जसलीन ने ही बबली के गिरोह में शामिल कराया था।
किशोरी ने अधिकारियों को बताया कि विनोद यादव उसे चनेहटी के कमरे में बंधक बनाकर रखता था। बबली उसकी व अन्य लड़कियों की तस्वीर इंस्टाग्राम व टेलीग्राम जैसे अकाउंट पर ग्राहकों को भेजती थी। फिर उनके रूप-रंग के आधार पर व्हाट्सएप कॉल पर सौदा तय होता था। तय रकम एडवांस लेकर उनको ग्राहकों को सौंप देते थे और खुद बाहर पहरेदारी करते थे। पता लगा कि जालंधर की मूल निवासी जसलीन बिजनौर में आकर बस गई है। वह भी बबली की सहयोगी है और लड़कियां सप्लाई करती है। नेपाल की दुर्गावती जरूरतमंद थी। उसे जसलीन ने ही बबली के गिरोह में शामिल कराया था।