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Bareilly News: किसानों की आय दोगुना करने का प्रोटोटाइप तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 13 Apr 2026 02:51 AM IST
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बरेली। रुहेलखंड इंक्यूबेशन फाउंडेशन (आरआईएफ) सेंटर के साथ जुड़कर जनकपुरी के रहने वाले अनुपम बत्रा व मेंटर प्रो. शेखर राणा ने किसानों की आय दोगुना करने को लेकर एक प्रोटोटाइप पर काम करते हुए सफलता प्राप्त की। इस स्टार्टअप का लक्ष्य किसानों की आय दोगुना करना है।
38 वर्षीय अनुपम बत्रा ने बताया कि इस प्रयास की शुरुआत जनवरी 2025 में हुई। आरआईएफ सेंटर के पीछे करीब एक बीघा जमीन में सोलर पैनल के साथ खेती की गई। वह बताते हैं कि जो किसान अपने खेतों में सोलर पैनल लगवाते हैं, उन्हें डर रहता है कि उनके खेत की जमीन पर फसल नहीं उग पाएगी। इसके लिए प्रो. शेखर राणा के साथ इस प्रोजेक्ट पर पहले रिसर्च कर प्रोटोटाइप तैयार किया है। पिछले एक साल में करीब 18 फसलें उगाकर देखी गईं। इसमें मिंट, स्ट्रॉबेरी, मिर्च, प्याज, लहसुन, हल्दी, अश्वगंधा, एलोवेरा, चना, गेहूं, सोयाबीन, सरसों, अदरक, पालक, गोभी, टमाटर, सलाद पत्ता को उगाकर देखा गया, इसमें पाया गया कि सोलर पैनल के नीचे निश्चित मात्रा में खाद, खरपतवार, पानी के समीकरण में ये फसलें करीब 30 प्रतिशत आकार में बड़ी उगकर आई हैं। इससे किसानों के भीतर अब तक जो डर है कि फसल नहीं हो सकेगी, इसे खत्म करना ही पहला लक्ष्य है। अनुपम ने बताया कि 80 प्रतिशत ट्रायल शेड के भीतर खेती करने में सफलता हासिल हुई है। हालांकि इस काम में लागत अधिक है इसलिए बड़े किसान इस कार्य में अधिक जुड़ रहे हैं, लेकिन सोलर के साथ खेती का फायदा देखकर छोटे किसान भी सामने आ रहे हैं।
12 से 18 फीट पर लगाया जा सकेगा सोलर पैनल, नीचे हो सकेगी खेती-
अनुपम ने बताया कि बिजली बनाने का काम सोलर पैनल करेंगे, जिसे किसान किसी कंपनी को किराए पर दे सकेंगे, तो वहीं नीचे खेती भी हो पाएगी। अब तक जो पैनल लगाने की ऊंचाई थी वह अधिकतम छह फीट थी, लेकिन हमारे प्रयोग में 12 से 18 फीट तक सोलर पैनल लगाए गए, इसके नीचे से खेती के लिए ट्रैक्टर भी निकाला जा सकता है। वहीं, सोलर से पैदा होने वाली बिजली सरकार या फिर इंडियन इलेक्ट्रिसिटी एक्सचेंज को भी बेच सकते हैं, इससे किसान को अगले दिन ही पैसा मिल सकता है।
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38 वर्षीय अनुपम बत्रा ने बताया कि इस प्रयास की शुरुआत जनवरी 2025 में हुई। आरआईएफ सेंटर के पीछे करीब एक बीघा जमीन में सोलर पैनल के साथ खेती की गई। वह बताते हैं कि जो किसान अपने खेतों में सोलर पैनल लगवाते हैं, उन्हें डर रहता है कि उनके खेत की जमीन पर फसल नहीं उग पाएगी। इसके लिए प्रो. शेखर राणा के साथ इस प्रोजेक्ट पर पहले रिसर्च कर प्रोटोटाइप तैयार किया है। पिछले एक साल में करीब 18 फसलें उगाकर देखी गईं। इसमें मिंट, स्ट्रॉबेरी, मिर्च, प्याज, लहसुन, हल्दी, अश्वगंधा, एलोवेरा, चना, गेहूं, सोयाबीन, सरसों, अदरक, पालक, गोभी, टमाटर, सलाद पत्ता को उगाकर देखा गया, इसमें पाया गया कि सोलर पैनल के नीचे निश्चित मात्रा में खाद, खरपतवार, पानी के समीकरण में ये फसलें करीब 30 प्रतिशत आकार में बड़ी उगकर आई हैं। इससे किसानों के भीतर अब तक जो डर है कि फसल नहीं हो सकेगी, इसे खत्म करना ही पहला लक्ष्य है। अनुपम ने बताया कि 80 प्रतिशत ट्रायल शेड के भीतर खेती करने में सफलता हासिल हुई है। हालांकि इस काम में लागत अधिक है इसलिए बड़े किसान इस कार्य में अधिक जुड़ रहे हैं, लेकिन सोलर के साथ खेती का फायदा देखकर छोटे किसान भी सामने आ रहे हैं।
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12 से 18 फीट पर लगाया जा सकेगा सोलर पैनल, नीचे हो सकेगी खेती-
अनुपम ने बताया कि बिजली बनाने का काम सोलर पैनल करेंगे, जिसे किसान किसी कंपनी को किराए पर दे सकेंगे, तो वहीं नीचे खेती भी हो पाएगी। अब तक जो पैनल लगाने की ऊंचाई थी वह अधिकतम छह फीट थी, लेकिन हमारे प्रयोग में 12 से 18 फीट तक सोलर पैनल लगाए गए, इसके नीचे से खेती के लिए ट्रैक्टर भी निकाला जा सकता है। वहीं, सोलर से पैदा होने वाली बिजली सरकार या फिर इंडियन इलेक्ट्रिसिटी एक्सचेंज को भी बेच सकते हैं, इससे किसान को अगले दिन ही पैसा मिल सकता है।