UP: तीसरी बार बदला नाम और रूट, शताब्दी एक्सप्रेस अब कासगंज-दिल्ली एक्सप्रेस, बदायूं से होगा उद्घाटन
सन 1989 में बरेली-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस के रूप में शुरू की गई ट्रेन अपना नाम और रूट तीसरी बार बदल रही है। 14315-16 बरेली-नई दिल्ली-बरेली इंटरसिटी एक्सप्रेस की 2003 तक शताब्दी एक्सप्रेस के रूप में पहचान थी। अब आने वाले समय में यह गाड़ी कासगंज-दिल्ली एक्सप्रेस के रूप में जानी जाएगी।
बरेली-दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस को कासगंज तक विस्तार मिलने के बाद सोमवार को उद्घाटन ट्रेन चलाई जाएगी। अब यह गाड़ी इज्जतनगर मंडल के तहत संचालित होगी। सीनियर डीसीएम इज्जतनगर मंडल संजीव शर्मा ने बताया कि सोमवार को 05303 बदायूं-नई दिल्ली उद्घाटन विशेष गाड़ी बदायूं से दोपहर 12 बजे चलने के बाद 1:15 बजे बरेली जंक्शन आएगी। इसके बाद 2:18 बजे रामपुर, 2:50 बजे मुरादाबाद, 3:19 बजे अमरोहा, 3:40 बजे गजरौला, 5:02 बजे गढ़मुक्तेश्वर, 5:35 बजे हापुड़, 5:47 बजे पिलखुआ, 6:42 बजे गाजियाबाद, 7:15 बजे आनंद विहार और रात आठ बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।
रेलवे के अधिकारियों समेत बदायूं में केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा गाड़ी को हरी झंडी दिखाएंगे। सांसद आदित्य यादव समेत एमएलसी वागीश पाठक व अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। गाड़ी के कासगंज-नई दिल्ली के बीच नियमित संचालन की तारीख बाद में घोषित की जाएगी।
इंटरसिटी का इतिहास
बरेली-नई दिल्ली के बीच यह गाड़ी 1989 में शताब्दी एक्सप्रेस के रूप में शुरू की गई थी। पहली शताब्दी एक्सप्रेस की घोषणा 1989 में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की जन्म शताब्दी पर तत्कालीन रेल मंत्री माधोराव सिंधिया ने झांसी-नई दिल्ली के बीच की थी। इसके बाद बरेली-नई दिल्ली के बीच शताब्दी एक्सप्रेस चलाई गई। स्टॉपेज ज्यादा होने के कारण बरेली-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस को 2003 में इंटरसिटी के रूप में बदल दिया या और इसे नई दिल्ली से रोहतक तक विस्तार दे दिया गया। अब यह गाड़ी कासगंज-नई दिल्ली एक्सप्रेस के रूप में जानी जाएगी।