Bareilly News: घटिया सड़क निर्माण करने पर राजीव ट्रेडर्स पर पांच लाख रुपये का जुर्माना, नोटिस जारी
नगर निगम ने बिहारीपुर में घटिया सीसी सड़क निर्माण पर राजीव ट्रेडर्स पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। फर्म को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
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बरेली के वार्ड संख्या एक बिहारीपुर में घटिया सीसी रोड का निर्माण कराने पर नगर निगम ने राजीव ट्रेडर्स पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, फर्म को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब तलब किया है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी है। इस फर्म के पास बीडीए की कई परियोजनाओं का भी ठेका है। बीडीए के तत्कालीन उपाध्यक्ष मनिकंडन ए ने भी फर्म को नोटिस जारी किया था।
बिहारीपुर में सिटी सब्जी मंडी से कमल पान की दुकान तक आरसीसी नाली और वाल्मीकि मंदिर के सामने चंद्र प्रकाश आर्य के मकान से सुरेंद्र के मकान तक नाली व सीसी सड़क के निर्माण के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत 75.98 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। नगर आयुक्त की ओर से 1.5 फीसदी कम दर पर निविदा को मंजूरी देने के बाद ठेकेदार से एक अगस्त 2024 को अनुबंध किया गया था। इस कार्य को एक फरवरी 2025 तक पूरा किया जाना था।
स्थलीय निरीक्षण में खुली पोल
कार्य पूरा होने का दावा करते हुए अवर अभियंता की ओर से 41.07 लाख रुपये का द्वितीय एवं अंतिम बिल भुगतान के लिए मुख्य अभियंता कार्यालय में पेश किया गया। अंतिम भुगतान से पहले जब मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने स्थलीय निरीक्षण किया तो गुणवत्ता की पोल खुल गई। नवनिर्मित सीसी सड़क की ऊपरी सतह कई जगह क्षतिग्रस्त पाई गई। कुल 622.60 वर्गमीटर सड़क खस्ताहाल मिली।
विभागीय आकलन के अनुसार, इस क्षतिग्रस्त सड़क की दोबारा व्हाइट टॉपिंग कराने के लिए 2.83 लाख रुपये का मूल खर्च और 50,991 रुपये जीएसटी को मिलाकर कुल 3.34 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च आ रहा है। नगर निगम ने ठेकेदार को यह रकम सरकारी कोष में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
पहले भी मिली है फर्म की शिकायत
राजीव ट्रेडर्स ने पहले भी परसाखेड़ा रोड नंबर एक और संजयनगर में सीसी सड़क का निर्माण कराया गया था। ये सड़कें भी समय से पहले ही उखड़ गई थीं। उस समय भी ठेकेदार पर अर्थदंड लगाया गया था। तब ठेकेदार ने लिखित आश्वासन दिया था कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही की पुनरावृत्ति नहीं होगी। बार-बार मिल रही छूट का गलत फायदा उठाने और जनता के पैसे की बर्बादी को गंभीरता से लेते हुए मुख्य अभियंता ने इस बार कार्रवाई की है।