Bareilly News: एयरफोर्स स्टेशन से सर्किट हाउस तक अतिक्रमण मुक्त होगी सड़क, सीसी कैमरों से होगी निगरानी
बरेली में 15 से 20 किलोमीटर लंबा वीवीआईपी कॉरिडोर बनाया जा रहा है। यह मंडल का पहला आधुनिक कॉरिडोर होगा। यह सड़क अतिक्रमण मुक्त होगी और सीसी कैमरों से निगरानी की जाएगी।
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बरेली शहर के बुनियादी ढांचे और यातायात व्यवस्था को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए नगर निगम, बीडीए और ट्रैफिक पुलिस मिलकर योजना पर काम करेंगे। त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन से पीलीभीत रोड, सेटेलाइट तिराहा होते हुए सर्किट हाउस तक जाने वाले करीब 15 से 20 किलोमीटर लंबे मार्ग को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त वीवीआईपी कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह बरेली ही नहीं बल्कि पूरे मंडल का पहला आधुनिक कॉरिडोर होगा।
यह कॉरिडोर त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन से पीलीभीत रोड, सेटेलाइट चौराहा होते हुए सर्किट हाउस तक बनेगा। यह मंडल का पहला आधुनिक कॉरिडोर होगा। इस मार्ग पर वीवीआईपी मूवमेंट, सेना की आवाजाही और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को प्राथमिकता मिलेगी। आम जनता के वाहनों को भी बिना बाधा के आवागमन की सुविधा मिलेगी। बीडीए बैरियर-टू से सेटेलाइट तक के व्यस्त हिस्से का चौड़ीकरण कर रहा है।
3.70 किमी हिस्सा बने रहा आठ लेन
कुल 115 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट के तहत त्रिशूल तिराहे से सेटेलाइट की तरफ 3.70 किलोमीटर तक के हिस्से को आठ लेन मुख्य मार्ग में बदला जा रहा है, जिसके दोनों तरफ चमचमाती दो लेन की सर्विस रोड का निर्माण भी तेजी से चल रहा है, जिससे यह कुल 10 लेन का मार्ग हो जाएगा।
एक सर्वे में फुटपाथों पर अवैध कब्जे और अनियोजित पार्किंग से यातायात बाधित पाया गया था। इस समस्या को खत्म करने के लिए तीनों विभागों की एक संयुक्त टीम जल्द ही अतिक्रमण हटाएगी। अतिक्रमण हटने के बाद मार्ग पर आधुनिक संकेतक बोर्ड, रोड मार्किंग और स्ट्रीट लाइटिंग लगाई जाएगी।
अतिक्रमण पर सख्त निगरानी
प्रशासन ने कॉरिडोर को भविष्य में भी साफ-सुथरा रखने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। पूरे 15 किलोमीटर लंबे मार्ग पर हाईडेफिनिशन सीसी कैमरे लगाए जाएंगे। यदि कोई व्यक्ति अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा सरकारी जमीन या फुटपाथ पर कब्जा करता है, तो उसकी तस्वीरें कैमरों में कैद हो जाएंगी। ऐसे नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा और कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
इस कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि शहर में किसी भी वीवीआईपी के आगमन पर आम जनता को यातायात जाम से न जूझना पड़े। यह मार्ग त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन, प्रमुख सरकारी कार्यालयों और सेना के कमान केंद्रों को जोड़ता है। 10 लेन की चौड़ी सड़क और सर्विस रोड की उपलब्धता से आम यातायात को बिना रोके वीवीआईपी मूवमेंट सुरक्षित निकल सकेगा। यह मार्ग एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए भी अत्यंत उपयोगी साबित होगा।
अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय ने बताया कि वीवीआईपी सड़क को कब्जा मुक्त रखने के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी। इस संबंध में आपसी समन्वय और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए बीडीए और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी के साथ बैठक करेंगे।