UP News: जिस पुल से कार गिरने से हुई थी तीन लोगों की मौत, वो आज भी अधूरा; फाइलों में अटका काम
बदायूं के दातागंज क्षेत्र में रामगंगा नदी पर बना मुढ़ा पुख्ता पुल आज भी अधूरा है। डेढ़ साल पहले इस अधूरे पुल से कार गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद पुल का पूरा करने की कवायद शुरू की गई थी, जो आज तक फाइलों में अटकी हुई है।
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बदायूं के दातागंज क्षेत्र में रामगंगा नदी पर मुढ़ा पुख्ता क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत और विस्तार का मामला फिर फंस गया है। लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम की ओर से भेजे गए 104 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को शासन की वित्त समिति ने पांचवीं बार आपत्तियों के साथ वापस कर दिया है। लगातार हो रही देरी के कारण पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आगामी बाढ़ सीजन से पहले पुल के चालू होने की उम्मीद लगभग खत्म होती नजर आ रही है। हालांकि विभाग ने शुक्रवार को फिर फाइल शासन को भेज दी है।
दातागंज क्षेत्र के गांव मुढ़ा पुख्ता और फरीदपुर के बीच रामगंगा नदी पर बने इस पुल का एक हिस्सा सितंबर 2023 में आई भीषण बाढ़ में बह गया था। इसके बाद से पुल अधूरा पड़ा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। 24 नवंबर 2024 को कार गिरने से उसमें सवार तीन युवकों की मौत हो गई थी। ये लोग गूगल मैप के सहारे इस रास्ते पर कहीं जा रहे थे। पिछले डेढ़ वर्ष से आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुल बंद होने के कारण लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
जनता को झेलनी पड़ रही परेशानी
शासन और विभाग के बीच फाइलों का खेल चल रहा है, जबकि परेशानी जनता झेल रही है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर पुल की लंबाई बढ़ाने और एप्रोच मार्ग को अधिक सुरक्षित बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसके लिए 104 करोड़ रुपये का संशोधित एस्टीमेट शासन को भेजा गया, लेकिन वित्त समिति बार-बार अलग-अलग बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांग रही है। अब पांचवीं बार फाइल वापस भेजे जाने से विभागीय अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना से जुड़ी सभी जानकारियां शासन को उपलब्ध कराई जा चुका है। एस्टीमेट रिवाइज के बारे में कुछ जानकारी चाहिए, वह दे दी गई है और पत्रावली भेज दी गई है।
200 मीटर बढ़ेगी पुल की लंबाई
पुल के स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से आईआईटी रुड़की से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई थी। टीम ने जनवरी 2025 में मॉडल स्टडी कर चार माह बाद अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपी। रिपोर्ट में पुल की लंबाई 200 मीटर बढ़ाने, 400 मीटर का नया संपर्क मार्ग बनाने और करीब तीन से चार किलोमीटर अतिरिक्त संपर्क मार्ग विकसित करने की सिफारिश की गई थी। आईआईटी की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए 104 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है। अब जल्द ही लोक निर्माण विभाग की ओर से निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
पहले 42 करोड़ की लागत से बना था पुल
दातागंज तहसील के गांव मुढ़ा पुख्ता और फरीदपुर के बीच रामगंगा नदी पर करीब पांच साल पहले 42 करोड़ रुपये की लागत से 700 मीटर लंबा पुल बनाया गया था। इस पुल के बनने से दातागंज और फरीदपुर के बीच की दूरी काफी कम हो गई थी। हालांकि, वर्ष 2023 में आई भीषण बाढ़ के दौरान रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से फरीदपुर की ओर का करीब 180 मीटर लंबा संपर्क मार्ग 12 सितंबर को बह गया था, जिससे पुल बेकार हो गया था।
कार गिरने से हुई थी तीन लोगों की मौत
12 सितंबर 2023 को रामगंगा में आई भीषण बाढ़ के दौरान पुल का संपर्क मार्ग पूरी तरह से कट गया था। इसके बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों की आवाजाही ठप हो गई थी। मरीजों को अस्पताल ले जाना, बच्चों का स्कूल जाना और किसानों का खेतों तक पहुंचना बेहद कठिन हो गया था। इसके अलावा, 24 नवंबर 2024 को गुरुग्राम से फरीदपुर में एक शादी समारोह में जा रहे कार सवार मैनपुरी के बिछवां निवासी अमित सिंह (38), फर्रुखाबाद के एमादपुर हीरामन निवासी अजीत कुमार (35) और उनके चचेरे भाई नितिन (30) इस अधूरे पुल से कार सहित गिर गए थे, जिससे तीनों की मौत हो गई थी। तीनों गूगल मैप के सहारे रास्ता तय कर रहे थे। हादसे के बाद गूगल को अपने मैप से इस पुल का रास्ता हटाना पड़ा था।
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन नरेश कुमार ने बताया कि रामगंगा नदी पर बने मुढ़ा पुख्ता पुल के संबंध में शासन की ओर से कुछ जानकारियां मांगी गई है। उनके जवाब बनाकर दोबारा से शासन को भेज दिए गए हैं।