Bareilly News: आंवला नगर पालिका में 32.50 लाख रुपये का घोटाला, चेयरमैन आबिद अली समेत तीन लोग दोषी
बरेली में आंवला नगर पालिका परिषद के चेयरमैन आबिल अली घोटाले में फंस गए हैं। नगर पालिका के विभिन्न विकास कार्यों में 32.50 लाख रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में चेयरमैन समेत तीन लोग दोषी पाए गए हैं। इन पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
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बरेली के नगर पालिका परिषद आंवला में 32.50 लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। मंडलायुक्त के आदेश पर प्राविधिक परीक्षक ने जांच की तो मौजूदा चेयरमैन सैयद आबिद अली, तत्कालीन ईओ जितेंद्र कुमार, ठेकेदार मंसूर अली समेत अन्य दोषी पाए गए। मंडलायुक्त ने प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग को रिपोर्ट भेज दी है। दोषियों से रकम की वसूली व कटौती की जाएगी। साथ ही, बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
सभासद सूरजपाल मौर्य, सचिन गुप्ता, रानी देवी, माया, अनुप्रिया व आंवला निवासी विशंभर दयाल ने 24 सितंबर 2025 को मंडलायुक्त को शिकायती पत्र देकर नगर पालिका आंवला में निर्माण कार्यों सहित अन्य मदों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की थी। इसकी जांच ग्राम्य विकास विभाग के प्राविधिक परीक्षक (टीएसी) से कराई गई। जांच में स्ट्रीट लाइट के पोल लगाने के दो कार्यों में घपला सामने आया। 155 मिमी मानक के बजाय 135 मिमी बॉटम डायमीटर के पोल लगाए गए।
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इस मामले में संबंधित ठेकेदार, अभियंताओं, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी और मौजूदा चेयरमैन के विरुद्ध 2.33 लाख रुपये की वसूली प्रस्तावित की गई है। जांच में चार निजी शिक्षण संस्थानों में नगर पालिका की ओर से लगाए वाटर कूलर को जनहित के विपरीत माना गया। लागत निर्धारण में भी अनियमितताएं मिलने पर 20.44 लाख रुपये की वसूली प्रस्तावित की गई। सीसी रोड और नाली निर्माण में गुणवत्ता संबंधी कमियां मिलने पर 50,391 रुपये और साइन बोर्ड के वजन में कमी पाए जाने पर 22,302 रुपये की वसूली प्रस्तावित है।
वेतन भुगतान में भी कर दिया खेल
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के सत्यापन, तकनीकी योग्यता और वेतन भुगतान में भी अनियमितताएं मिलीं। जांच में 6.41 लाख रुपये का भुगतान संदिग्ध पाया गया। इस रकम की वसूली की संस्तुति की गई है। ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों का 5.78 लाख रुपये का ईपीएफ जमा न करने का मामला सामने आया। हालांकि, यह राशि बाद में नगर पालिका के खाते में जमा करा दी गई, लेकिन कर्मचारियों को इसका लाभ दिलाने के लिए कोई कार्रवाई न होने पर तत्कालीन ईओ और मौजूदा चेयरमैन सैयद आबिद अली को जिम्मेदार माना गया। जांच में यह सामने आया कि पूर्व के कार्यकाल में सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में चेयरमैन आबिद अली ने 13.96 लाख रुपये नगर पालिका में जमा कराए थे। इससे भी घोटाले की पुष्टि हुई।
बसपा से लोकसभा चुनाव लड़ा, मौलाना तौकीर से रही नजदीकी
आंवला नगर पालिका के चेयरमैन सैयद आबिद अली कई पार्टियों में दखल और अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। आबिद ने वर्ष 2012 में मौलाना तौकीर की पार्टी आईएमसी से चेयरमैन का चुनाव लड़ा और जीते। हालांकि सपा के प्रत्याशी को हराने की वजह से उन्हें शपथ लेना भी मुश्किल हो गया और कुछ समय बाद उन्होंने सपा का दामन थामकर राह आसान कर ली। वर्ष 2017 में वह सपा से चेयरमैन का चुनाव लड़े तो भाजपा के संजीव सक्सेना से हार गए।
वर्ष 2023 में आबिद ने सपा से फिर चुनाव लड़ा और संजीव को हरा दिया। वर्ष 2024 में आबिद ने बसपा से आंवला लोकसभा सीट का टिकट हासिल कर लिया। इस पर सपा प्रत्याशी नीरज मौर्य के समर्थकों ने उन्हें भाजपा प्रत्याशी तत्कालीन सांसद धर्मेंद्र कश्यप की बी टीम बताकर कटाक्ष किया। आबिद का वह वीडियो वायरल होने लगा, जब उन्होंने आंवला रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण पर धर्मेंद्र कश्यप की तारीफों के पुल बांधे थे। नतीजा, आबिद चुनाव हार गए।
मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने बताया कि नगर पालिका परिषद आंवला में टीएसी जांच की रिपोर्ट में 32.50 लाख रुपये की हेराफेरी पाई गई। दोषियों से इसकी वसूली की जाएगी। आगे की कार्रवाई के लिए पत्रावली प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग को भेज दी है।
चेयरमैन सैयद आबिद अली ने कहा कि मैं सभासदों के साथ मिलकर विकास कार्य करा रहा हूं। जिन लोगों ने पिछले बोर्ड में पांच साल लूटपाट की थी, वही झूठी शिकायतें कर रहे हैं। राजनीतिक लोगों से मिलकर मुझको फंसाना चाहते हैं। मुझे शासन और जनता पर पूरा भरोसा है। दोनों जगह से मुझे न्याय मिलेगा।