Silver Rate Today: सहालग से पहले चांदी ने तोड़े सारे पुराने रिकॉर्ड, बरेली में कीमत 3.21 लाख रुपये के पार
Gold Silver Rate News: बरेली में सहालग सीजन से पहले सराफा कारोबारियों की चांदी हो गई है। चांदी की कीमतों ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बुधवार को एक किलो चांदी के दाम 3.21 लाख रुपये के पार पहुंच गए। सोना भी महंगा हुआ है।
विस्तार
सराफा बाजार में इन दिनों चांदी की चमक ने निवेशकों और व्यापारियों को गदगद कर दिया है, लेकिन आम ग्राहकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। बरेली में चांदी की कीमतों ने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए तीन लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। बुधवार को चांदी के दाम 321500 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गए। सोने के भाव में भी इजाफा हुआ है। सोना का भाव प्रति 10 ग्राम 161000 रुपये रहा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर आई इस तेजी का सीधा असर स्थानीय बाजार में देखने को मिल रहा है।
सराफा कारोबारी सुदेश अग्रवाल बताते हैं कि फरवरी महीने से सहालग (शादियों का सीजन) शुरू होने वाला है। हिंदू धर्म में शादियों के दौरान सोना-चांदी के जेवर, बर्तन और सिक्के उपहार में देने की पुरानी परंपरा है। सहालग की शुरुआत से ठीक पहले चांदी के दाम 321500 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गए हैं। वहीं, सोने की कीमतों में भी भारी उछाल देखा गया है, जो 161000 रुपये प्रति दस ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
सराफा कारोबारियों के चेहरे खिले
सराफा व्यापारी विशाल मेहरोत्रा ने बताया कि सोने-चांदी में लगातार हो रही अप्रत्याशित वृद्धि से सराफा कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं। व्यापारियों का मानना है कि स्टॉक में रखी चांदी का मूल्य बढ़ने से उन्हें बड़ा मुनाफा हो रहा है। हालांकि, दूसरी ओर मध्यम वर्गीय ग्राहकों के लिए खरीदारी करना अब बजट से बाहर होता जा रहा है। शादी-ब्याह की तैयारी कर रहे परिवारों को अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है। सराफा व्यापारियों ने बताया कि बाजार में सोने-चांदी के सिक्कों की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है। वहीं सोने के जेवर में कम वजन के जेवर ग्राहकों को खूब भा रहे हैं।
वित्त विशेषज्ञ विनय कृष्णान ने बताया की ऊंचे दामों के बावजूद बाजार में ग्राहकों की आवाजाही कम नहीं हुई है। वर्तमान में भारी जेवरों के बजाय चांदी के सिक्कों की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है। लोग निवेश के उद्देश्य से और शगुन के तौर पर सिक्कों को प्राथमिकता दे रहे हैं। कारोबारियों को उम्मीद है कि सहालग शुरू होते ही बाजार में नकदी का प्रवाह और बढ़ेगा। आने वाले दिनों में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यही रुख रहा, तो घरेलू बाजार में चांदी की कीमतें नए शिखर छू सकती हैं।
