Budaun Double Murder: एसआईटी जांच लगभग पूरी, सामने आएगी हत्याकांड की हकीकत; कुछ नेताओं की बढ़ीं धड़कनें
बदायूं में एचपीसीएल प्लांट के दो अफसरों की हत्या के मामले में एसआईटी की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद इस हत्याकांड की हकीकत सामने आएगी।
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बदायूं में एचपीसीएल के दो अधिकारियों की हत्या के मामले में एसआईटी (विशेष जांच दल) की जांच लगभग पूरी हो गई है। जल्द इसकी हकीकत सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, अधिकारियों और कुछ सफेदपोश नेताओं की धड़कनें बढ़ी हुई हैं रिपोर्ट सामने आने के साथ इनकी भूमिका भी स्पष्ट हो जाएगी।
12 मार्च को बदायूं के सैजनी स्थित एचपीसीएल के प्लांट में तैनात दो अधिकारियों सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाद में मुख्य हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह ने मुसाझाग थाने में समर्पण कर दिया था। हत्याकांड के बाद पता चला कि जिन अधिकारियों की हत्या की गई थी, उन्होंने 14 जनवरी को ही बदायूं के डीएम अवनीश राय से मिलकर जान का खतरा जताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
डीएम ने एसडीएम दातागंज और सीओ उझानी को कार्रवाई का आदेश दिया था, लेकिन इन दोनों अफसरों की ओर से सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई। डीएम स्तर से भी इस मामले का बाद में संज्ञान नहीं लिया गया। पांच फरवरी को उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता ने पुलिस से आरोपी की शिकायत की थी और गंभीर आरोप लगाए थे। इस शिकायत पर रिपोर्ट तो दर्ज की गई, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
जिला स्तरीय अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में
जब सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा की हत्या कर दी गई तो जिला स्तरीय अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई। यही कारण रहा कि एसआईटी ने डीएम अवनीश राय और तत्कालीन एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह समेत कई अधिकारियों की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा।
कुछ स्थानीय नेता भी जांच के दायरे में हैं। कॉल डिटेल व व्यावसायिक गतिविधियों की जांच में इनकी भूमिका पर भी अंगुली उठ रही है। शासन की ओर से गठित एसआईटी को अपनी जांच पूरी करके दो हफ्ते में रिपोर्ट भेजनी थी। जांच को रविवार यानी आज दो हफ्ते पूरे हो रहे हैं।
मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने बताया कि तथ्यों का संकलन कर जांच लगभग पूरी हो चुकी है। कुछ बिंदुओं पर रिपोर्ट मिलनी बाकी है जो जल्द ही उपलब्ध हो जाएगी। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।