UP: पाकिस्तान-दुबई से जुड़े बरेली के सट्टेबाजों के तार, फोन की चैटिंग से पुलिस को मिले साक्ष्य; सरगना की तलाश
बरेली में ऑनलाइन गेमिंग सट्टा के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पाकिस्तान और दुबई से कनेक्शन सामने आया है। पुलिस की जांच में पता लगा है कि गिरोह ने ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए विदेशी लोगों को भी अपने जाल में फंसाया है। पुलिस गहनता से पूरे मामले की जांच कर रही है।
विस्तार
ऑनलाइन गेमिंग सट्टा लगाकर बरेली को बदनाम कर रहे सट्टेबाजों पर इस बार साइबर थाना पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। सरगना शिवम व उसके साथियों ने पाकिस्तान, दुबई समेत विदेश में बैठे कई लोगों को अपने एप से जोड़कर मोटी कमाई का झांसा दिया था। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि कहीं कोई विदेशी भी इनका शिकार तो नहीं हो गया। इसके साथ ही गिरोह के सरगना की तलाश में भी पुलिस टीम लगाई गई है।
कई राज्य के लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का सोमवार को बरेली साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया था। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों सूर्यभान पटेल और विनीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया था जबकि सरगना शिवम भाग निकला। साइबर क्राइम थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
संबंधित खबर- UP News: ऑनलाइन सट्टा लगवाकर कई राज्यों के लोगों से करोड़ों रुपये ठगे, बरेली में दो आरोपी गिरफ्तार
एसपी क्राइम मनीष सोनकर के नेतृत्व में इंस्पेक्टर नीरज सिंह व उनकी टीम फिलहाल मुख्य आरोपी इज्जतनगर निवासी शिवम की तलाश कर रही है। साथ ही टीम एप के जरिये ठगी का शिकार हुए लोगों से भी संपर्क करने का प्रयास कर रही है। सरगना शिवम की तलाश में दूसरे दिन भी टीम ने दबिश दी लेकिन वह भाग निकला है। पुलिस टीम शिवम की तरह ही इस धंधे में लगे शहर के दूसरे बुकी के यहां भी दबिश दे रही है।
ऐसे हुआ गिरोह का खुलासा
एसपी मनीष कुमार सोनकर ने बताया कि बरेली साइबर क्राइम पुलिस प्रतिबिंब पोर्टल व एनसीआरबी पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की जांच कर रही थी। एक संदिग्ध मोबाइल नंबर बरेली में चल रहा था। नंबर की लोकेशन निकालकर पुलिस ने इज्जतनगर के आशुतोष सिटी में छापा मारा। पुलिस ने नवाबगंज के बिजौरिया स्टेशन निवासी सूर्यभान पटेल व भुता के कमुआ कला निवासी विनीत कुमार को पकड़ लिया। दोनों के पास से कई मोबाइल फोन, डिजिटल क्यूआर, सिमकार्ड, चेकबुक, टैबलेट, राउटर आदि बरामद हुए थे।
यह भी पढ़ें- Bareilly News: गलत बिल उड़ा रहे स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के दिमाग का फ्यूज, रोज आ रहीं एक हजार शिकायतें
दोनों से कई खातों की जानकारी मिली। लेन-देन का हिसाब वाला रजिस्टर भी पुलिस के हाथ लग गया। सूर्यभान और विनीत ने पुलिस को बताया कि वे गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। उनका मुखिया इज्जतनगर के अहलादपुर का शिवम कुमार है। शिवम फर्जी गेमिंग साइट बनवाकर सट्टा लगवाता था। शिवम ने करीब डेढ़ दर्जन गेमिंग वेबसाइट बनवा रखी थीं। इनकी आईडी ग्राहकों को बांटकर वह ऑनलाइन सट्टा करा रहे थे।
इन गेमिंग साइट पर रुपये लगाने वाले जब छोटी रकम जीतते थे तो उन्हें भुगतान कर दिया जाता था। जैसे ही वे बड़ी रकम लगाते या जीतते थे तो उसे हड़पकर ये लोग वेबसाइट से उनकी आईडी हटा देते थे। अधिकतर लोग गेम में हारते थे। साइबर पुलिस से शिकायत होती थी तो नंबर और खाते बदल देते थे। अलग-अलग लोगों के खाते खुलवाकर उनका संचालन अपने हाथ में रखते और उसमें रकम ट्रांसफर करवाकर निकाल लेते थे। खाताधारक को पांच प्रतिशत हिस्सा देते थे। शिकायत होने पर पुलिस खाताधारक को ट्रेस करती थी, जबकि ये तीनों रकम आपस में बांटकर भाग जाते थे।
यह भी पढ़ें- कार्ड दिखाओ, सिलिंडर पाओ: यूपी के इस जिले में शादी समारोह के लिए नई व्यवस्था लागू, जानिए पूरी प्रक्रिया
चार साल से चल रहा था ठगी का धंधा
एसपी क्राइम ने बताया कि चार साल पहले एनसीआरबी पोर्टल पर शिवम के मोबाइल नंबर के आधार पर ठगी की पहली शिकायत दर्ज हुई थी। प्रतिबिंब पोर्टल से जांच के दायरे में आने के बाद जब उनकी टीम ने चेक किया तो पाया कि गिरोह के लोगों पर कई राज्यों में मोबाइल नंबरों के आधार पर अब तक 15 शिकायतें दर्ज की गई थीं। गिरोह के सदस्य खाते और मोबाइल नंबर बदलते रहते थे, इसलिए पकड़े नहीं गए। अब साइबर क्राइम पुलिस ने शिकंजा कसा है। शिवम की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।