Railway News: भोजीपुरा-लालकुआं समेत छह रेलखंडों का होगा दोहरीकरण, बढ़ेगी कनेक्टिविटी, सफर होगा आसान
भोजीपुरा-लालकुआं, काठगोदाम-लालकुआं समेत छह रेलखंडों का दोहरीकरण किया जाएगा। इसके लिए रेल मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। दोहरीकरण के लिए जल्द ही सर्वे शुरू होगा।
विस्तार
पूर्वोत्तर रेलवे के तहत आने वाले 225 किलोमीटर के छह रेलखंडों के दोहरीकरण के लिए सर्वे जल्द शुरू हो जाएगा। रेल मंत्रालय ने इसके लिए मंजूरी दी दी है। केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद काफी समय से इसके लिए पैरवी कर रहे थे। इससे पहले रेलवे बोर्ड 212 किलोमीटर के बरेली-पीलीभीत-मैलानी-सीतापुर रेल लाइन के दोहरीकरण के सर्वे के लिए हरी झंडी दे चुका है। इन रेलखंडों के दोहरीकरण के बाद सबसे ज्यादा फायदा बरेली जनपद को होगा।
रेलवे बोर्ड ने कुल सात रेलखंडों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) और फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) के लिए बजट जारी किया है। इनमें भोजीपुरा-लालकुआं, काठगोदाम-लालकुआं, रामपुर-लालकुआं, सीवान-थावे, भोजीपुरा बाइपास लाइन (सेंथल-दियोरिया) और छपरा ग्रामीण बाइपास लाइन शामिल हैं। रेलखंडों का दोहरीकरण होने से यूपी और उत्तराखंड के बीच सफर आसान हो जाएगा।
पिछले साल इज्जतनगर मंडल की कासगंज-मथुरा रेल लाइन के दोहरीकरण सर्वे के लिए मंजूरी के बाद बजट जारी किया गया था। इज्जतनगर मंडल के तहत 1100 किलोमीटर की रेल लाइन आती हैं, लेकिन किसी भी रेलखंड में दोहरी लाइन नहीं है। पूर्व में भोजीपुरा-बरेली सिटी के 16 किलोमीटर की लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी मिली थी, लेकिन काम समय से शुरू न होने के कारण लागत बढ़ गई और बाद में कार्यदायी संस्थान ने काम से हाथ खींच लिए। इस लाइन के लिए भी डीपीआर तैयार किया जा रहा है।
दोहरीकरण से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
रेल लाइनों का दोहरीकरण होने के बाद बरेली से ट्रेनों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इज्जतनगर मंडल के तहत अभी सीमित संख्या में ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इसका एक कारण इकहरी रेल लाइनों का होना है। दोहरी रेल लाइनों के बाद उत्तराखंड, बरेली के लिए पूरे देश से बेहतर ट्रेन कनेक्टिविटी मिल सकेगी। ज्यादा गाड़ियों का संचालन किया जा सकेगा।
रेलखंड--- किलोमीटर---एफएलएस बजट
भोजीपुरा-लालकुआं---65---15.60 करोड़
काठगोदाम-लालकुआं---22---52.80 लाख
रामपुर-लालकुआं---66---15.84 करोड़
सीवान-थावे---28.20---67.68 लाख
भोजीपुरा बाइपास---14---33.30 लाख
छपरा ग्रामीण बाइपास---30---72 लाख
सीनियर डीसीएम संजीव शर्मा ने बताया कि कासगंज-मथुरा के बीच सर्वे शुरू हो चुका है। छह और रेल खंडों के दोहरीकरण के लिए भी मंजूरी मिल गई है। इसके लिए जल्द काम शुरू हो जाएगा।
देश के कोने-कोने के लिए मिलेगी बरेली से गाड़ी, बढ़ेगी ट्रेनों की संख्या
रेल मंत्रालय ने देश के 48 रेलवे स्टेशनों को अगले पांच साल के पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया है। इनमें बरेली भी शामिल है। इन जिलों के रेलवे स्टेशनों के लिए अगले 50 साल की जरूरतों के हिसाब से विकसित किया जाएगा। बरेली जंक्शन, बरेली सिटी, इज्जतनगर, भोजीपुरा, कैंट, रामगंगा रेलवे स्टेशनों पर भी ट्रेनों के संचालन की सीमा को बढ़ाया जाएगा।
बरेली जंक्शन के लिए पहले ही 350 करोड़ की लागत की परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं। पिछले साल भी यहां 120 करोड़ की छह परियोजनाओं को मंजूरी के साथ बजट जारी किया जा चुका है। इनमें 26-26 कोच की दो वॉशिंग लाइन, एसी मेंटीनेंस शेड और यार्ड की रिमॉडलिंग शामिल है। इज्जतनगर, बरेली सिटी, भोजीपुरा, पीलीभीत रेलवे स्टेशनों का अमृत भारत योजना के तहत कायाकल्प का काम पूरा हो चुका है।
कैंट रेलवे स्टेशन भी बनेगा ऑपरेशनल
कैंट रेलवे स्टेशन पर फिलहाल पैसेंजर गाड़ियों का ही ठहराव होता है। इस रेलवे स्टेशन को भी ऑपरेशनल बनाया जाना है। दरअसल, बरेली से कैंट-रामगंगा-चंदौसी होकर गुजरने वाली अप-डाउन 12 फास्ट व सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव बरेली में न होने के कारण यहां के लोगों को इन गाड़ियों का लाभ नहीं मिल पाता। कैंट और रामगंगा स्टेशन के विकास के बाद इन ट्रेनों का भी बरेली में ठहराव होने लगेगा।