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Bareilly News: शिक्षकों के इंतजार में प्रभावित हो रही पढ़ाई
Sat, 01 Aug 2026 02:41 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:41 AM IST
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बरेली। 22 जुलाई से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन रानी अवंतीबाई लोधी राजकीय महिला महाविद्यालय में तीन प्रमुख विषयों के शिक्षक ही नहीं हैं। अंग्रेजी, समाजशास्त्र और राजनीतिशास्त्र की छात्राएं नियमित पढ़ाई से वंचित हैं। प्रवेश प्रक्रिया 30 जुलाई तक पूरी की गई। महाविद्यालय में वर्तमान में प्राचार्य सहित कुल 23 शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि तीन शिक्षकों की कक्षाएं खाली रहती हैं।
इसका सबसे अधिक असर राजनीति शास्त्र विषय की छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ा है। राजनीतिशास्त्र के शिक्षक संजय वर्णवाल को चार वर्ष पहले लखनऊ के अलीगंज स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस महिला राजकीय महाविद्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। तब से इस विषय के लिए स्थायी शिक्षक की तैनाती नहीं हो सकी।
नवागत प्राचार्य प्रो. सुशील का कहना है कि छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए बीच-बीच में फरीदपुर महाविद्यालय और बरेली कॉलेज के प्रोफेसर से व्याख्यान कराए जाते हैं। किसी के न होने की स्थित में कई बार अन्य विषयों के शिक्षकों ने भी पढ़ाने का प्रयास किया।
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इसी वर्ष जून में अंग्रेजी व समाजशास्त्र विषयों के शिक्षकों का तबादला अन्य जिलों में हो गया। वर्तमान में तीनों विषयों की छात्राओं की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कुछ शिक्षिकाओं का कहना है विषय विशेषज्ञ न होने से कई बार केवल व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये परीक्षा और प्रैक्टिकल की जानकारी देकर औपचारिकता पूरी की जाती है। कॉलेज में दाखिला लेने आईं छात्राओं में चिंता है कि पाठ्यक्रम समय पर कैसे पूरा होगा।
अब तक इतनी सीटों पर हुए प्रवेश
विषय- कुल सीटें- प्रवेश
अंग्रेजी- 120-75
समाजशास्त्र-120-102
राजनीतिशास्त्र-150-132
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इसका सबसे अधिक असर राजनीति शास्त्र विषय की छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ा है। राजनीतिशास्त्र के शिक्षक संजय वर्णवाल को चार वर्ष पहले लखनऊ के अलीगंज स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस महिला राजकीय महाविद्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। तब से इस विषय के लिए स्थायी शिक्षक की तैनाती नहीं हो सकी।
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नवागत प्राचार्य प्रो. सुशील का कहना है कि छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए बीच-बीच में फरीदपुर महाविद्यालय और बरेली कॉलेज के प्रोफेसर से व्याख्यान कराए जाते हैं। किसी के न होने की स्थित में कई बार अन्य विषयों के शिक्षकों ने भी पढ़ाने का प्रयास किया।
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इसी वर्ष जून में अंग्रेजी व समाजशास्त्र विषयों के शिक्षकों का तबादला अन्य जिलों में हो गया। वर्तमान में तीनों विषयों की छात्राओं की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कुछ शिक्षिकाओं का कहना है विषय विशेषज्ञ न होने से कई बार केवल व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये परीक्षा और प्रैक्टिकल की जानकारी देकर औपचारिकता पूरी की जाती है। कॉलेज में दाखिला लेने आईं छात्राओं में चिंता है कि पाठ्यक्रम समय पर कैसे पूरा होगा।
अब तक इतनी सीटों पर हुए प्रवेश
विषय- कुल सीटें- प्रवेश
अंग्रेजी- 120-75
समाजशास्त्र-120-102
राजनीतिशास्त्र-150-132