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Bareilly News: परमिट की अनिवार्यता खत्म, गांवों तक दौड़ेंगी रोडवेज की अनुबंधित बसें
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 18 Mar 2026 06:19 AM IST
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बरेली। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन सेवा के तहत बरेली परिक्षेत्र के 200 से ज्यादा नए रूटों पर रोडवेज की अनुबंधित बसों का संचालन किया जाएगा। रोडवेज निजी बस मालिकों से 10 साल के लिए अनुबंध करेगा। अनुबंध की सीमा को बाद में पांच साल और बढ़ाया जा सकता है।
पूरी आय बस मालिक की होगी। ग्राम पंचायतों तक बस सेवा शुरू करने के लिए आवेदन मिलने के बाद 45 दिन के अंदर प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। ग्रामीण रूटों पर संचालित होने वाली इन बसों के लिए परमिट की अनिवार्यता नहीं होगी।
ग्राम पंचायतों को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए योजना पर तीन साल से काम चल रहा है, लेकिन इसके लिए निजी बस ऑपरेटर आगे नहीं आ रहे। प्रमुख कारण सख्त नियम, परमिट और शर्तें थीं। ऐसे में रोडवेज ने इसमें बदलाव किया है।
परमिट की अनिवार्यता को खत्म करने के साथ संचालन का समय और फेरे तय करने का अधिकार भी निजी बस स्वामी को होगा। रूटों का निर्धारण करने के लिए डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। आरएम दीपक चौधरी ने बताया कि 28 मार्च तक निजी बस स्वामियों से आवेदन मांगे गए हैं। परिक्षेत्र में अब तक 70 आवेदन आए हैं।
अनुबंध के लिए आवश्यक होगा कि वाहन आठ साल से ज्यादा पुराना न हो। बरेली, बदायूं, पीलीभीत और रुहेलखंड डिपो के तहत परिक्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों तक बसों का संचालन प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि अप्रैल के अंत तक कुछ रूटों पर बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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पूरी आय बस मालिक की होगी। ग्राम पंचायतों तक बस सेवा शुरू करने के लिए आवेदन मिलने के बाद 45 दिन के अंदर प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। ग्रामीण रूटों पर संचालित होने वाली इन बसों के लिए परमिट की अनिवार्यता नहीं होगी।
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ग्राम पंचायतों को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए योजना पर तीन साल से काम चल रहा है, लेकिन इसके लिए निजी बस ऑपरेटर आगे नहीं आ रहे। प्रमुख कारण सख्त नियम, परमिट और शर्तें थीं। ऐसे में रोडवेज ने इसमें बदलाव किया है।
परमिट की अनिवार्यता को खत्म करने के साथ संचालन का समय और फेरे तय करने का अधिकार भी निजी बस स्वामी को होगा। रूटों का निर्धारण करने के लिए डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। आरएम दीपक चौधरी ने बताया कि 28 मार्च तक निजी बस स्वामियों से आवेदन मांगे गए हैं। परिक्षेत्र में अब तक 70 आवेदन आए हैं।
अनुबंध के लिए आवश्यक होगा कि वाहन आठ साल से ज्यादा पुराना न हो। बरेली, बदायूं, पीलीभीत और रुहेलखंड डिपो के तहत परिक्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों तक बसों का संचालन प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि अप्रैल के अंत तक कुछ रूटों पर बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।