Bareilly News: नशाखोरी और महिला अपराधों के खिलाफ आवाज उठाएंगे उलमा, उर्स-ए-रजवी का एजेंडा तय
बरेली में छह अगस्त से तीन दिवसीय उर्स-ए-रजवी का आयोजन होगा। उर्स का एजेंडा तय हो गया है। उर्स के मंच से उलमा नशाखोरी और महिला अपराध के खिलाफ आवाज उठाएंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली में छह से आठ अगस्त तक प्रस्तावित उर्स-ए-रजवी के मंच से उलमा नशाखोरी व महिला अपराधों के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। मजहब-ए-इस्लाम के फर्ज, आला हजरत की विचारधारा, शांति, शिक्षा व मानवता जैसे विषयों पर भी मंथन होगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ व आपत्तिजनक पोस्ट से बचने, दूसरों की भावनाओं को आहत न करने, गैरकानूनी सामग्री को अपलोड व फारवर्ड नहीं करने की भी ताकीद की जाएगी।
दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने मदरसा मंजर-ए-इस्लाम के उलमा व शिक्षकों के साथ बैठक कर उर्स का एजेंडा तय किया। इसमें कुरान और नबी-ए-करीम के मुताबिक जिंदगी गुजारने का तरीका, मजहब और मसलक की हिफाजत, खानकाहों में एकजुटता, बच्चों की शिक्षा और संस्कार पर जोर दिया जाएगा। मुस्लिम बेटियों के बहकते कदम पर भी विमर्श होगा।
दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि जुआ, ब्याज का कारोबार, आपसी लड़ाई-झगड़े, शादियों में फिजूलखर्ची आदि से बचने और निकाह को आसान बनाने की अपील की जाएगी। बैठक में सैयद आसिफ मियां, मुफ्ती आकिल रजवी, सलीम नूरी, सैयद कफील हाशमी आदि शामिल रहे।
निशुल्क दी जाएंगी दुकानें
जमात रजा के उपाध्यक्ष व उर्स प्रभारी सलमान मियां ने बताया कि उर्स-ए-रजवी के मौके पर मदरसा जामियातुर्रजा परिसर में अस्थायी बाजार लगाया जाएगा। इसमें सौ से अधिक दुकानें लगाई जाएंगी, जो दुकानदारों को बिना भेदभाव के निशुल्क दी जाएंगी। इस बाजार में खाने-पीने से लेकर मजहबी किताबें, टोपी, इत्र, तस्बी, जानमाज, ईद मिलादुन्नबी के लिए झंडे, कुर्ता-पजामा आदि चीजें उपलब्ध रहेंगी।
प्रत्येक दुकान के पास कूड़ेदान रखे जाएंगे। जमात रजा के प्रवक्ता समरान खान ने बताया कि इसके लिए दुकानदार तीन अगस्त तक संपर्क कर सकते हैं। सुबह 10 बजे से शाम सात बजे तक मदरसा जामियातुर्रजा के गेट पर आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जमा करना अनिवार्य होगा। चार अगस्त को दुकानें उपलब्ध करा दी जाएंगी।
एक पौधा आला हजरत के नाम
उर्स के मौके पर दरगाह की ओर से एक पौधा आला हजरत के नाम अभियान शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य दुनियाभर में आला हजरत के मानने वालों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करना है।