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UP: 'नसरीन साबित करो...नाजिम आपके भी पिता हैं', एसआईआर में अब नई चुनौती; आयु के संबंध में भी देने होंगे सबूत

अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 09 Feb 2026 10:12 AM IST
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सार

UP SIR News: यूपी के बरेली में एसआईआर में अब नई चुनौती सामने आ गई है। त्रुटिपूर्ण विवरण वाले 3.58 लाख मतदाताओं में से किसी को पिता के बारे में तो किसी को आयु के संबंध में सबूत देने होंगे।

UP SIR Voter List Error Voter Nasreen prove it Nazim is your father too new challenge in SIR IN Bareilly
UP SIR Voter List Error - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

बरेली के रबड़ी टोला की निवासी नसरीन के सामने अब नई चुनौती आकर खड़ी हो गई है। उनको साबित करना है कि वाकई में नाजिम उनके पिता हैं। इसी तरह मौज्जम अली समेत कई हजार लोगों को साबित करना है कि जिस व्यक्ति को पिता बताया है, क्या वह वाकई उनके पिता हैं भी।
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चूंकि, उसी व्यक्ति को अन्य छह लोगों ने भी अपना पिता होने का दावा पहले से कर रखा है। ऐसे ही सैलानी के जियाउद्दीन की आयु दादा-दादी के बीच में 40 से कम और हिना व उनके माता-पिता के बीच आयु का अंतर 50 वर्ष से अधिक बता दिया गया है। 
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इस तरह के त्रुटिपूर्ण विवरण वाले 3.58 लाख लोग हैं। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान में पहले लोगों ने गणना प्रपत्र भरने और दस्तावेज एकत्र करने में बूथ से लेकर तहसील तक दौड़-भाग की। 

3.58 लाख लोगों के नाम व अन्य विवरण में त्रुटियां
छह जनवरी को ड्राफ्ट का अनंतिम प्रकाशन हुआ तो उसमें एक-दो हजार नहीं बल्कि 3.58 लाख लोगों के नाम व अन्य विवरण में त्रुटियां निकल आई हैं। अब इनको नोटिस जारी किया गया हैं। इनका वितरण सोमवार से बीएलओ शुरू कर रहे हैं।

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2.20 लाख वोटरों के सत्यापन में जुटे
साथ ही निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) एसआईआर के दौरान नो-मैपिंग के मिले 2.20 लाख वोटरों के सत्यापन में जुटे हैं। ऐसे में वोटरों के बीच मतदाता सूची में बने रहना या शामिल होना चुनौती से कम नहीं है। चूंकि, निवास की प्रमाणिकता में आधार या सामान्य निवास प्रमाण भी मान्य नहीं है।

खासकर उन बुजुर्गों या अनपढ़ व्यक्तियों को दस्तावेज एकत्र कर बीएलओ को देना कठिन हो रहा है, जिनके हाथ की अंगुलियां काम नहीं कर रही हैं और जन्मतिथि प्रमाणित करने वाले कागजों का अभाव है।
 

मौलाना आजाद इंटर कॉलेज के बूथ पर शनिवार को पहुंचे सूफी टोला के 90 वर्षीय बुजुर्ग इशहाक अली ने बताया कि उनके पास आधार कार्ड है, जिसमें लिखी जन्मतिथि बीएलओ मान नहीं रहे हैं। अब वह ऐसा कागज कहां से लाएं, जो बीएलओ को दें व उनका नाम मतदाता सूची में बना रहे।

इन्हें अपने पिता का देना है प्रमाण
रबड़ी टोला के मौज्जम अली 36 साल के हैं। इन्हें नोटिस जारी हुआ है। कहा गया है कि आपको मतदाता सूची के ड्रॉफ्ट में उस व्यक्ति (मो. कमर अली) के बेटे के रूप में जोड़ा गया है, जिसे छह अन्य लोग भी पिता के रूप में दावा करते हैं। इससे गलत मेल होने का संदेह है। 37 वर्षीय नसरीन को नोटिस देकर कहा गया है कि आपको उस व्यक्ति (नाजिम) की पुत्री के रूप में जोड़ा गया है, जिसे छह अन्य लोग भी पिता के रूप में दावा करते हैं।

आवेदक व अभिभावक के बीच आयु में बड़ा अंतर
मतदाता सूची के ड्राफ्ट में श्यामगंज की हिना का नाम है। वह 36 वर्ष की है। इनका बूथ-217 है। इन्हें नोटिस जारी हुआ है। इनके गणना प्रपत्र की जांच में पाया गया है कि इनका और माता-पिता के बीच आयु का अंतर 50 वर्ष से अधिक है। हिना को 17 फरवरी को बूथ पर जाकर जवाब देना है, अन्यथा उनका वोट कट जाएगा।
 

यहीं की 37 वर्षीय निशा ने पिता/पति के रूप में मो. अफसर हुसैन का नाम गणना प्रपत्र में भरा है। इनको जारी नोटिस में कहा गया है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में आपके पिता के नाम और पिछले प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान तैयार की गई निर्वाचक नामावली में उनके नाम में विसंगति है।
 

आपकी और पिता की आयु के बीच 15 साल का अंतर है। 59 वर्षीय कमर हुसैन को उनके पिता मुशर्रफ हुसैन की आयु के बीच 15 साल से कम अंतर बताकर नोटिस दिया गया है। बूथ-217 के ड्रॉफ्ट में काशिब और उनके अभिभावक के बीच आयु में अंतर 40 साल से कम होना बताया गया है। 

एईआरओ व बीएलओ संगा अपलोड हो रहा आवेदक का लाइव फोटो
राजकीय मूकबधिर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. बलवंत सिंह बरेली कैंट के सेक्टर-10 के एईआरओ हैं। इनको 36 बूथों की जिम्मेदारी है। बताते हैं कि नो-मैपिंग वाले वोटरों के सत्यापन में एईआरओ, बीएलओ के साथ आवेदक का लाइव फोटो आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करना पड़ रहा है, जो कठिन कार्य है। हालांकि, ड्रॉफ्ट मतदाता सूची में जिनके विवरण में त्रुटियां हैं, उनका निस्तारण बीएलओ स्तर पर ही होना है।

निर्वाचन आयोग से ड्रॉफ्ट मतदाता सूची में 3.58 लाख मतदाताओं का डाटा त्रुटिपूर्ण प्राप्त हुआ है। इस डाटा में एक ही व्यक्ति से छह-सात लोगों की मैपिंग होना, नाम में त्रुटि, माता-पिता व बच्चों की आयु में 10-15 साल का अंतर जैसी समस्याएं हैं। संबंधित लोगों को नोटिस जारी हो रहे हैं। निस्तारण बूथ पर ही होगा। संतोष कुमार सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
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