सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Fake IAS officer Vipra also duped people from other districts

Fake IAS Case: बरेली की विप्रा ने खुद को अधिकारी बताकर दूसरे जिलों के लोगों को भी ठगा, चार और मामले दर्ज

अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Wed, 20 May 2026 01:35 AM IST
विज्ञापन
सार

खुद को आईएएस अफसर बताकर ठगी करने वाली विप्रा और परिवार ने बरेली में ही नहीं, दूसरे जिलों के लोगों को भी ठगा है। विप्रा गैंग के खिलाफ चार और मामले दर्ज कराए गए हैं। अब तक कुल 30 मामले दर्ज हो चुके हैं।  

Fake IAS officer Vipra also duped people from other districts
आरोपी विप्रा शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार

बरेली में फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा ने बहन, बहनोई, पिता सहित परिवार के अन्य लोगों व रिश्तेदारों के साथ मिलकर पड़ोसी जिलों के बेरोजगारों को भी सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ठगे। गिरोह के खिलाफ बारादरी थाने में चार नई रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। इसके साथ ही मुकदमों की कुल संख्या 30 हो गई है। अलीगढ़, पीलीभीत और संभल के पीड़ितों ने विप्रा व उसके गिरोह के खिलाफ रिपोर्ट कराई है।

Trending Videos


मकान बेचकर दी थी रकम, बिना नियुक्ति आया वेतन तो हुआ शक
अलीगढ़ के देहली गेट निवासी मुकेश शर्मा ने बारादरी इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह को बताया कि उनके दो बेटे तरुण और यश भारद्वाज नौकरी के लिए भटक रहे थे। उनके साले के समधी वीरेंद्र शर्मा ने अपनी बेटी डॉ. विप्रा को बीडीओ बताकर दिल्ली सचिवालय तक पहुंच का हवाला दिया। वीरेंद्र के कहने पर विप्रा से मुलाकात की तो उसने दोनों की नौकरी लगवाने के बदले बीस लाख रुपये मांगे। मुकेश ने दस लाख रुपये उसे दे दिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


विप्रा की बहन शिखा व पिता वीरेंद्र ने भी पांच-पांच लाख रुपये लिए। यश भारद्वाज को फर्जी नियुक्तिपत्र भेजा गया। इसमें शाहजहांपुर की तिलहर तहसील में नियुक्ति की बात लिखी थी। 15 अगस्त 2022 को आधा वेतन भेजा गया। बिना नियुक्ति वेतन आने पर मुकेश को शक हुआ तो वह यश को लेकर लखनऊ गए। वहां पता लगा कि सभी पत्र फर्जी हैं। विप्रा, शिखा और वीरेंद्र से रुपये मांगे तो बोले कि इतने रुपयों में से बीस हजार खर्च करके उन्हें मरवा देंगे।

विज्ञापन

विप्रा को अधिकारी बताकर किसान का ट्रैक्टर बिकवाया
संभल जिले के थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव नरियावली निवासी प्रवेश कुमार ने इंस्पेक्टर बारादरी को बताया कि उन्होंने बेटे धर्मेंद्र की नौकरी की बात वरुण पाठक से की थी। वरुण ने बताया कि उसकी पत्नी शिखा की बहन विप्रा शर्मा एसडीएम हैं। विप्रा से मुलाकात कराई तो दस लाख रुपये मांगे। प्रवेश ने ट्रैक्टर बेचकर और कर्ज लेकर ये रकम विप्रा को दे दी। 

जून 2022 में पहला नियुक्ति पत्र आया। इसके बाद समय-समय पर नियुक्ति पत्र आते रहे। प्रवेश अपने बेटे को लेकर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के लखनऊ दफ्तर गए। वहां पता चला कि सभी पत्र फर्जी व कूटरचित हैं। जब विप्रा शर्मा, वरुण पाठक, शिखा पाठक, वीरेंद्र शर्मा से रुपये मांगे तो वे धमकी देने लगे।

पीलीभीत के दंपती से दस लाख ठगे
पीलीभीत के बीसलपुर निवासी कनिष्क सिन्हा ने इंस्पेक्टर बारादरी को बताया कि विप्रा शर्मा ने खुद को आईएएस बताकर पत्नी प्रियंका सक्सेना की नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। विप्रा ने ग्रीन पार्क स्थित घर पर बुलाया। आठ लाख रुपये ऑनलाइन और छह लाख नकद लिए। इसके बाद नियुक्ति पत्र भेजे गए। नौकरी नहीं मिलने पर जब रुपये मांगे तो विप्रा और उसके परिजन धमकी देने लगे।
 

विप्रा ने ड्राइवर बनाकर घुमाया, फिर उसी को लगाया चूना
बरेली के जगतपुर मोहन तालाब निवासी अमान ने इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह को बताया कि वह ड्राइविंग करते हैं। वर्ष 2025 में विप्रा का स्थायी ड्राइवर कहीं चला गया था। तब वह अमान को बतौर ड्राइवर साथ लेकर गई थी। विप्रा ने खुद को एसडीएम बताया और अच्छा व्यवहार कर उसे झांसे में ले लिया। कई जगह उसे ले गई तो उसका रुतबा देखकर वह प्रभावित हो गया। 

फिर एक दिन विप्रा ने सरकारी नौकरी लगवाने की पेशकश की। अमान ने इंतजाम कर एक लाख रुपये दिए तो विप्रा ने फर्जी नियुक्ति पत्र भेजा। अमान शाहजहांपुर के तिलहर ब्लॉक गए तो पता चला नियुक्ति पत्र फर्जी है। रुपये वापस मांगे तो विप्रा ने जेल भिजवाने की धमकी दी। इस पर वह खामोश बैठ गया। अब गैंग का भंड़ाफोड़ होने पर अमान ने भी रिपोर्ट दर्ज करा दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed