Bareilly News: संदिग्ध हालात में महिला की मौत, पति ने लगाया हत्या का आरोप, पुलिस बोली- हादसे में गई जान
बरेली के फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र में एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वह अपने बेटे के साथ जमीन की पैमाइश के लिए जा रही थी। मृतका के पति ने हत्या का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस का कहना है कि हादसे में महिला की मौत हुई है।
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बरेली के फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव में सोमवार को जमीन की पैमाइश कराने जा रही एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने जमीन विवाद में दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों से पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है।
शिवराजपुर निवासी मुकेश की पत्नी नन्हीं देवी (38 वर्ष) सोमवार सुबह दस बजे अपने बेटे अजीत के साथ जरौल से इटौरिया गांव के बीच सड़क पर जा रही थीं। पुलिस के अनुसार, अजीत की बाइक सड़क किनारे पड़े एक खंभे से टकरा गई। इससे नन्हीं देवी सड़क पर गिर गईं और उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। उन्हें सीएचसी फरीदपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अजीत ने बताया कि शिवराजपुर में उनकी पैतृक जमीन पर शाहजहांपुर के कुछ लोग दो वर्षों से कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले वर्ष आरोपियों ने अजीत के साथ मारपीट की थी, जिसमें उनका हाथ टूट गया था। जून 2025 में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस वर्ष मुकेश को गेहूं की फसल काटने से रोका गया था। प्रशासन ने फसल कटवाकर पैसे ग्राम प्रधान के पास जमा कराए थे और पैमाइश के बाद पैसे देने को कहा था।
पुलिस और परिजनों के अलग-अलग दावे
मुकेश ने बताया कि राजस्व विभाग ने सोमवार को पैमाइश के लिए कहा था। नन्हीं देवी बेटे अजीत के साथ इसी के लिए गांव जा रही थीं। नगरिया और जरौल गांव के बीच आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों से मारपीट की। नन्हीं देवी के सिर में गंभीर चोटें आईं और अजीत को भी चोटें लगीं। मुकेश और अन्य लोग उन्हें फतेहगंज पूर्वी थाने ले गए, जहां से फरीदपुर सीएचसी भेजा गया।
सीओ फरीदपुर संदीप सिंह ने बताया कि महिला की मौत बिजली के पोल से बाइक टकराने के बाद उछलकर गिरने से हुई। उन्होंने कहा कि जमीन के मामले में फसल की नीलामी करवाकर रुपये प्रधान को सुपुर्द कर दिए गए थे। जमीन विवाद में मुकदमा चल रहा है।
न्याय के लिए भटक रहा परिवार
पीड़ित परिवार तहसील दिवसों से लेकर उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री तक न्याय की गुहार लगा चुका है। उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है। परिवार का कहना है कि थाना दिवस और तहसील समाधान दिवस में राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण नहीं होता है। यह जमीनी विवाद पिछले दो वर्षों से चल रहा है।