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Basti News: मौसम बदला तो बढ़े पेट व वायरल बुखार के मरीज, अस्पतालों में भारी भीड़
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जिला अस्पताल में ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श के लिए इंतजार करते मरीज संवाद
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बस्ती। बारिश और उमस भरे मौसम के बीच जिले में जलजनित और मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और इमरजेंसी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
पेट दर्द, पेट में जलन, बुखार, सर्दी-जुकाम, बदन दर्द और प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के मेडिसिन और बाल रोग विभाग की ओपीडी में मंगलवार सुबह से मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं।
चिकित्सकों के अनुसार मौसम में बदलाव के कारण एलर्जी, वायरल संक्रमण और पेट संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई मरीजों में प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत भी सामने आ रही है, जिन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा जा रहा है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1,114 मरीजों का उपचार किया गया, जबकि महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 1,785 मरीज पहुंचे।
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डॉक्टरों के मुताबिक मरीजों से बातचीत में पता चला है कि दूषित या मटमैले पानी का सेवन, फास्ट फूड और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से पेट दर्द और संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में लोगों को उबला या स्वच्छ पानी पीने तथा ताजा और घर का बना भोजन करने की सलाह दी जा रही है।
फिजिशियन डॉ. एस.डी. ओझा ने बताया कि बरसात और उमस के मौसम में पाचन तंत्र अपेक्षाकृत कमजोर हो जाता है। ऐसे में दूषित पानी, बासी भोजन और फास्ट फूड के सेवन से पेट दर्द, डायरिया और अन्य संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर मरीजों की आवश्यक जांच कराई जा रही है, ताकि डायरिया समेत अन्य गंभीर बीमारियों का समय पर पता लगाकर उपचार शुरू किया जा सके।
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पेट दर्द, पेट में जलन, बुखार, सर्दी-जुकाम, बदन दर्द और प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के मेडिसिन और बाल रोग विभाग की ओपीडी में मंगलवार सुबह से मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं।
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चिकित्सकों के अनुसार मौसम में बदलाव के कारण एलर्जी, वायरल संक्रमण और पेट संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई मरीजों में प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत भी सामने आ रही है, जिन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा जा रहा है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1,114 मरीजों का उपचार किया गया, जबकि महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 1,785 मरीज पहुंचे।
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डॉक्टरों के मुताबिक मरीजों से बातचीत में पता चला है कि दूषित या मटमैले पानी का सेवन, फास्ट फूड और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से पेट दर्द और संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में लोगों को उबला या स्वच्छ पानी पीने तथा ताजा और घर का बना भोजन करने की सलाह दी जा रही है।
फिजिशियन डॉ. एस.डी. ओझा ने बताया कि बरसात और उमस के मौसम में पाचन तंत्र अपेक्षाकृत कमजोर हो जाता है। ऐसे में दूषित पानी, बासी भोजन और फास्ट फूड के सेवन से पेट दर्द, डायरिया और अन्य संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर मरीजों की आवश्यक जांच कराई जा रही है, ताकि डायरिया समेत अन्य गंभीर बीमारियों का समय पर पता लगाकर उपचार शुरू किया जा सके।