{"_id":"6a860f21d4e4a281490ac83b","slug":"eye-and-health-check-up-of-132-school-vehicle-drivers-basti-news-c-207-1-bst1006-164631-2026-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: 132 स्कूल वाहन चालकों की आंख और स्वास्थ्य की हुई जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: 132 स्कूल वाहन चालकों की आंख और स्वास्थ्य की हुई जांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। मिशन सेफ फ्यूचर के तहत बुधवार को रोडवेज बस स्टैंड परिसर में स्कूली वाहनों के चालकों का नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन उप परिवहन आयुक्त अयोध्या राजकुमार सिंह ने किया। शिविर में कुल 132 स्कूल चालकों का नेत्र व स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेई ने कहा कि स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन के लिए परिवहन विभाग की ओर से मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत स्कूली वाहनों की शत प्रतिशत जांच, स्कूली वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस एवं चरित्र प्रमाण पत्र का सत्यापन तथा स्कूली वाहनों में परिचर की तैनाती पर विशेष बल दिया जा रहा है। संभागीय परिवर्तन अधिकारी प्रवर्तन सुरेश कुमार ने कहा कि स्कूली वाहनों की फिटनेस के साथ-साथ स्कूल वाहन चालकों की फिटनेस जांच का भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। चालक का ड्राइविंग लाइसेंस वैध होने के साथ पांच वर्ष का अनुभव भी होना आवश्यक है। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) फरीदउद्दीन ने चालकों को स्कूली वाहन के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों तथा चालकों को स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहाकि स्कूली वाहन की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक नहीं होना चाहिए, स्कूली वाहन में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन द्वार, सीसीटीवी, जीपीएस, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स आदि उपलब्ध होना चाहिए।
इस अवसर पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, डॉ डी एस कुशवाहा, अनिल चौधरी, मोहम्मद शफीक, परमानंद गुप्ता, विजय कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेई ने कहा कि स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन के लिए परिवहन विभाग की ओर से मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत स्कूली वाहनों की शत प्रतिशत जांच, स्कूली वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस एवं चरित्र प्रमाण पत्र का सत्यापन तथा स्कूली वाहनों में परिचर की तैनाती पर विशेष बल दिया जा रहा है। संभागीय परिवर्तन अधिकारी प्रवर्तन सुरेश कुमार ने कहा कि स्कूली वाहनों की फिटनेस के साथ-साथ स्कूल वाहन चालकों की फिटनेस जांच का भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। चालक का ड्राइविंग लाइसेंस वैध होने के साथ पांच वर्ष का अनुभव भी होना आवश्यक है। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) फरीदउद्दीन ने चालकों को स्कूली वाहन के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों तथा चालकों को स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहाकि स्कूली वाहन की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक नहीं होना चाहिए, स्कूली वाहन में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन द्वार, सीसीटीवी, जीपीएस, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स आदि उपलब्ध होना चाहिए।
विज्ञापन
इस अवसर पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, डॉ डी एस कुशवाहा, अनिल चौधरी, मोहम्मद शफीक, परमानंद गुप्ता, विजय कुमार आदि मौजूद रहे।