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Basti News: सर्दी-जुकाम और गले के इन्फेक्शन के बढ़े मरीज
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गले में खराश व टॉन्सिल बढ़ने पर जांच करते डॉ. आशुतोष शर्मा संवाद
- फोटो : 1
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बस्ती। मौसम में बदलाव के साथ ही सर्दी-जुकाम और गले की खराश के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 40-50 बच्चे इससे संबंधित पहुंच रहे हैं। इनमें गले में दर्द, निगलने में परेशानी और टॉन्सिल की शिकायत है।
बढ़ते तापमान और हवा की खराब गुणवत्ता के कारण नाक, कान के साथ गले के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में इन बीमारियों के रोजाना 40 से 50 रोगी पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा देकर व सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को 921 रोगियों का उपचार हुआ। अधिकतर रोगी पहले की तरह वायरल, फ्लू व त्वचा रोग के ही थे। इनके अलावा 40 मरीज नाक, कान व गला रोग के पहुंचे।
जांच रिपोर्ट के आधार पर नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डाॅ. एसएस कन्नौजिया ने इन मरीजों को दवा व एहतियात बरतने की सलाह दी। बताया कि हवा की खराब गुणवत्ता व ठंडी खाद्य पदार्थ व ठंडा पानी पीने से नाक, कान और गले के रोगी बढ़ रहे हैं। गले में खराश के साथ जख्म भी हो रहा है। खानपान और मौसम के प्रति सचेत नहीं रहने वाले मरीजों में लक्षण अधिक दिख रहे हैं। गले व कान में दर्द की समस्या के मरीजों की संख्या भी अधिक रही।
गले में घरघराहट, तेज खांसी, बुखार, गले के टांसिल में समस्या के मरीज भी अधिक आ रहे हैं। इसमें अधिकांश मरीज बच्चे होते हैं। घाव ठीक होने पर आठ से 10 दिन लग जा रहे हैं। सफाई पर ध्यान देने की जरूरत है। डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि हवा के साथ इन दिनों वायरस का खतरा रहता है। सफाई की जरूरत है। हाथ धोने के बाद ही बच्चे को खाना दें। बदन दर्द के भी रोगी बढ़े हैं। वहीं, दवा, पर्चा काउंटर व जांच केंद्र पर मरीजों को परेशानी हुई।
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बढ़ते तापमान और हवा की खराब गुणवत्ता के कारण नाक, कान के साथ गले के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में इन बीमारियों के रोजाना 40 से 50 रोगी पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा देकर व सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को 921 रोगियों का उपचार हुआ। अधिकतर रोगी पहले की तरह वायरल, फ्लू व त्वचा रोग के ही थे। इनके अलावा 40 मरीज नाक, कान व गला रोग के पहुंचे।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डाॅ. एसएस कन्नौजिया ने इन मरीजों को दवा व एहतियात बरतने की सलाह दी। बताया कि हवा की खराब गुणवत्ता व ठंडी खाद्य पदार्थ व ठंडा पानी पीने से नाक, कान और गले के रोगी बढ़ रहे हैं। गले में खराश के साथ जख्म भी हो रहा है। खानपान और मौसम के प्रति सचेत नहीं रहने वाले मरीजों में लक्षण अधिक दिख रहे हैं। गले व कान में दर्द की समस्या के मरीजों की संख्या भी अधिक रही।
गले में घरघराहट, तेज खांसी, बुखार, गले के टांसिल में समस्या के मरीज भी अधिक आ रहे हैं। इसमें अधिकांश मरीज बच्चे होते हैं। घाव ठीक होने पर आठ से 10 दिन लग जा रहे हैं। सफाई पर ध्यान देने की जरूरत है। डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि हवा के साथ इन दिनों वायरस का खतरा रहता है। सफाई की जरूरत है। हाथ धोने के बाद ही बच्चे को खाना दें। बदन दर्द के भी रोगी बढ़े हैं। वहीं, दवा, पर्चा काउंटर व जांच केंद्र पर मरीजों को परेशानी हुई।