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Basti News: लोन लेकर कंपनी में लगा दिए लाखों रुपये, रकम चार गुनी हुई न मिली जमीन
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बस्ती। छल-कपट से लोगों की गाढ़ी कमाई के रुपये हड़पना कोई नई बात नहीं है। अब नया मामला सौ दिन में चार गुना रकम, गोरखपुर या संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद में से किसी एक स्थान पर जमीन देने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर डीडब्ल्यूसी नामक कंपनी भाग गई है। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के ग्राम महुडर के दो सगे भाइयों इंद्रजीत और राधेश्याम भी ठगी के शिकार हुए हैं।
एसपी डॉ. यशवीर सिंह को इंद्रजीत ने शिकायती पत्र देकर कहा है कि दोनों भाइयों ने 25.60 लाख रुपये जमा किए थे। न तो रकम मिल पाई है और न ही जमीन। इंद्रजीत ने बताया कि उनके पास 18 लोगों की सूची है, जिन्होंने इस कंपनी में लाखों रुपये लगा रखे हैं। एसपी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पीड़ित इंद्रजीत के अनुसार लखनऊ के विकासनगर आशियाना कॉलोनी और संतकबीरनगर के थाना दुधारा के ग्राम खटीयावां निवासी आरोपियों ने शहर के बड़ेवन स्थित एक होटल में मार्च 2025 में अपना कार्यालय खोल रखा था। संतकबीरनगर के ही थवईपार गांव के रहने वाला एक शख्स गोरखपुर और खलीलाबाद लोगों को जमीन दिखाने ले जाता था। कंपनी की ओर से दिखाए गए सब्जबाग में आकर उसने आईडीएफसी बैंक से तीन लाख 60 हजार और इंडियन बैंक से पांच लाख रुपये का सीसी लोन लेकर कंपनी में लगा दिए।
उनके भाई राधेश्याम ने भी 10 लाख रुपये का लोन कराकर कंपनी में जमा कर दिए। इसके अलावा आनंद शुक्ला गोरखपुर, कृष्ण कुमार त्रिपाठी, वीरेंद्र सिंह बस्ती, रविंद्र सिंह, संजय, बंटी, पिंटू यादव, बिजेंद्र प्रताप सिंह राना, हिमांशु सिंह, प्रमोद सोनी, विजय सोनी, केडी कुमार, सुरेश पटेल आदि ने कंपनी में रुपये जमा किए थे। इनमें से किसी को अपना मूल धन नहीं मिल पाया है। बस्ती में कंपनी का काम देखने वाले शख्स अब फोन भी नहीं उठा रहा।
पीड़ित इंद्रजीत का कहना है कि कंपनी पर दबाव बनाने पर जनवरी 2026 में जमीन का बैनामा करने का आश्वासन दिया गया। जब उसने कहा कि जमीन पत्नी के नाम पर लेंगे, तब कंपनी के लोगों ने स्टांप पर हस्ताक्षर करा लिए और कहा कि आपके खाते में एक घंटे में रुपये ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। जमीन की रजिस्ट्री 24 घंटे बाद होगी। दूसरे दिन खलीलाबाद थवईपार में जमीन का फोटो लेने के लिए शख्स ने बुलाया और कहा कि फोटो रजिस्ट्री ऑफिस में लगेगा। इसके बाद उसने कहा कि पत्नी का फोन आया है, उसकी तबीयत खराब हो गई है और बाइक लेकर चला गया। पीड़ित का आरोप है कि बस्ती में कंपनी का काम देखने वाले शख्स से रुपये मांगने पर धमकी दे रहे हैं। उसने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है।
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पीड़ित बोले
कंपनी के चक्कर में उसका 8.60 लाख रुपये डूब गए हैं। इसे पाने के लिए वह इधर-उधर भटक रहा है। ऊपर से बैंक का लोन हो गया है। इसे भरने के लिए वह आर्थिक संकट से जूझ रहा है। एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
-इंद्रजीत, ग्राम महुडर, बस्ती
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1.60 लाख रुपये कंपनी में इधर-उधर से जुगाड़ कर जमा किए थे। उम्मीद थी कि सौ दिन में रकम चार गुना हो जाएगा। रकम मिलने पर उधर चुकता कर बचे रुपयों को कारोबार में लगाने की सोची थी, मगर यह सपना टूट गया। अब उधर लिए रकम को भरने की चिंता सता रही है।
-कृष्ण कुमार त्रिपाठी, मड़या चौराहा, खलीलाबाद
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कोट
कुछ लोग रुपये लेकर कंपनी के भागने की शिकायत लेकर आए थे। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में यदि मामला सही पाया गया तो संबंधितों पर प्राथमिकी दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
-डॉ. यशवीर सिंह, एसपी
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एसपी डॉ. यशवीर सिंह को इंद्रजीत ने शिकायती पत्र देकर कहा है कि दोनों भाइयों ने 25.60 लाख रुपये जमा किए थे। न तो रकम मिल पाई है और न ही जमीन। इंद्रजीत ने बताया कि उनके पास 18 लोगों की सूची है, जिन्होंने इस कंपनी में लाखों रुपये लगा रखे हैं। एसपी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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पीड़ित इंद्रजीत के अनुसार लखनऊ के विकासनगर आशियाना कॉलोनी और संतकबीरनगर के थाना दुधारा के ग्राम खटीयावां निवासी आरोपियों ने शहर के बड़ेवन स्थित एक होटल में मार्च 2025 में अपना कार्यालय खोल रखा था। संतकबीरनगर के ही थवईपार गांव के रहने वाला एक शख्स गोरखपुर और खलीलाबाद लोगों को जमीन दिखाने ले जाता था। कंपनी की ओर से दिखाए गए सब्जबाग में आकर उसने आईडीएफसी बैंक से तीन लाख 60 हजार और इंडियन बैंक से पांच लाख रुपये का सीसी लोन लेकर कंपनी में लगा दिए।
उनके भाई राधेश्याम ने भी 10 लाख रुपये का लोन कराकर कंपनी में जमा कर दिए। इसके अलावा आनंद शुक्ला गोरखपुर, कृष्ण कुमार त्रिपाठी, वीरेंद्र सिंह बस्ती, रविंद्र सिंह, संजय, बंटी, पिंटू यादव, बिजेंद्र प्रताप सिंह राना, हिमांशु सिंह, प्रमोद सोनी, विजय सोनी, केडी कुमार, सुरेश पटेल आदि ने कंपनी में रुपये जमा किए थे। इनमें से किसी को अपना मूल धन नहीं मिल पाया है। बस्ती में कंपनी का काम देखने वाले शख्स अब फोन भी नहीं उठा रहा।
पीड़ित इंद्रजीत का कहना है कि कंपनी पर दबाव बनाने पर जनवरी 2026 में जमीन का बैनामा करने का आश्वासन दिया गया। जब उसने कहा कि जमीन पत्नी के नाम पर लेंगे, तब कंपनी के लोगों ने स्टांप पर हस्ताक्षर करा लिए और कहा कि आपके खाते में एक घंटे में रुपये ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। जमीन की रजिस्ट्री 24 घंटे बाद होगी। दूसरे दिन खलीलाबाद थवईपार में जमीन का फोटो लेने के लिए शख्स ने बुलाया और कहा कि फोटो रजिस्ट्री ऑफिस में लगेगा। इसके बाद उसने कहा कि पत्नी का फोन आया है, उसकी तबीयत खराब हो गई है और बाइक लेकर चला गया। पीड़ित का आरोप है कि बस्ती में कंपनी का काम देखने वाले शख्स से रुपये मांगने पर धमकी दे रहे हैं। उसने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित बोले
कंपनी के चक्कर में उसका 8.60 लाख रुपये डूब गए हैं। इसे पाने के लिए वह इधर-उधर भटक रहा है। ऊपर से बैंक का लोन हो गया है। इसे भरने के लिए वह आर्थिक संकट से जूझ रहा है। एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
-इंद्रजीत, ग्राम महुडर, बस्ती
1.60 लाख रुपये कंपनी में इधर-उधर से जुगाड़ कर जमा किए थे। उम्मीद थी कि सौ दिन में रकम चार गुना हो जाएगा। रकम मिलने पर उधर चुकता कर बचे रुपयों को कारोबार में लगाने की सोची थी, मगर यह सपना टूट गया। अब उधर लिए रकम को भरने की चिंता सता रही है।
-कृष्ण कुमार त्रिपाठी, मड़या चौराहा, खलीलाबाद
कोट
कुछ लोग रुपये लेकर कंपनी के भागने की शिकायत लेकर आए थे। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में यदि मामला सही पाया गया तो संबंधितों पर प्राथमिकी दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
-डॉ. यशवीर सिंह, एसपी