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Basti News: गैस के लिए सुबह से कतार, मशक्कत से मिल रहा सिलिंडर

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 Mar 2026 01:02 AM IST
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Queue for gas since morning, cylinders are being obtained with difficulty
रौतापार ​स्थित गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं की जुटी भीड़। संवाद
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बस्ती। रसोई गैस का संकट बरकरार है। सोमवार को साप्ताहिक बंदी होने के कारण रविवार को गैस एजेंसियों पर भीड़ बढ़ गई। सुबह एजेंसी खुलने से पहले ही लोग सिलिंडर और पॉसबुक के साथ लोग लाइन में खड़े हो गए। दिन में दो बजे तक एजेंसियों पर टोकन वितरित किया गया। अधिक भीड़ की वजह से कुछ उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा।
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रसोई गैस के होम डिलीवरी की व्यवस्था अभी पटरी पर नहीं आई है। लोगों को कामकाज छोड़ एजेंसियों पर लाइन लगाने के बाद ही सिलिंडर मिल पा रहा है। रविवार को होम डिलीवरी करने वाली गाड़ियां शहर में सिलिंडर लेकर चलते हुए देखी गई है। उपभोक्ताओं का कहना हैं कि छिटपुट घरों में ही डिलीवरी हो पा रही है। बाकी उपभोक्ताओं को बिना एजेंसी पर लाइन लगाए सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।
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उपभोक्ता अनुपम ने बताया कि कल बंदी होने की वजह से आज एजेंसी पर ज्यादा भीड़ है। तीन घंटे से लाइन में लगे हैं अभी बारी नहीं आई है। वहीं उपभोक्ता प्रशांत कुमार ने बताया कि सिलिंडर के लिए कामकाज छोड़कर एजेंसी पर आकर पूरा दिन समय देना पड़ रहा है। काफी मशक्कत के बाद ही सिलिंडर मिल पा रहा है। वहीं राजेश ने बताया कि कुछ एजेंसी कर्मचारियों ने आपदा में अवसर खोज लिया है।
लाइन न लगाने के लिए उपभोक्ताओं से दो सौ रुपये अतिरिक्त लिए जा रहे हैं। गैस का पेपर और 976 की जगह 1200 रुपये देने के कुछ ही देर बाद सिलिंडर मिल जा रहा है। जिनके पास अतिरिक्त रुपये देने का बजट नहीं है उन्हें घंटों लाइन लगानी पड़ रही है। मगर यह सब भी सेटिंग के बाद संभव हो पा रहा है। कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि बिना कागजात के सिलिंडर लेने पर 1500 से 2000 रुपये वसूले जा रहे हैं।
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इन एजेंसियों पर लगी रही भीड़
शहर के रौतापार, मालवीय मार्ग, कटरा, सिविल लाइन, स्टेशन रोड, अस्पताल चौराहा के निकट स्थित रसोई गैस एजेंसियों पर सुबह नौ बजे से ही उपभोक्ताओं की लाइन लग गई। इसके बाद एजेंसी खुली तो उपभोक्ताओं की लंबी लाइन देखी गई। उपभोक्ताओं का कहना था कि यदि आज सिलिंडर नहीं मिलेगा तो अगले दिन एजेंसी बंद रहेगी। फिर एक दिन बाद ही सिलिंडर मिल पाएगा। इस दौरान एजेंसी कर्मचारियों के भी टोकन वितरित करने में पसीने छूट गए। लाइन में खड़े उपभोक्ताओं से बीच- बीच में झड़प होते हुए भी देखा गया। महिला उपभोक्ता देर रात तक लाइन में खड़ी होने के बाद परेशान नजर आई। वह व्यवस्था को कोसती रही।
कोट
सिलिंडर लेने के लिए कई बार एजेंसी पर आना पड़ा है। 6 दिन से लगातार चक्कर कांट रहे है। आज बहुत मुश्किल से एक सिलिंडर मिल पाया है। घर में सिलेंडर खत्म होने की नौबत आ गई है। इसलिए सोचे कि समय रहते भरवा लें मगर परेशानी बहुत झेलनी पड़ी।
-रोविन सिंह, उपभोक्ता।
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घरेलू गैस की समस्या अभी भी बनी हुई है। इसलिए हम लोगों ने इंडक्शन चूल्हा खरीदकर किसी तरह घर पर भोजन तैयार करा रहे हैं। लाइन न लगाना पड़े इसके लिए एजेंसी के एक कर्मचारी से बात करने पर बताया गया कि आसानी से सिलिंडर लेने के लिए 1200 से 1500 रुपये देना होगा।
-इंद्रपाल सिंह, उपभोक्ता।
कोट
सभी एजेंसी संचालकों को रसोई गैस की होम डिलीवरी सुविधा बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि उपभोक्ताओं को कहीं कोई समस्या आ रही हैं तो तत्काल कंट्रोल रूम में अपनी शिकायत दर्ज कराए। उसका समाधान कराया जाएगा। केवाईसी के लिए भी एजेंसी संचालकों को उपभोक्ताओं की मदद के लिए कहा गया है।
-विमल कुमार शुक्ल, डीएसओ।
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