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Basti News: सावन में कई रूटों पर डायवर्ट रहेंगी रोडवेज बसें, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे बनेगा विकल्प
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रोडवेज बस्ती डिपो में खड़ी बसें संवाद
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बस्ती। सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान लागू होने वाले रूट डायवर्जन और रक्षाबंधन-जन्माष्टमी पर बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज बस्ती डिपो ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डिपो की सभी 103 निगम बसों की तकनीकी फिटनेस जांच कराई जा रही है। साथ ही जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बसें चलाने और रूट परिवर्तन के अनुसार संचालन की कार्ययोजना भी तैयार की गई है।
डिपो की कार्यशाला में रोजाना बसों के ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, सस्पेंशन, हेडलाइट, इंडिकेटर, वाइपर समेत अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों की जांच की जा रही है। जिन बसों में तकनीकी खामियां मिल रही हैं, उन्हें सड़क पर उतारने से पहले दुरुस्त कराया जा रहा है। बरसात के मौसम को देखते हुए घिसे हुए टायर भी प्राथमिकता के आधार पर बदले जा रहे हैं, ताकि फिसलन भरी सड़कों पर सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बसों की सीटें, खिड़कियां, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। इसे देखते हुए मांग वाले मार्गों पर अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराने और बसों के फेरे बढ़ाने की तैयारी की गई है।
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कांवड़ यात्रा के दौरान लागू होने वाले रूट डायवर्जन के कारण लखनऊ जाने वाली रोडवेज बसें बेंवा और कलवारी होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के रास्ते संचालित होंगी। मार्ग लंबा होने से किराये में आंशिक वृद्धि होने की संभावना है। वहीं, अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं को भी वैकल्पिक मार्ग से यात्रा करनी होगी। अयोध्या-बस्ती फोरलेन पर सात से 11 अगस्त तक रूट डायवर्जन प्रस्तावित है।
कोट
रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए जरूरत पड़ने पर बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। मांग वाले मार्गों पर अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि यात्रियों को समय पर परिवहन सुविधा मिल सके।
-कल्पना श्रीवास्तव, एआरएम
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डिपो की कार्यशाला में रोजाना बसों के ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, सस्पेंशन, हेडलाइट, इंडिकेटर, वाइपर समेत अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों की जांच की जा रही है। जिन बसों में तकनीकी खामियां मिल रही हैं, उन्हें सड़क पर उतारने से पहले दुरुस्त कराया जा रहा है। बरसात के मौसम को देखते हुए घिसे हुए टायर भी प्राथमिकता के आधार पर बदले जा रहे हैं, ताकि फिसलन भरी सड़कों पर सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
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यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बसों की सीटें, खिड़कियां, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। इसे देखते हुए मांग वाले मार्गों पर अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराने और बसों के फेरे बढ़ाने की तैयारी की गई है।
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कांवड़ यात्रा के दौरान लागू होने वाले रूट डायवर्जन के कारण लखनऊ जाने वाली रोडवेज बसें बेंवा और कलवारी होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के रास्ते संचालित होंगी। मार्ग लंबा होने से किराये में आंशिक वृद्धि होने की संभावना है। वहीं, अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं को भी वैकल्पिक मार्ग से यात्रा करनी होगी। अयोध्या-बस्ती फोरलेन पर सात से 11 अगस्त तक रूट डायवर्जन प्रस्तावित है।
कोट
रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए जरूरत पड़ने पर बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। मांग वाले मार्गों पर अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि यात्रियों को समय पर परिवहन सुविधा मिल सके।
-कल्पना श्रीवास्तव, एआरएम