{"_id":"6a78da73b6cc6894080a255d","slug":"saryu-is-surging-7-cm-below-the-red-mark-basti-news-c-207-1-bst1001-164042-2026-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: उछाल मार रही सरयू, लाल निशान से 7 सेंमी नीचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: उछाल मार रही सरयू, लाल निशान से 7 सेंमी नीचे
विज्ञापन
नाव से पशुओं के लिए चारा लाते सुबिका बाबू गांव के लोग। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार उछाल के बाद तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। रविवार शाम छह बजे नदी का जलस्तर 92.65 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से महज सात सेंटीमीटर नीचे है।
जलस्तर बढ़ने से विक्रमजोत ब्लॉक के लकड़ी पांडेय, पकड़ी संग्राम, लकड़ी दूबे और अर्जुनपुर समेत कई गांवों में कटान शुरू हो गई है। वहीं दुबौलिया ब्लॉक का सुबिका बाबू और आंशिक टेढ़वा गांव बाढ़ के पानी से घिर गया है। ग्रामीणों के आवागमन के लिए प्रशासन ने यहां आठ नाव लगाई हैं। दुबौलिया संवाद के अनुसार सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच रविवार दोपहर बाद नदी का जलस्तर स्थिर बताया गया। सुबिका बाबू और आंशिक टेढ़वा गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। ऐसे में ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रशासन ने आठ नाव लगाई हैं।
दो धाराओं के बीच बसे देवारागंगबरार और कुर्मियाना गांव भी बाढ़ के पानी से घिरने के कगार पर हैं। अतिसंवेदनशील कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में दबाव बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जलस्तर बढ़ने से विक्रमजोत ब्लॉक के लकड़ी पांडेय, पकड़ी संग्राम, लकड़ी दूबे और अर्जुनपुर समेत कई गांवों में कटान शुरू हो गई है। वहीं दुबौलिया ब्लॉक का सुबिका बाबू और आंशिक टेढ़वा गांव बाढ़ के पानी से घिर गया है। ग्रामीणों के आवागमन के लिए प्रशासन ने यहां आठ नाव लगाई हैं। दुबौलिया संवाद के अनुसार सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच रविवार दोपहर बाद नदी का जलस्तर स्थिर बताया गया। सुबिका बाबू और आंशिक टेढ़वा गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। ऐसे में ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रशासन ने आठ नाव लगाई हैं।
विज्ञापन
दो धाराओं के बीच बसे देवारागंगबरार और कुर्मियाना गांव भी बाढ़ के पानी से घिरने के कगार पर हैं। अतिसंवेदनशील कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में दबाव बना हुआ है।
विज्ञापन