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Basti News: गबन की फाइल तैयार करने में जुटा बैंक...कई ग्राहकों के खातों की जांच बाकी
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बस्ती। सीएसपी बंद कर अचानक लापता हुए जिला पंचायत सदस्य जवाहरलाल और उसके बेटे दिवाकर विक्रम पर चार दिन बीतने के बाद भी अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई हैं। बैंक अधिकारी पूरे मामले की छानबीन में जुटे हैं। पिता-पुत्र के गबन की तस्दीक गहनता से की जा रही है। ग्राहकों के 12 लाख रुपये हड़पने की पुष्टि अभी तक हो चुकी है। अभी कई उपभोक्ताओं के खातों की जांच बाकी है। गबन की पूरी फाइल तैयार करने के बाद ही बैंक कार्रवाई की स्थिति में पहुंचेगा।
जिला पंचायत सदस्य जवाहरलाल और उसका बेटा दिवाकर विक्रम घर पर सुसाइड नोट छोड़कर भले ही चार दिनों से लापता हैं लेकिन, सीएसपी ग्राहकों को चकमा देकर उनके खातों से धन आहरित करने मामले में पिता-पुत्र दोनों कार्रवाई की जद में आने लगे हैं। इसका आभास दोनों को पहले से ही हो गया था। इसीलिए नाटकीय अंदाज में पिता-पुत्र दोनों सुसाइड नोट में खुद बैंक के लेनदेन में फर्जीबाड़ा स्वीकार कर आत्महत्या की बात लिखकर लापता हो गए हैं।
पैकोलिया थाना क्षेत्र के मुलायमगंज चौराहे पर बेटे दिवाकर विक्रम के नाम संचालित सीएसपी बैंक शाखा एसबीआई केशवापुर से संबद्ध है। पिता-पुत्र के लापता होने की खबर सुनने के बाद यहां से जुड़े ग्राहकों के भी होश उड़ गए हैं। लोग अपने एकाउंट नंबर के साथ बैंक शाखा पर पहुंच रहे हैं। बैंक शाखा की तरफ से जानकारी दी गई हैं कि उनके पास 10 से 12 लिखित शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
सीएसपी संचालक पिता-पुत्र पर ग्राहकों का 12 लाख रुपये हड़पने का मामला भी सामने आ चुका है। इसके अलावा अभी और छानबीन चल रही है। गबन की पूरी फाइल तैयार होने के बाद ही बैंक कार्रवाई के लिए आगे आएगा। इसीलिए सीएसपी से जुड़े प्रत्येक खाता की छानबीन गहनता से की जा रही है। इसमें ग्राहकों से भी बैंक संपर्क करके लेनदेन का विवरण एकत्र कर रहा है।
इसके अलावा तमाम ऐसे भी ग्राहक हैं जिनसे एफडी के नाम पर रुपये लिए गए और उन्हें संचालक पिता-पुत्र ने अपने नाम का अधिक धनराशि का फर्जी चेक थमा दिया है। ऐसे मामले बैंक के रिकार्ड में नहीं दर्ज हुए हैं। शाखा प्रबंधक संजीव कुमार वर्मा का कहना हैं कि सीएसपी से जुड़े सभी उपभोक्ताओं के खातों की जांच अभी चल रही है। पूरे प्रकरण से बैंक उच्चाधिकारी भी अवगत हैं। गबन का स्पष्ट रकम जांच में सामने आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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ठगी के बाद मुखर हुए ग्राहक
सीएसपी के ग्राहकों को जब ठगी की भनक लगी तो धीरे-धीरे लोग मुखर होने लगे हैं। बैंक शाखा में पहुंची पीड़ित मुईली गांव की श्याम लती, लक्षना देवी, आरती, चमेली देवी, मधु देवी, कुशमावती, नीता वर्मा और प्रीति देवी ने कहा कि जिला पंचायत सदस्य काफी मिलनसार स्वभाव का था। वह हमारे रकम को बैंक खाते में सुरक्षित जमा करने का भरोसा देता रहा। हमें यह नहीं मालूम था कि हम लोगों की बगैर जानकारी में भी खाते से रुपये निकाले जाएंगे। उपभोक्ताओं ने बताया कि वह अपने बात व्यवहार से हम लोगों बचत का लालच देकर एफडी कराने के लिए भी प्रेरित करता था। सीएसपी पैड पर खाता नंबर लिखकर देता था। उस पर एफडी का एमाउंट भी चढ़ाता रहा। इसके अलावा अपने नाम का अधिक धनराशि का चेक देता था। इससे पूरा विश्वास हो जाता था। ग्राहकों ने इस मामले की शिकायत तहसील दिवस में भी की है।
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मोबाइल और बाइक लेकर गए हैं दोनों
जिला पंचायत सदस्य जवाहरलाल और बेटा दिवाकर विक्रम 15 अप्रैल को घर से अपनी अपाची बाइक और मोबाइल साथ लेकर गए हैं। पुलिस दोनों का पता लगाने में जुटी हुई हैं। जबकि 14 अप्रैल से ही दोनों की मोबाइल बंद बताई जा रही है। दोनों के नाटकीय घटनाक्रम से पुलिस भी हैरान है। पुलिस की जांच में सामने आया हैं कि लापता होने से पहले जिला पंचायत सदस्य ने हर्रैया के किसी बैंक शाखा से 15 लाख से अधिक रुपये कर्ज भी लिया था। इसके अलावा कुछ लोगों से ब्याज पर भी अच्छी रकम ले लिया है। थानाध्यक्ष अजय कुमार यादव ने बताया कि कई स्रोतों से जिला पंचायत सदस्य और उसके बेटे की तलाश की जा रही है। अभी थाने में बैंक उपभोक्ताओं के गबन के मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।
कोटलापता जिला पंचायत सदस्य और उसके बेटे की तलाश में पुलिस शिद्दत से जुटी है। दोनों को सकुशल बरामद करने के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। उम्मीद हैं कि इस मामले में बहुत जल्द सफलता मिल जाएगी।
-स्वर्णिमा सिंह, सीओ हर्रैया।
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जिला पंचायत सदस्य जवाहरलाल और उसका बेटा दिवाकर विक्रम घर पर सुसाइड नोट छोड़कर भले ही चार दिनों से लापता हैं लेकिन, सीएसपी ग्राहकों को चकमा देकर उनके खातों से धन आहरित करने मामले में पिता-पुत्र दोनों कार्रवाई की जद में आने लगे हैं। इसका आभास दोनों को पहले से ही हो गया था। इसीलिए नाटकीय अंदाज में पिता-पुत्र दोनों सुसाइड नोट में खुद बैंक के लेनदेन में फर्जीबाड़ा स्वीकार कर आत्महत्या की बात लिखकर लापता हो गए हैं।
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पैकोलिया थाना क्षेत्र के मुलायमगंज चौराहे पर बेटे दिवाकर विक्रम के नाम संचालित सीएसपी बैंक शाखा एसबीआई केशवापुर से संबद्ध है। पिता-पुत्र के लापता होने की खबर सुनने के बाद यहां से जुड़े ग्राहकों के भी होश उड़ गए हैं। लोग अपने एकाउंट नंबर के साथ बैंक शाखा पर पहुंच रहे हैं। बैंक शाखा की तरफ से जानकारी दी गई हैं कि उनके पास 10 से 12 लिखित शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
सीएसपी संचालक पिता-पुत्र पर ग्राहकों का 12 लाख रुपये हड़पने का मामला भी सामने आ चुका है। इसके अलावा अभी और छानबीन चल रही है। गबन की पूरी फाइल तैयार होने के बाद ही बैंक कार्रवाई के लिए आगे आएगा। इसीलिए सीएसपी से जुड़े प्रत्येक खाता की छानबीन गहनता से की जा रही है। इसमें ग्राहकों से भी बैंक संपर्क करके लेनदेन का विवरण एकत्र कर रहा है।
इसके अलावा तमाम ऐसे भी ग्राहक हैं जिनसे एफडी के नाम पर रुपये लिए गए और उन्हें संचालक पिता-पुत्र ने अपने नाम का अधिक धनराशि का फर्जी चेक थमा दिया है। ऐसे मामले बैंक के रिकार्ड में नहीं दर्ज हुए हैं। शाखा प्रबंधक संजीव कुमार वर्मा का कहना हैं कि सीएसपी से जुड़े सभी उपभोक्ताओं के खातों की जांच अभी चल रही है। पूरे प्रकरण से बैंक उच्चाधिकारी भी अवगत हैं। गबन का स्पष्ट रकम जांच में सामने आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
ठगी के बाद मुखर हुए ग्राहक
सीएसपी के ग्राहकों को जब ठगी की भनक लगी तो धीरे-धीरे लोग मुखर होने लगे हैं। बैंक शाखा में पहुंची पीड़ित मुईली गांव की श्याम लती, लक्षना देवी, आरती, चमेली देवी, मधु देवी, कुशमावती, नीता वर्मा और प्रीति देवी ने कहा कि जिला पंचायत सदस्य काफी मिलनसार स्वभाव का था। वह हमारे रकम को बैंक खाते में सुरक्षित जमा करने का भरोसा देता रहा। हमें यह नहीं मालूम था कि हम लोगों की बगैर जानकारी में भी खाते से रुपये निकाले जाएंगे। उपभोक्ताओं ने बताया कि वह अपने बात व्यवहार से हम लोगों बचत का लालच देकर एफडी कराने के लिए भी प्रेरित करता था। सीएसपी पैड पर खाता नंबर लिखकर देता था। उस पर एफडी का एमाउंट भी चढ़ाता रहा। इसके अलावा अपने नाम का अधिक धनराशि का चेक देता था। इससे पूरा विश्वास हो जाता था। ग्राहकों ने इस मामले की शिकायत तहसील दिवस में भी की है।
मोबाइल और बाइक लेकर गए हैं दोनों
जिला पंचायत सदस्य जवाहरलाल और बेटा दिवाकर विक्रम 15 अप्रैल को घर से अपनी अपाची बाइक और मोबाइल साथ लेकर गए हैं। पुलिस दोनों का पता लगाने में जुटी हुई हैं। जबकि 14 अप्रैल से ही दोनों की मोबाइल बंद बताई जा रही है। दोनों के नाटकीय घटनाक्रम से पुलिस भी हैरान है। पुलिस की जांच में सामने आया हैं कि लापता होने से पहले जिला पंचायत सदस्य ने हर्रैया के किसी बैंक शाखा से 15 लाख से अधिक रुपये कर्ज भी लिया था। इसके अलावा कुछ लोगों से ब्याज पर भी अच्छी रकम ले लिया है। थानाध्यक्ष अजय कुमार यादव ने बताया कि कई स्रोतों से जिला पंचायत सदस्य और उसके बेटे की तलाश की जा रही है। अभी थाने में बैंक उपभोक्ताओं के गबन के मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।
कोटलापता जिला पंचायत सदस्य और उसके बेटे की तलाश में पुलिस शिद्दत से जुटी है। दोनों को सकुशल बरामद करने के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। उम्मीद हैं कि इस मामले में बहुत जल्द सफलता मिल जाएगी।
-स्वर्णिमा सिंह, सीओ हर्रैया।
