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Bhadohi News: 14 घंटे की स्क्रीन टाइमिंग, आंखों की कोशिकाओं को पहुंच रहा नुकसान
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ज्ञानपुर जिला अस्पताल में आंख की जांच करते डॅा. पीके सिंह। संवाद
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ज्ञानपुर। आजकल मोबाइल और लैपटॉप बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। 14 घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइमिंग आंखों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा रहा है। जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में हर दिन 90 से 100 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। इसमें 8 से 20 साल की आयु के बच्चों व किशोरों की संख्या लगभग 20 फीसदी के आसपास है। डॉक्टरों की मानें तो स्क्रीन पर लगातार देखने से आंख में पानी कम होने लगा है।
महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल के नेत्र विभाग के डॉ. पीके सिंह और डॉ. सुरेंद्र कुमार बिंद ने बताया कि बदलते दौर में आंखों की समस्या का मुख्य कारण है मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस। मोबाइल पर ज्यादा समय बीताने से आंख में पानी कम होना, आंख के बाल गिरना, पर्दे में परेशानी, जलन, चूभन की समस्या आ रही है। बच्चों और किशोरों में 90 फीसदी को चश्मे की जरूरत महसूस हो रही है।
मायोपिया और हाइपरमेट्रोपिया के बढ़े मामले
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके सिंह ने बताया लगातार स्क्रीन देखने के कारण रेटिना प्रभावित होती है। आंखों की पुतलियों के आकार में असामान्य परिवर्तन देखा जा रहा है। कोरोना संक्रमण के बाद से बच्चों और युवाओं में मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) और हाइपरमेट्रोपिया (दूर दृष्टि दोष) के मामले बढ़े हैं। मनोचिकित्सक डॉ. अभिनव पांडेय ने बताया कि बच्चों को प्यार से समझाकर मोबाइल की लत को छुड़ाया जा सकता है।
इस तरह करें आंखों की देखभाल
- बच्चों को मोबाइल कम से कम दें।
- स्क्रीन से उचित दूरी बनाकर रखें।
- 24 घंटे में अपनी आंख को ठंडे पानी से चार से पांच बार धोएं।
- धूल-मिट्टी वाली जगह पर जाएं तो चश्मा जरूर लगाएं।
- विटामिन युक्त भोजन का सेवन करें।
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मायोपिया और हाइपरमेट्रोपिया के बढ़े मामले
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके सिंह ने बताया लगातार स्क्रीन देखने के कारण रेटिना प्रभावित होती है। आंखों की पुतलियों के आकार में असामान्य परिवर्तन देखा जा रहा है। कोरोना संक्रमण के बाद से बच्चों और युवाओं में मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) और हाइपरमेट्रोपिया (दूर दृष्टि दोष) के मामले बढ़े हैं। मनोचिकित्सक डॉ. अभिनव पांडेय ने बताया कि बच्चों को प्यार से समझाकर मोबाइल की लत को छुड़ाया जा सकता है।
इस तरह करें आंखों की देखभाल
- बच्चों को मोबाइल कम से कम दें।
- स्क्रीन से उचित दूरी बनाकर रखें।
- 24 घंटे में अपनी आंख को ठंडे पानी से चार से पांच बार धोएं।
- धूल-मिट्टी वाली जगह पर जाएं तो चश्मा जरूर लगाएं।
- विटामिन युक्त भोजन का सेवन करें।