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Bhadohi News: 206 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बना, 37 तक पहुंचने का रास्ता भूल गए
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लालीपुर आरोग्य मंदिर पर जाने वाला पगडंडी। संवाद
- फोटो : 1
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ज्ञानपुर। जिले में कागजों पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर चमक रहे हैं, लेकिन धरातल पर पगडंडी और कीचड़ मरीजों का स्वागत करते हैं। शुक्रवार को पड़ताल में जिले के 206 स्वास्थ्य केंद्रों में से 37 तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। एंबुलेंस का तो सवाल ही नहीं, गर्भवती महिलाओं को सेंटर से एंबुलेंस तक स्वयं ही पहुंचना पड़ता है। बारिश में उपकेंद्र तक पहुंचना मरीजों के लिए अग्निपरीक्षा देने जैसे है। गर्भवती महिलाएं और बच्चे जैसे-तैसे सेंटर तक पहुंचती हैं। केंद्र के अंदर दवा और उपकरण सहित व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, लेकिन मरीजों के लिए पहुंच मार्ग नहीं है। जिले के ग्रामीण अंचल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 206 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। यहां एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की तैनाती है। इन केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का उपचार और बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। हर महीने अनुमानित 700 से 800 प्रसव होते हैं। इनमें 60 से 65 फीसदी प्रसव ग्रामीण अंचल यानी उपकेंद्रों पर होते हैं।
हमारी टीम ने शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक जाने वाले रास्तों की पड़ताल की। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के रास्ते ठीक मिले, लेकिन कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक पहुंचने वाले मार्ग बदहाल मिले। जिम्मेदार अधिकारी भी इस समस्या से अनभिज्ञ बने हुए हैं। केंद्रों पर ओपीडी संचालित हो रही है, लेकिन पहुंच मार्ग अधूरा है। 206 में से 37 केंद्र ऐसे हैं, जहां तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता नहीं है। टीम वारी, लक्षमणा, दशवतपुर, नई बाजार और साडा केंद्र पहुंची। कहीं 50 मीटर तो कहीं 500 मीटर तक कच्चा रास्ता है, जहां वाहन भी नहीं पहुंच पाते।
इन उपकेंद्रों तक पगडंडी और कच्ची सड़क
कटेबना, तिवारीपुर, होलपुर, गड़ेरियापुर, सोनईचा, अरई उपरवार, ऊंज, बिछिया, महजूदा, कोछिया, लालीपुर, बरमोहनी, चौरापुर बैदान, दशवतपुर, वारी, रेगरा, सागरपुर, श्रवेली, भुलईपुर, डमरी, मर्चवार, रवेली, अवसानपुर, मई हरदोपट्टी, बभनौटी, बरदहां, चौरी, उधवा, पिपरिस, रया, नई बाजार, परगासपुर ओल्ड, कुकरौठी, जोगीपुर, असती और माधोपुर आदि।
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आयुर्वेदिक अस्पताल के रास्ते पर जमा है पानी
मोढ़ आयुर्वेदिक अस्पताल जाने वाले रास्ते पर बारिश का पानी जमा है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को मोढ़ बाईपास से होकर आने में दिक्कत होती है। सराय गांव के लोग भी इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार रास्ते की मरम्मत के लिए अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या जस की तस है।
उप स्वास्थ्य केंद्र वारी पर सुबह 10:30 बजे ताला लगा मिला। केंद्र पर कोई मौजूद नहीं था। केंद्र तक पहुंचने का रास्ता बदहाल था। बारिश के बाद मरीज यहां नहीं आते हैं। परिसर और आसपास पानी तथा कीचड़ जमा होने से मरीज पीएचसी कसियापुर चले जाते हैं।
दोपहर दो बजे उप स्वास्थ्य केंद्र लालीपुर पहुंची। यहां मरीज दवा लेने आए थे। बिना बारिश के भी परिसर में कीचड़ था। हल्की बारिश होने पर करीब 100 मीटर तक पानी भर जाता है, जिससे मरीजों को परेशानी होती है।
औराई के लक्षमणा केंद्र के समीप खड़ंजा बना है, लेकिन बारिश में यहां करीब एक फीट तक पानी भर जाता है। मरीज और तीमारदार जलभराव के बीच होकर केंद्र पहुंचते हैं। केंद्र में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है।
206 उप स्वास्थ्य केंद्रों में 37 को छोड़कर सभी पर रास्ता बन गया है। पंचायत राज विभाग को रास्ता निर्माण के लिए पत्र लिखा गया है। बारिश के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ, भदोही
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हमारी टीम ने शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक जाने वाले रास्तों की पड़ताल की। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के रास्ते ठीक मिले, लेकिन कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक पहुंचने वाले मार्ग बदहाल मिले। जिम्मेदार अधिकारी भी इस समस्या से अनभिज्ञ बने हुए हैं। केंद्रों पर ओपीडी संचालित हो रही है, लेकिन पहुंच मार्ग अधूरा है। 206 में से 37 केंद्र ऐसे हैं, जहां तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता नहीं है। टीम वारी, लक्षमणा, दशवतपुर, नई बाजार और साडा केंद्र पहुंची। कहीं 50 मीटर तो कहीं 500 मीटर तक कच्चा रास्ता है, जहां वाहन भी नहीं पहुंच पाते।
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इन उपकेंद्रों तक पगडंडी और कच्ची सड़क
कटेबना, तिवारीपुर, होलपुर, गड़ेरियापुर, सोनईचा, अरई उपरवार, ऊंज, बिछिया, महजूदा, कोछिया, लालीपुर, बरमोहनी, चौरापुर बैदान, दशवतपुर, वारी, रेगरा, सागरपुर, श्रवेली, भुलईपुर, डमरी, मर्चवार, रवेली, अवसानपुर, मई हरदोपट्टी, बभनौटी, बरदहां, चौरी, उधवा, पिपरिस, रया, नई बाजार, परगासपुर ओल्ड, कुकरौठी, जोगीपुर, असती और माधोपुर आदि।
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आयुर्वेदिक अस्पताल के रास्ते पर जमा है पानी
मोढ़ आयुर्वेदिक अस्पताल जाने वाले रास्ते पर बारिश का पानी जमा है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को मोढ़ बाईपास से होकर आने में दिक्कत होती है। सराय गांव के लोग भी इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार रास्ते की मरम्मत के लिए अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या जस की तस है।
उप स्वास्थ्य केंद्र वारी पर सुबह 10:30 बजे ताला लगा मिला। केंद्र पर कोई मौजूद नहीं था। केंद्र तक पहुंचने का रास्ता बदहाल था। बारिश के बाद मरीज यहां नहीं आते हैं। परिसर और आसपास पानी तथा कीचड़ जमा होने से मरीज पीएचसी कसियापुर चले जाते हैं।
दोपहर दो बजे उप स्वास्थ्य केंद्र लालीपुर पहुंची। यहां मरीज दवा लेने आए थे। बिना बारिश के भी परिसर में कीचड़ था। हल्की बारिश होने पर करीब 100 मीटर तक पानी भर जाता है, जिससे मरीजों को परेशानी होती है।
औराई के लक्षमणा केंद्र के समीप खड़ंजा बना है, लेकिन बारिश में यहां करीब एक फीट तक पानी भर जाता है। मरीज और तीमारदार जलभराव के बीच होकर केंद्र पहुंचते हैं। केंद्र में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है।
206 उप स्वास्थ्य केंद्रों में 37 को छोड़कर सभी पर रास्ता बन गया है। पंचायत राज विभाग को रास्ता निर्माण के लिए पत्र लिखा गया है। बारिश के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ, भदोही