{"_id":"6983a1185e68f8e80609ce9a","slug":"22-private-itis-will-be-inspected-bhadohi-news-c-191-1-gyn1003-138559-2026-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: 22 निजी आईटीआई की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: 22 निजी आईटीआई की होगी जांच
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। जिले के 22 निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की जांच होगी। संस्थान में पढ़ाई, विद्यार्थियों के पंजीकरण, शुल्क प्रतिपूर्ति संग अन्य व्यवस्थाएं देखी जाएगी। सीडीओ ने इसके लिए आठ अधिकारियों की टीम लगाई है।
जांच करके चार दिनों में रिपोर्ट देने के निर्देश दिया है। जिले में तीन राजकीय और 22 निजी आईटीआई संचालित हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के बाद रोजगार के लिए अधिकतर युवा इन संस्थानों में पंजीकरण कराते हैं। जिससे फीटर, इलेक्ट्रॉनिक समेत अन्य ट्रेड से प्रशिक्षण लेकर निजी एवं सरकारी कंपनी में नौकरी करते हैं। 25 कॉलेजों में करीब छह हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इसमें तीन राजकीय कॉलेजों में संख्या 50 फीसदी से अधिक है। निजी कॉलेजों में विद्यार्थियों को प्रवेश तो दिया जाता है, लेकिन पढ़ाई एवं प्रशिक्षण के नाम पर खानापूर्ति होती है।
पूर्व में आने वाली शिकायतों के मद्देनजर सीडीओ ने जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच में संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों की 75 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति, काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेशित छात्रों का विवरण, संस्थान की वैध मान्यता, स्वीकृत सीटों के सापेक्ष प्रवेशित छात्रों की संख्या और निर्धारित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से संबंधित अभिलेखों की बिंदुवार जांच किया जाएगी। संवाद
Trending Videos
जांच करके चार दिनों में रिपोर्ट देने के निर्देश दिया है। जिले में तीन राजकीय और 22 निजी आईटीआई संचालित हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के बाद रोजगार के लिए अधिकतर युवा इन संस्थानों में पंजीकरण कराते हैं। जिससे फीटर, इलेक्ट्रॉनिक समेत अन्य ट्रेड से प्रशिक्षण लेकर निजी एवं सरकारी कंपनी में नौकरी करते हैं। 25 कॉलेजों में करीब छह हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इसमें तीन राजकीय कॉलेजों में संख्या 50 फीसदी से अधिक है। निजी कॉलेजों में विद्यार्थियों को प्रवेश तो दिया जाता है, लेकिन पढ़ाई एवं प्रशिक्षण के नाम पर खानापूर्ति होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व में आने वाली शिकायतों के मद्देनजर सीडीओ ने जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच में संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों की 75 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति, काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेशित छात्रों का विवरण, संस्थान की वैध मान्यता, स्वीकृत सीटों के सापेक्ष प्रवेशित छात्रों की संख्या और निर्धारित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से संबंधित अभिलेखों की बिंदुवार जांच किया जाएगी। संवाद
