{"_id":"6996218d81f1b0bd5d07ba9b","slug":"350-crore-spent-on-filling-corruption-pits-yet-they-werent-filled-now-theyve-become-bigger-bhadohi-news-c-191-1-gyn1003-139167-2026-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: भ्रष्टाचार के गड्ढे पाटने में 3.50 करोड़ खर्च, फिर भी नहीं भरे, अब हुए बड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: भ्रष्टाचार के गड्ढे पाटने में 3.50 करोड़ खर्च, फिर भी नहीं भरे, अब हुए बड़े
विज्ञापन
गोपीगंज से मिर्जापुर जाने वाली जर्जर मार्ग। संवाद
विज्ञापन
ज्ञानपुर। बीते दो साल में 192 सड़कों को गड्ढामुक्त करने में 3.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए। फिर भी ये गड्ढे भरे नहीं, अलबत्ता ये और बड़े होते गए। साल 2025 में 52 सड़कों को गड्ढामुक्त करने में 1.50 करोड़ और साल 2024 में 140 सड़कों को गड्ढामुक्त करने में दो करोड़ रुपये खर्च कर दिए। जनपद को दूसरे जिलों से जोड़ने वाली सात सड़कें फिर से जर्जर हो गई हैं। इन सड़कों की मरम्मत लगभग पांच महीने पहले हुई थी। ये सड़कें जनपद को मिर्जापुर, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर जिले से जोड़ती हैं। इन सड़कों से हर दिन ढाई लाख लोग सफर करते हैं। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे को छोड़ दें तो जिले को जोड़ने वाली अन्य सड़कें खराब हो गई हैं। जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सड़कों को गड्ढामुक्त करने के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। हालांकि, पैचिंग ज्यादा से ज्यादा छह महीने ही टिकती है।
सीन वन :
सुरियावां ब्लॉक गेट से जौनपुर के निगोह तक जाने वाली पांच किलोमीटर लंबी सड़क के गड्ढे एक साल पहले भरे गए थे। अब फिर से इस सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। ये सड़क जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी के आवास की ओर से होकर जाती है। हर दिन इससे 10 हजार लोगों का आना-जाना होता है।
सीन दो :
कैड़ा से गहरपुर जौनपुर तक जाने वाली 2.5 किलोमीटर लंबी सड़क पर 150 से अधिक गड्ढे हैं। 10 साल पहले बनी सड़क को पांच महीने पहले ही गड्ढा मुक्त किया गया था। ये सड़क अब जर्जर हो गई है। हर दिन पांच से छह हजार लोगों का आवागमन होता है।
सीन तीन :
दुर्गागंज से कुढ़वा वारी मार्ग से प्रयागराज तक जाने वाली पांच किलोमीटर लंबी सड़क का नौ साल पहले चौड़ीकरण हुआ था। सवा साल पहले इसे गड्ढामुक्त किया गया था। अब सड़क की हालत फिर से खस्ता हो गई है। हर दिन 10 से 12 हजार लोग इस सड़क से आते-जाते हैं।
सीन चार :
साकेतनगर कुरमैचा से प्रयागराज जिले को जोड़ने वाली डेढ किलोमीटर लंबी सड़क 10 साल से जर्जर है। इस सड़क की गिट्टियां उखड़ गई हैं। इस सड़क से हर दिन पांच से छह हजार लोग आते-जाते हैं। यह सड़क कुरमैचा, नवधन, सीकीचौरा, बिछियां, बनकट और चौराकला गांवों को भी जोड़ती है।
आठ महीने पहले दोनों पटरी पर खोदे गए गड्ढे
जिले को मिर्जापुर को जोड़ने वाले गोपीगंज-मिर्जापुर मार्ग का चौड़ीकरण का काम एक साल से चल रहा है। करीब आठ से दस महीने पहले दोनों पटरी पर गड्ढे खोदे गए हैं। एक महीने पहले उसमें गिट्टियां भरी गईं। इसी तरह जौनपुर-मछलीशहर हाईवे-731बी का है। यहां वाराणसी डिवीजन का काम करीब एक साल से ठप है। यह वाराणसी जाने का प्रमुख मार्ग है। जगह-जगह खोदे गए गड्ढे और अधूरे काम से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
जिले में नवीनीकरण एवं मरम्मतीकरण में सड़कें स्वीकृत हुई हैं। इसमें सीमावर्ती सड़कें भी शामिल हैं। गड्ढा मुक्ति में पैचिंग कार्य कराए गए थे। जलभराव से सड़कों को अधिक नुकसान होता है। सीमावर्ती सड़कों को ठीक कराया जाएगा। - संदीप सरोज, एक्सईएन लोक निर्माण।
Trending Videos
सीन वन :
सुरियावां ब्लॉक गेट से जौनपुर के निगोह तक जाने वाली पांच किलोमीटर लंबी सड़क के गड्ढे एक साल पहले भरे गए थे। अब फिर से इस सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। ये सड़क जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी के आवास की ओर से होकर जाती है। हर दिन इससे 10 हजार लोगों का आना-जाना होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीन दो :
कैड़ा से गहरपुर जौनपुर तक जाने वाली 2.5 किलोमीटर लंबी सड़क पर 150 से अधिक गड्ढे हैं। 10 साल पहले बनी सड़क को पांच महीने पहले ही गड्ढा मुक्त किया गया था। ये सड़क अब जर्जर हो गई है। हर दिन पांच से छह हजार लोगों का आवागमन होता है।
सीन तीन :
दुर्गागंज से कुढ़वा वारी मार्ग से प्रयागराज तक जाने वाली पांच किलोमीटर लंबी सड़क का नौ साल पहले चौड़ीकरण हुआ था। सवा साल पहले इसे गड्ढामुक्त किया गया था। अब सड़क की हालत फिर से खस्ता हो गई है। हर दिन 10 से 12 हजार लोग इस सड़क से आते-जाते हैं।
सीन चार :
साकेतनगर कुरमैचा से प्रयागराज जिले को जोड़ने वाली डेढ किलोमीटर लंबी सड़क 10 साल से जर्जर है। इस सड़क की गिट्टियां उखड़ गई हैं। इस सड़क से हर दिन पांच से छह हजार लोग आते-जाते हैं। यह सड़क कुरमैचा, नवधन, सीकीचौरा, बिछियां, बनकट और चौराकला गांवों को भी जोड़ती है।
आठ महीने पहले दोनों पटरी पर खोदे गए गड्ढे
जिले को मिर्जापुर को जोड़ने वाले गोपीगंज-मिर्जापुर मार्ग का चौड़ीकरण का काम एक साल से चल रहा है। करीब आठ से दस महीने पहले दोनों पटरी पर गड्ढे खोदे गए हैं। एक महीने पहले उसमें गिट्टियां भरी गईं। इसी तरह जौनपुर-मछलीशहर हाईवे-731बी का है। यहां वाराणसी डिवीजन का काम करीब एक साल से ठप है। यह वाराणसी जाने का प्रमुख मार्ग है। जगह-जगह खोदे गए गड्ढे और अधूरे काम से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
जिले में नवीनीकरण एवं मरम्मतीकरण में सड़कें स्वीकृत हुई हैं। इसमें सीमावर्ती सड़कें भी शामिल हैं। गड्ढा मुक्ति में पैचिंग कार्य कराए गए थे। जलभराव से सड़कों को अधिक नुकसान होता है। सीमावर्ती सड़कों को ठीक कराया जाएगा। - संदीप सरोज, एक्सईएन लोक निर्माण।