{"_id":"698502bbbd9fc76eac043a18","slug":"550-crore-will-be-spent-to-build-boundary-walls-in-137-schools-bhadohi-news-c-191-1-svns1015-138594-2026-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: 5.50 करोड़ से 137 स्कूलों में बनेगी चहारदीवारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: 5.50 करोड़ से 137 स्कूलों में बनेगी चहारदीवारी
विज्ञापन
कंपोजिट विद्यालय सारीपुर की टूटी बाउंड्री । संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी ज्ञानपुर।
जिले के 137 परिषदीय विद्यालयों में पांच करोड़ 50 लाख की लागत से चहारदीवारी बनाई जाएगी। इससे इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे सुरक्षित रहेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने चहारदीवारी निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। एक-एक स्कूल पर चार से पांच लाख रुपये खर्च होंगे।
जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं कंपोजिट विद्यालय हैं। ऑपरेशन कायाकल्प और कंपोजिट ग्रांट से स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं में भले ही सुधार हो रहा है, लेकिन अब भी 137 के करीब स्कूलों में चहारदीवारी नहीं है। इससे बच्चों की सुरक्षा का भय बना रहता है। तालाब-पोखरे और सड़कों के किनारे स्थित स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक के साथ शिक्षक भी चिंतित रहते हैं। नदियों के सीमावर्ती स्कूलों में तो कभी कभार जंगली जानवर भी पहुंच जाते हैं। सुरक्षा मानकों के तहत विद्यालयों में चहारदीवारी होना जरूरी है। इससे इतर जिले के 137 स्कूल ऐसे हैं, जिनकी बाउंड्री ही नहीं है। इनमें 105 प्राथमिक और 32 पूर्व माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। गौर करने वाली बात है कि चहारदीवारी विहीन ज्यादातर स्कूल या तो सड़क के किनारे स्थित हैं अथवा तालाब-पोखरों से सटे हैं। मध्यावकाश में जब विद्यार्थी एमडीएम खाने के बाद खेलने जाते हैं, तो चिंता और बढ़ जाती है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अब इन स्कूलों में चहारदीवारी निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। स्वीकृति मिलने पर इसका निर्माण कराया जाएगा। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो 885 में करीब 740 से 745 विद्यालयों में चहारदीवारी का निर्माण हो चुका है। 137 की स्वीकृति मिलने पर शत-प्रतिशत विद्यालय चहारदीवारी से युक्त हो जाएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि 137 विद्यालयों में चहारदीवारी निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। औसतन एक विद्यालय में चार से पांच लाख रुपये खर्च होंगे। करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये चहारदीवारी निर्माण पर खर्च होगा। स्वीकृति मिलने पर काम कराया जाएगा।
Trending Videos
जिले के 137 परिषदीय विद्यालयों में पांच करोड़ 50 लाख की लागत से चहारदीवारी बनाई जाएगी। इससे इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे सुरक्षित रहेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने चहारदीवारी निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। एक-एक स्कूल पर चार से पांच लाख रुपये खर्च होंगे।
जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं कंपोजिट विद्यालय हैं। ऑपरेशन कायाकल्प और कंपोजिट ग्रांट से स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं में भले ही सुधार हो रहा है, लेकिन अब भी 137 के करीब स्कूलों में चहारदीवारी नहीं है। इससे बच्चों की सुरक्षा का भय बना रहता है। तालाब-पोखरे और सड़कों के किनारे स्थित स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक के साथ शिक्षक भी चिंतित रहते हैं। नदियों के सीमावर्ती स्कूलों में तो कभी कभार जंगली जानवर भी पहुंच जाते हैं। सुरक्षा मानकों के तहत विद्यालयों में चहारदीवारी होना जरूरी है। इससे इतर जिले के 137 स्कूल ऐसे हैं, जिनकी बाउंड्री ही नहीं है। इनमें 105 प्राथमिक और 32 पूर्व माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। गौर करने वाली बात है कि चहारदीवारी विहीन ज्यादातर स्कूल या तो सड़क के किनारे स्थित हैं अथवा तालाब-पोखरों से सटे हैं। मध्यावकाश में जब विद्यार्थी एमडीएम खाने के बाद खेलने जाते हैं, तो चिंता और बढ़ जाती है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अब इन स्कूलों में चहारदीवारी निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। स्वीकृति मिलने पर इसका निर्माण कराया जाएगा। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो 885 में करीब 740 से 745 विद्यालयों में चहारदीवारी का निर्माण हो चुका है। 137 की स्वीकृति मिलने पर शत-प्रतिशत विद्यालय चहारदीवारी से युक्त हो जाएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि 137 विद्यालयों में चहारदीवारी निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। औसतन एक विद्यालय में चार से पांच लाख रुपये खर्च होंगे। करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये चहारदीवारी निर्माण पर खर्च होगा। स्वीकृति मिलने पर काम कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
