Bhadohi News: बीमा क्लेम देने में आनाकानी पड़ा महंगा, दो माह में दो लाख 21 हजार 616 रुपये देने का आदेश
उपभोक्ता आयोग ने बीमा क्लेम देने में आनाकानी करने पर छह फीसदी ब्याज के साथ बीमा क्लेम राशि देने का आदेश दिया है। नियत तिथि में क्लेम न देने पर 12 फीसदी ब्याज की दर से राशि चुकानी होगी।
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भदोही जिले में जिला उपभोक्ता आयोग की अदालत ने कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर का दुर्घटना होने पर बीमा राशि न देने की याचिका स्वीकार करते हुए इंश्योरेंस कंपनी को छह फीसदी ब्याज के साथ दो लाख 21 हजार 616 रुपये बीमा राशि अदा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने पीड़ित को वाद व्यय को पांच हजार रुपये देने का भी आदेश दिया। चेताया कि नियत तिथि में क्लेम की राशि न देने पर 12 फीसदी ब्याज से सभी धनाराशि चुकानी होगी।
जिला उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि भदोही तहसील के हरियावं निवासी सुनील कुमार यादव ने कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर खरीदा। जिसका उन्होंने एलआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी से बीमा कराया। बीमा छह सितंबर, 2023 से पांच सितंबर, 2024 तक वैध था। तीन जनवरी 2024 को उनका ट्रैक्टर जुताई के दौरान पेड़ से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया। जिसकी सूचना उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी को चार जनवरी 2024 को ही दे दी।
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आरोप है कि बीमा कंपनी के अधिकारी मौके पर जांच करने पहुंचे और गलत आख्या रिपोर्ट लगाई। जिस पर बीमा कंपनी क्लेम देने से मना कर दिया। जिसके बाद पीड़ित ने 12 जुलाई 2024 को कंपनी के वाराणसी प्रबंधक और मुंबई में महाप्रबंधक के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
जिला उपभोक्ता आयोग के चेयरमैन न्यायाधीश संजय कुमार डे व सदस्य न्यायाधीश दिप्ती श्रीवास्तव व न्यायाधीश विजय बहादुर सिंह की पीठ इस सुनवाई करते हुए याचिका स्वीकार करते हुए इंश्योरेंस कंपनी द्वारा उपभोक्ता की सेवा में कंपनी का दोषी पाया।
कोर्ट ने कंपनी को दो माह भीतर बीमा क्लेम की धनराशि दो लाख 21616 रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। चेताया कि दो माह क्लेम न देने पर पूरी धनराशि 12 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ देनी होगी। वहीं पीड़ित को पांच हजार रुपये वाद खर्च भी देने का आदेश दिया।