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Bhadohi News: नाली के बिना विकास का दावा, बाजारों में तैरती हकीकत
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देवनाथपुर बाजार में सडक पर लगा बरसात का पानी। संवाद
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ज्ञानपुर। जिले के ग्रामीण बाजारों में पानी निकासी का इंतजाम न होने से बारिश के बाद चार से पांच दिनों तक जलभराव बना रहता है। बाजारों में व्यापारियों की दुकानों के सामने हफ्तों तक जमा पानी एक ओर बीमारियों को न्योता दे रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों के कारोबार को भी प्रभावित कर रहा है। जिले के प्रमुख बाजारों में औसतन छह से आठ हजार लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। जिम्मेदारों की उदासीनता से ग्रामीण बाजारों की तस्वीर लगातार खराब हो रही है।
जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें सात निकायों के अलावा बाबूसराय, महाराजगंज, देवनाथपुर, सर्रोई, चौरी, मोढ़, महजूदा, पाली, नागमलपुर, कोईरौना और सीतामढ़ी जैसे अनेक ग्रामीण बाजार हैं। इन बाजारों पर आसपास के गांवों की अर्थव्यवस्था टिकी हुई है। मुख्य बाजारों से दूर बसे इन बाजारों में हर दिन औसतन आठ से 10 हजार लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में व्यापारियों के साथ ग्राहकों को भी परेशानी होती है।
बारिश के दिनों में इन बाजारों की स्थिति और खराब हो जाती है। मुख्य सड़कों के किनारे बसे इन बाजारों में नालियों का निर्माण न होने के कारण हल्की बारिश में ही सड़क के दोनों ओर पानी भर जाता है। यह पानी हफ्ते भर से अधिक समय तक जमा रहता है, जिससे व्यापार प्रभावित होता है।
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नाली का प्रस्ताव, लेकिन बनाते नहीं जिम्मेदार
जिले की मुख्य सड़कों के किनारे बसे इन बाजारों में सड़क निर्माण के दौरान नाली का प्रस्ताव भी शामिल होता है, लेकिन नाली का निर्माण नहीं हो पाता। कुछ दिन पहले ज्ञानपुर-भदोही मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव आया। चौड़ीकरण में देवनाथपुर और ज्ञानपुर के पटेल नगर में नाली निर्माण का भी प्रस्ताव है, लेकिन अब तक नाली नहीं बन सकी है। इसी तरह सुरियावां-पाली मार्ग स्थित महजूदा बाजार में पटरी का निर्माण नहीं किया गया, जिससे बारिश होते ही चारों ओर पानी भर गया।
देवनाथपुर बाजार
भदोही-ज्ञानपुर मार्ग स्थित देवनाथपुर बाजार में बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही पानी भर जाता है। नाली न होने से सड़क के दोनों ओर और बीच सड़क तक पानी भरता है। इससे राहगीरों को परेशानी होती है और व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
कोईरौना बाजार
यह सीतामढ़ी धार्मिक पर्यटनस्थल जाने का मार्ग है। यहां वर्षभर पानी जमा रहने की समस्या बनी रहती है। बारिश के दिनों में सड़क डूब जाती है। दुकानों के सामने और बीच सड़क पर पानी भरने से सड़क भी खराब हो गई है।
नागमलपुर व पाली बाजार
दुर्गागंज-ज्ञानपुर मार्ग के ये दोनों प्रमुख बाजार हैं। यहां एक दिन बारिश होने पर तीन से चार दिनों तक पानी भरा रहता है। एक सप्ताह पहले हुई बारिश के बाद भी दोनों बाजारों में अब तक पानी जमा है।
मेरी चिकित्सा की दुकान है। बारिश के दौरान दुकान के सामने घुटने भर पानी लगा रहता है, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी खबर तक नहीं होती। पूरे बाजार में पानी भरने से बीमारी और दुश्वारियां दोनों बढ़ जाती हैं। - ओमप्रकाश मौर्या, देवनाथपुर
यह सीतामढ़ी जाने का मार्ग है। अक्सर अधिकारी और नेता इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन इस प्रमुख बाजार की दुर्दशा से अब तक निजात नहीं मिल सकी है। नाली का इंतजाम भी नाकाफी है। - देवी प्रसाद यादव, कोईरौना
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जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें सात निकायों के अलावा बाबूसराय, महाराजगंज, देवनाथपुर, सर्रोई, चौरी, मोढ़, महजूदा, पाली, नागमलपुर, कोईरौना और सीतामढ़ी जैसे अनेक ग्रामीण बाजार हैं। इन बाजारों पर आसपास के गांवों की अर्थव्यवस्था टिकी हुई है। मुख्य बाजारों से दूर बसे इन बाजारों में हर दिन औसतन आठ से 10 हजार लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में व्यापारियों के साथ ग्राहकों को भी परेशानी होती है।
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बारिश के दिनों में इन बाजारों की स्थिति और खराब हो जाती है। मुख्य सड़कों के किनारे बसे इन बाजारों में नालियों का निर्माण न होने के कारण हल्की बारिश में ही सड़क के दोनों ओर पानी भर जाता है। यह पानी हफ्ते भर से अधिक समय तक जमा रहता है, जिससे व्यापार प्रभावित होता है।
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नाली का प्रस्ताव, लेकिन बनाते नहीं जिम्मेदार
जिले की मुख्य सड़कों के किनारे बसे इन बाजारों में सड़क निर्माण के दौरान नाली का प्रस्ताव भी शामिल होता है, लेकिन नाली का निर्माण नहीं हो पाता। कुछ दिन पहले ज्ञानपुर-भदोही मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव आया। चौड़ीकरण में देवनाथपुर और ज्ञानपुर के पटेल नगर में नाली निर्माण का भी प्रस्ताव है, लेकिन अब तक नाली नहीं बन सकी है। इसी तरह सुरियावां-पाली मार्ग स्थित महजूदा बाजार में पटरी का निर्माण नहीं किया गया, जिससे बारिश होते ही चारों ओर पानी भर गया।
देवनाथपुर बाजार
भदोही-ज्ञानपुर मार्ग स्थित देवनाथपुर बाजार में बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही पानी भर जाता है। नाली न होने से सड़क के दोनों ओर और बीच सड़क तक पानी भरता है। इससे राहगीरों को परेशानी होती है और व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
कोईरौना बाजार
यह सीतामढ़ी धार्मिक पर्यटनस्थल जाने का मार्ग है। यहां वर्षभर पानी जमा रहने की समस्या बनी रहती है। बारिश के दिनों में सड़क डूब जाती है। दुकानों के सामने और बीच सड़क पर पानी भरने से सड़क भी खराब हो गई है।
नागमलपुर व पाली बाजार
दुर्गागंज-ज्ञानपुर मार्ग के ये दोनों प्रमुख बाजार हैं। यहां एक दिन बारिश होने पर तीन से चार दिनों तक पानी भरा रहता है। एक सप्ताह पहले हुई बारिश के बाद भी दोनों बाजारों में अब तक पानी जमा है।
मेरी चिकित्सा की दुकान है। बारिश के दौरान दुकान के सामने घुटने भर पानी लगा रहता है, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी खबर तक नहीं होती। पूरे बाजार में पानी भरने से बीमारी और दुश्वारियां दोनों बढ़ जाती हैं। - ओमप्रकाश मौर्या, देवनाथपुर
यह सीतामढ़ी जाने का मार्ग है। अक्सर अधिकारी और नेता इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन इस प्रमुख बाजार की दुर्दशा से अब तक निजात नहीं मिल सकी है। नाली का इंतजाम भी नाकाफी है। - देवी प्रसाद यादव, कोईरौना