ज्ञानपुर। ग्रामीण सत्ता पंचायती राज संगठन की जिला इकाई ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग की गई। कहा गया कि पिछले चुनाव में प्रशासकों को जिम्मेदारी दी गई थी, जिससे कई गांवों में गड़बड़ी हुई।
राष्ट्रीय महासचिव राजमणि पांडेय के नेतृत्व में कई गांवों के प्रधान कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनका कहना था कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण प्रशासन की आधारशिला हैं। केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वर्तमान में पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता और जनगणना जैसे राष्ट्रीय कार्य के चलते यदि पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होता है तो प्रशासनिक शून्यता उत्पन्न हो सकती है। इससे विकास कार्य और जनगणना प्रभावित होंगी। संगठन ने मांग की कि वर्तमान ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल तब तक बढ़ाया जाना चाहिए, जब तक नए प्रतिनिधि निर्वाचित होकर कार्यभार ग्रहण न कर लें। साथ ही कार्यकाल विस्तार अवधि में प्रतिनिधियों को प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार देने की मांग भी की गई। इस दौरान अमित मिश्रा, विमलेश चंद यादव, अनिल सिंह, सीताराम बिंद, अर्जुन तिवारी, राकेश मौर्य, अमरनाथ गौतम, संतलाल बिंद, विनय यादव, वतन दुबे, विपिन सिंह, मिंटू सिंह, धीरेंद्र सिंह,लालमणि यादव आदि मौजूद रहे।