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गैस सिलिंडर किल्लत : ढाबा-होटलों में सब्जियों की मेन्यू कम, साउथ इंडीयन और चाइनीज व्यंजन की उपलब्धता नहीं
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भिदिउरा में एक कार्यक्रम में गैस सिलेंडर न मिलने पर भट्ठी पर पक रहा भोजन। संवाद
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ज्ञानपुर। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच देश में उपजे ईंधन संकट के कारण गैस सिलिंडर की किल्लत होने से होटल-रेस्टोरेंट और ढाबों में कोयले की भठ्ठियां जलने लगी हैं। मेन्यू में से साउथ इंडियन और चाइनीज व्यंजन को हटा दिया गया है। होटल और ढाबा संचालक ग्राहकों को सिर्फ सीमित ऑर्डर दे पा रहे हैं। पहले जहां होटलों और रेस्त्रां में 20 प्रकार की सब्जियां मिलती थीं। वहीं, ईंधन संकट के कारण अब पांच प्रकार की सब्जियां ही उपलब्ध हैं।
बीते चार दिनों से सिलिंडर के लिए एजेंसी और गोदामों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी ई-केवाईसी नहीं करा पाने वालों को हो रही है। जिले के ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही क्षेत्र में मुस्लिम आबादी अधिक है। ईद से पहले लोग सिलिंडर भरवाने का इंतजाम करना चाहते हैं। रोजे के दौरान वे धूप में खड़े रहकर सिलिंडर लेने के लिए गोदामों में कतार में खड़े हो रहे हैं। प्रयागराज और वाराणसी दो धार्मिक नगरों को जोड़ने वाले हाईवे पर 25 होटल और ढाबे हैं। सिलिंडर संकट के बीच होटल ढाबों में कोयले का चूल्हा जलने लगा है। दुकानदार किसी तरह से ग्राहकों की डिमांड पूरी कर पा रहे हैं। डीएसओ सुनील कुमार ने बताया कि सिलिंडर की कमी नहीं है। एजेंसियों पर भीड़ भी कम हो रहे हैं। जल्द स्थिति सामान्य हो जाएगी।
नहीं बन पा रहे डोसा और इडली जैसे आइटम
होटल और ढाबा संचालकों का कहना है कि दो धार्मिक नगरियों को जोड़ने वाले इस हाईवे पर ज्यादातर दक्षिण भारत के लोग आते हैं। उन्हें साउथ इंडीयन डिश पसंद होते हैं। सिलिंडर नहीं मिलने से साउथ इंडियन डिश नहीं बन पा रहा हैं। ग्राहकों को इसके लिए पहले ही बता दिया जा रहा है। जिससे कई लोग तो वापस हो जा रहे हैं।
सिलिंडर नहीं मिला तो लड़की की भठ्ठी पर बना पिता की बरसी का खाना
भिदिउरा निवासी मनीष पाठक ने बताया कि रविवार को उनके पिता की पहली बरसी है। सिलिंडर नहीं मिलने के कारण लकड़ी के चुल्हे पर भोजन बनवाना पड़ा।
ढाबा संचालकों की परेशानी
कई पीढि़यों से यह ढाबा चल रहा है। यहां अधिकतर दक्षिण भारत के आते हैं। सिलिंडर नहीं मिलने के कारण पहली बार ऐसा हुआ है कि मैं उनकी मांग पूरी नहीं कर पा रहा हूं। सब्जियों के कम से कम आठ से 10 वैरायिटी नहीं बन रहे। वहीं, फास्टफूड के आइटम भी नहीं बन रहे हैं। - अभिषेक सिंह, संचालक, राजपूत ढाबा।
चार दिनों से सिलिंडर नहीं मिलने के कारण कोयले की भठ्ठी बनाई है। किसी तरह लोगों की जरूरतें पूरी हो रही हैं। भठ्ठी पर रोटियों तो बन जा रही है। सब्जियां बनाने में बहुत परेशानी हो रही है। वहीं, साउथ इंडियन डिश का ऑर्डर लेना बंद कर दिए हैं। - विवेक सिंह, संचालक, शक्ति ढाबा।
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बीते चार दिनों से सिलिंडर के लिए एजेंसी और गोदामों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी ई-केवाईसी नहीं करा पाने वालों को हो रही है। जिले के ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही क्षेत्र में मुस्लिम आबादी अधिक है। ईद से पहले लोग सिलिंडर भरवाने का इंतजाम करना चाहते हैं। रोजे के दौरान वे धूप में खड़े रहकर सिलिंडर लेने के लिए गोदामों में कतार में खड़े हो रहे हैं। प्रयागराज और वाराणसी दो धार्मिक नगरों को जोड़ने वाले हाईवे पर 25 होटल और ढाबे हैं। सिलिंडर संकट के बीच होटल ढाबों में कोयले का चूल्हा जलने लगा है। दुकानदार किसी तरह से ग्राहकों की डिमांड पूरी कर पा रहे हैं। डीएसओ सुनील कुमार ने बताया कि सिलिंडर की कमी नहीं है। एजेंसियों पर भीड़ भी कम हो रहे हैं। जल्द स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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नहीं बन पा रहे डोसा और इडली जैसे आइटम
होटल और ढाबा संचालकों का कहना है कि दो धार्मिक नगरियों को जोड़ने वाले इस हाईवे पर ज्यादातर दक्षिण भारत के लोग आते हैं। उन्हें साउथ इंडीयन डिश पसंद होते हैं। सिलिंडर नहीं मिलने से साउथ इंडियन डिश नहीं बन पा रहा हैं। ग्राहकों को इसके लिए पहले ही बता दिया जा रहा है। जिससे कई लोग तो वापस हो जा रहे हैं।
सिलिंडर नहीं मिला तो लड़की की भठ्ठी पर बना पिता की बरसी का खाना
भिदिउरा निवासी मनीष पाठक ने बताया कि रविवार को उनके पिता की पहली बरसी है। सिलिंडर नहीं मिलने के कारण लकड़ी के चुल्हे पर भोजन बनवाना पड़ा।
ढाबा संचालकों की परेशानी
कई पीढि़यों से यह ढाबा चल रहा है। यहां अधिकतर दक्षिण भारत के आते हैं। सिलिंडर नहीं मिलने के कारण पहली बार ऐसा हुआ है कि मैं उनकी मांग पूरी नहीं कर पा रहा हूं। सब्जियों के कम से कम आठ से 10 वैरायिटी नहीं बन रहे। वहीं, फास्टफूड के आइटम भी नहीं बन रहे हैं। - अभिषेक सिंह, संचालक, राजपूत ढाबा।
चार दिनों से सिलिंडर नहीं मिलने के कारण कोयले की भठ्ठी बनाई है। किसी तरह लोगों की जरूरतें पूरी हो रही हैं। भठ्ठी पर रोटियों तो बन जा रही है। सब्जियां बनाने में बहुत परेशानी हो रही है। वहीं, साउथ इंडियन डिश का ऑर्डर लेना बंद कर दिए हैं। - विवेक सिंह, संचालक, शक्ति ढाबा।