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भूखे को खाना देना नेकी : हाफिज
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बाजार सरदार खां मस्जिद में हाफिज तबरेज को फूल माला से स्वागत किया गया। स्रोत- स्वयं
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रमजान महीने के सोलह रोजे शुक्रवार को पूरे हो गए। इस बीच शहर की विभिन्न मस्जिदों में पहले दौर की तरावीह मुकम्मल होने का सिलसिला जारी है। बीती रात बाजार सरदार खां मोहल्ले की मस्जिद में हाफिज तबरेज अंसारी ने पहले दौर की तरावीह मुकम्मल की। तरावीह मुकम्मल होने के बाद मौजूद लोगों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया।
हाफिज ने कहा कि तरावीह रमजान के दाैरान पढ़नी चाहिए। कहा कि नेकी करने के हजार तरीके हैं। लोगों से प्रेम से बात करें, कोई भूखा हो तो उसे खाना खिला दें। माहे रमजान में विभिन्न मसजिदों में तीसरे दिन से ही नमाजे तरावीह का पहला दौर खत्म होना शुरू हो जाता है।
तीसरे रोजे की शाम मर्यादपट्टी हजरत सैयद सालार मसूद गाजी वाली मस्जिद में हाफिज तालिब खां ने पहला दौर पूरा कराया था। इसी तरह कहीं पांचवें दिन तो कहीं सातवें दिन, दसवें दिन और पंद्रहवें दिन पहले दौर की नमाजे तरावीह मुकम्मल कराई गई।
बीती रात सोलहवें रोजे की रात्रि में हाफिज तबरेज में पहले दौर की तरावीह मुकम्मल करने के बाद कहा कि तरावीह का सिलसिला पूरे रमजान भर चलना चाहिए।
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हाफिज ने कहा कि तरावीह रमजान के दाैरान पढ़नी चाहिए। कहा कि नेकी करने के हजार तरीके हैं। लोगों से प्रेम से बात करें, कोई भूखा हो तो उसे खाना खिला दें। माहे रमजान में विभिन्न मसजिदों में तीसरे दिन से ही नमाजे तरावीह का पहला दौर खत्म होना शुरू हो जाता है।
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तीसरे रोजे की शाम मर्यादपट्टी हजरत सैयद सालार मसूद गाजी वाली मस्जिद में हाफिज तालिब खां ने पहला दौर पूरा कराया था। इसी तरह कहीं पांचवें दिन तो कहीं सातवें दिन, दसवें दिन और पंद्रहवें दिन पहले दौर की नमाजे तरावीह मुकम्मल कराई गई।
बीती रात सोलहवें रोजे की रात्रि में हाफिज तबरेज में पहले दौर की तरावीह मुकम्मल करने के बाद कहा कि तरावीह का सिलसिला पूरे रमजान भर चलना चाहिए।
