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Bhadohi News: जिले में होगी मखाने की खेती 100 किसान होंगे प्रशिक्षित
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जिले में पहली बार मखाने की खेती की जाएगी। इसके लिए शासन से जिले के 100 किसानों को प्रशिक्षण देकर उन्हें खेती करने का तौर तरीका बताया जाएगा। मखाना विकास योजनांतर्गत जिले में खेती की जाएगी। एक हेक्टेयर पर 2.80 लाख रुपये अनुदान राशि मिलेगी।
जिला उद्यान अधिकरी ममता सिंह यादव ने बताया कि मखाने की खेती तालाब या दो फीट पानी भरे खेतों में की जाने वाली जलीय खेती है। इसके लिए चिकन, दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त है। फरवरी से मार्च में बीजों की बोआई या नर्सरी की रोपाई की जाती है। अगस्त-अक्तूबर में फसल तैयार होने पर किसान तालाब में उतर कर बीज निकालते हैं। इसे सुखाकर और फिर गर्म भट्टी में भूनकर मखाना (लावा) तैयार करते हैं। वहीं एक हेक्टेयर में नया तालाब बनाकर खेती करने पर कुल लागत करीब सात लाख रुपये आती है।
बताया कि जिले में किसानों की तलाश की जा रही है। इससे पहले किसानों को प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जाएगा, फिर उन्हें अनुदान का लाभ देकर खेती करने की बारीकियां बताईं जाएंगी। जिससे किसानों को खेती में नुकसान न हो। बताया कि जिले के 100 किसानों को जिला उद्यान विभाग की तरफ से प्रशिक्षिण दिया जाएगा।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए शासन की तरफ से तमाम योजनाएं संचालित है। जैसे मसाले, सब्जियों की खेती से लेकर बागवानी तक की खेती अनुदान पर मिलते हैं। मखाने की खेती करने से पूर्व किसानों को प्रशिक्षिण देकर उन्हे निपुण बनाया जाएगा।
इसके बाद लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। इससे वह अच्छे ढंग से खेती करके उत्पादन कर सकते हैं।
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जिला उद्यान अधिकरी ममता सिंह यादव ने बताया कि मखाने की खेती तालाब या दो फीट पानी भरे खेतों में की जाने वाली जलीय खेती है। इसके लिए चिकन, दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त है। फरवरी से मार्च में बीजों की बोआई या नर्सरी की रोपाई की जाती है। अगस्त-अक्तूबर में फसल तैयार होने पर किसान तालाब में उतर कर बीज निकालते हैं। इसे सुखाकर और फिर गर्म भट्टी में भूनकर मखाना (लावा) तैयार करते हैं। वहीं एक हेक्टेयर में नया तालाब बनाकर खेती करने पर कुल लागत करीब सात लाख रुपये आती है।
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बताया कि जिले में किसानों की तलाश की जा रही है। इससे पहले किसानों को प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जाएगा, फिर उन्हें अनुदान का लाभ देकर खेती करने की बारीकियां बताईं जाएंगी। जिससे किसानों को खेती में नुकसान न हो। बताया कि जिले के 100 किसानों को जिला उद्यान विभाग की तरफ से प्रशिक्षिण दिया जाएगा।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए शासन की तरफ से तमाम योजनाएं संचालित है। जैसे मसाले, सब्जियों की खेती से लेकर बागवानी तक की खेती अनुदान पर मिलते हैं। मखाने की खेती करने से पूर्व किसानों को प्रशिक्षिण देकर उन्हे निपुण बनाया जाएगा।
इसके बाद लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। इससे वह अच्छे ढंग से खेती करके उत्पादन कर सकते हैं।
