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Bhadohi News: आदेश की अवहेलना करने पर डीएम को कारण बताओ नोटिस
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ज्ञानपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश की अनदेखी करने पर जिलाधिकारी शैलेश कुमार को अवमानना नोटिस जारी की है। डीघ ब्लॉक के बड़ागांव में पाई गई 3.68 लाख की वित्तीय अनियमितता के लिए कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुए नोटिस जारी करके एक महीने में कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
कहा कि कार्रवाई के बाद प्रति की एक कॉपी हाईकोर्ट और एक प्रति परिवादी को डाक से भेजने का निर्देश दिया था। डीघ ब्लॉक के बड़ागांव निवासी डॉ. कृष्ण मोहन शुक्ला ने ग्राम प्रधान फूलकुमारी मौर्य के खिलाफ गांव में हुए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने 28 जुलाई 2025 को शिकायत की थी। शिकायत के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर डीएम ने मामले की जांच कराई थी। जांच में पाया गया कि प्रधान ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए परिवार के सदस्य पति, पुत्र, पुत्र वधू और देवर को तीन लाख 68 हजार 13 रुपये अवैधानिक तरीके से मजदूरी के मद में भुगतान किया था। आरोप लगाया कि मामले में प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उसके बाद से अब तक उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज नहीं किए गए।
न ही उन्हें पद से हटाया गया। कार्रवाई नहीं होने शिकायकर्ता डॉ. कृष्ण मोहन ने हाईकोर्ट में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद हाईकोर्ट ने इसे कार्य में लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी शैलेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। एक महीने के भीतर संबंधित प्रधान पर कार्रवाई करके सूचना देने का आदेश दिया।
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कहा कि कार्रवाई के बाद प्रति की एक कॉपी हाईकोर्ट और एक प्रति परिवादी को डाक से भेजने का निर्देश दिया था। डीघ ब्लॉक के बड़ागांव निवासी डॉ. कृष्ण मोहन शुक्ला ने ग्राम प्रधान फूलकुमारी मौर्य के खिलाफ गांव में हुए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने 28 जुलाई 2025 को शिकायत की थी। शिकायत के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर डीएम ने मामले की जांच कराई थी। जांच में पाया गया कि प्रधान ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए परिवार के सदस्य पति, पुत्र, पुत्र वधू और देवर को तीन लाख 68 हजार 13 रुपये अवैधानिक तरीके से मजदूरी के मद में भुगतान किया था। आरोप लगाया कि मामले में प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उसके बाद से अब तक उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज नहीं किए गए।
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न ही उन्हें पद से हटाया गया। कार्रवाई नहीं होने शिकायकर्ता डॉ. कृष्ण मोहन ने हाईकोर्ट में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद हाईकोर्ट ने इसे कार्य में लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी शैलेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। एक महीने के भीतर संबंधित प्रधान पर कार्रवाई करके सूचना देने का आदेश दिया।