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महिलाओं की शिकायतें न हों लंबित : प्रभात
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महिला जनसुनवाई में बोलती राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात। संवाद
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ज्ञानपुर। राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात ने कहा कि महिलाओं से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए। किसी भी विभाग में महिलाओं से जुड़ी शिकायतें लंबित न रहें। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को राजकीय गेस्ट हाउस में एक दिवसीय भ्रमण के दौरान उन्होंने महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की समीक्षा करते समय पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों को निर्देश दिए। इस दौरान 10 में सात शिकायतों का निस्तारण किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि महिलाओं को समय से न्याय मिले। इसकी समय-समय पर शासन स्तर पर मॉनीटरिंग की जा रही है। घरेलू हिंसा, उत्पीड़न सहित अन्य मामलों की जांच करके पीड़िता को समय से न्याय दिलाया जाए। उन्होंने साइबर के प्रकरणों और सोशल मीडिया पर चरित्र को लांछन करने के लिए पोस्ट होने वाले मामलों को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में महिला संबंधित मामला लंबित नहीं रहना चाहिए।
10 प्रार्थना पत्रों में छह दहेज उत्पीड़न, एक घरेलू हिंसा और तीन मारपीट और शादी विच्छेदन से जुड़े रहे। महिला एवं कल्याण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, कन्या सुमंगला योजना, स्पांसरशिप सहित अन्य योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
उन्होंने सभी विभाग के अफसरों को निर्देश दिया कि महिलाओं से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारित किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी शत्रुघ्न कन्नौजिया, राजकुमार गुप्ता, महेंद्र गुप्ता, रेशमा भारती, प्रियंका गुप्ता, आलोक दूबे, आनंद मौर्या, अभिषेक यादव रहे।
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बुधवार को राजकीय गेस्ट हाउस में एक दिवसीय भ्रमण के दौरान उन्होंने महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की समीक्षा करते समय पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों को निर्देश दिए। इस दौरान 10 में सात शिकायतों का निस्तारण किया गया।
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उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि महिलाओं को समय से न्याय मिले। इसकी समय-समय पर शासन स्तर पर मॉनीटरिंग की जा रही है। घरेलू हिंसा, उत्पीड़न सहित अन्य मामलों की जांच करके पीड़िता को समय से न्याय दिलाया जाए। उन्होंने साइबर के प्रकरणों और सोशल मीडिया पर चरित्र को लांछन करने के लिए पोस्ट होने वाले मामलों को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में महिला संबंधित मामला लंबित नहीं रहना चाहिए।
10 प्रार्थना पत्रों में छह दहेज उत्पीड़न, एक घरेलू हिंसा और तीन मारपीट और शादी विच्छेदन से जुड़े रहे। महिला एवं कल्याण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, कन्या सुमंगला योजना, स्पांसरशिप सहित अन्य योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
उन्होंने सभी विभाग के अफसरों को निर्देश दिया कि महिलाओं से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारित किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी शत्रुघ्न कन्नौजिया, राजकुमार गुप्ता, महेंद्र गुप्ता, रेशमा भारती, प्रियंका गुप्ता, आलोक दूबे, आनंद मौर्या, अभिषेक यादव रहे।
